नारनौल। रमजान के ईद पर शिवाजी नगर स्थित जामा मस्जिद में मंगलवार की सुबह नौ बजे ईद की नमाज अदा की गई। इस दौरान देश में अमन-चैन और भाई चारे की दुआ की गई। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी।
इमाम मोहम्मद हनीफ गौरवाल ने बताया कि हर मजहब के कुछ खास त्यौहार ईद बकरा, ईद, शबे बरात, होली, दीपावली होते हैं जिस दिन लोग खुशियां मनाते हैं। ऐसे ही आज ईद का दिन खुशी का दिन है। मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्यौहार ईद होता है। जब ईद के चांद का दीदार पूरी दुनिया में होता है तो रोजा रखना मुकम्मल होता है। ईद इस्लाम के सबसे खास त्योहारों में से एक है। यह त्यौहार लोगों के बीच प्रेम और भाईचारे का प्रतीक रहा है और साथ ही बच्चे-बड़े ईदी पाने के लिए इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। रमजान का महीना खत्म होने के बाद मीठी ईद मनाई जाती है। पूरे एक महीने के रोजे रखने के बाद ईद आती है। ईद पर मस्जिदों में सामूहिक नमाज पढ़ी जाती है और अल्लाह का शुक्र अदा करके जश्न मनाने के लिए एकत्रित होते हैं। ईद-उल-फितर के त्योहार पर एक दूसरे को गले मिलकर प्यार दिया जाता है। अल्लाह रब्बुल इज्जत ने हम मुसलमानों के लिए ये ईद का दिन माहे रमजानुल मुबारक के महीने के बदले में दिया है। हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि हमारे मुल्क हिंदुस्तान में अमन और भाई चारा कायम रहे। इस दौरान बशीर अहमद, शमीम अहमद, समीर, नदीम, इकबाल, परवेज राणा, समीर राणा उपस्थित रहे।