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राजकीय कालेज में लगेंगी साइंस की स्मार्ट कक्षाएं
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Thu, 29 Sep 2016 01:00 AM IST
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स्मार्ट सिटी
- फोटो : अमर उजाला
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राजकीय कालेज नांगल चौधरी को तीन साल पहले साइंस स्ट्रीम उपलब्ध करवा दी गई। नए शैक्षणिक सत्र में साइंस विषय की स्मार्ट कक्षाएं लगेंगी। इसके तहत विद्यार्थियों को आधुनिक लैब, आग बुझाने के यंत्रों से सुसज्जित एसी कमरे और सुचारु बिजली सप्लाई मिलेगी। जिससे विद्यार्थी एकाग्रचित्त होकर पढ़ाई कर सकेंगे। ये जानकारी प्राचार्य हरलाल ने दी।
जानकारी के अनुसार नांगल चौधरी कालेज में कला एवं कामर्स संकाय के दाखिलों की मंजूरी मिली थी। कामर्स में 80 व आर्ट विषय की 400 सीट स्वीकृत हैं। उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा 24 मई 2013 को कालेज में साइंस ब्लाक निर्माण के लिए बजट और दाखिले करने संबंधित आदेश जारी किए गए थे।
आदेशों में 41 दाखिले होने के बाद निर्माण शुरू करने की हिदायत दी गई। दाखिले कम होने पर कालेज की साइंस स्ट्रीम को बंद करने की चेतावनी दी गई। साइंस स्ट्रीम मिलने पर कालेज में भवनों की किल्लत हो गई। करीब आठ कमरों में 1800 विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों में बैंच डलवानी पड़ती हैं। समाधान को लेकर 2014 में विभागीय आर्केटेक्ट द्वारा स्वीकृत साइंस कैंपस का नक्शा तैयार किया गया है।
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जिसके मुताबिक पीडब्ल्यूडी विभाग ने लागत एस्टिमेट बनाया और विभाग को भेजा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर जून 2014 में निर्माण कार्य शुरू किया गया। दो मंजिला कैंपस का निर्माण जनवरी 2016 में पूरा हो गया। सजावट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने कैंपस को कालेज प्रशासन के हैंडओवर कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग के सहयोग से स्मार्ट कक्षाएं लगाने की रूपरेखा बनाई गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जनरेटर, आग बुझाने के यंत्र, एयर कंडीशनर व अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
आधुनिक कैंपस पर 2.90 करोड़ खर्च
2.90 करोड़ की लागत से दो मंजिला साइंस कैंपस बनाया गया है। जिसमें पांच स्टडी रूम, 6 लेबोरेट्री रूम तथा पांच कमरे बतौर कार्यालय उपलब्ध रहेंगे। इसी कैंपस में टायलेट व शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा कैंपस में लाइब्रेरी कक्ष उपलब्ध रहेगा।
एकमात्र कालेज, जिसमें स्मार्ट कक्षाएं लगेंगी
प्राचार्य हरलाल ने बताया कि नांगल चौधरी राजकीय कालेज जिले की एकमात्र कालेज है, जिसमें स्मार्ट कक्षाओं की व्यवस्था होगी। आउट सोर्सिंग पालिसी के तहत प्रवक्ता नियुक्त कर लिए हैं। विद्यार्थियों की शिक्षा व अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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जानकारी के अनुसार नांगल चौधरी कालेज में कला एवं कामर्स संकाय के दाखिलों की मंजूरी मिली थी। कामर्स में 80 व आर्ट विषय की 400 सीट स्वीकृत हैं। उच्चतर शिक्षा निदेशालय द्वारा 24 मई 2013 को कालेज में साइंस ब्लाक निर्माण के लिए बजट और दाखिले करने संबंधित आदेश जारी किए गए थे।
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आदेशों में 41 दाखिले होने के बाद निर्माण शुरू करने की हिदायत दी गई। दाखिले कम होने पर कालेज की साइंस स्ट्रीम को बंद करने की चेतावनी दी गई। साइंस स्ट्रीम मिलने पर कालेज में भवनों की किल्लत हो गई। करीब आठ कमरों में 1800 विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों में बैंच डलवानी पड़ती हैं। समाधान को लेकर 2014 में विभागीय आर्केटेक्ट द्वारा स्वीकृत साइंस कैंपस का नक्शा तैयार किया गया है।
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जिसके मुताबिक पीडब्ल्यूडी विभाग ने लागत एस्टिमेट बनाया और विभाग को भेजा गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर जून 2014 में निर्माण कार्य शुरू किया गया। दो मंजिला कैंपस का निर्माण जनवरी 2016 में पूरा हो गया। सजावट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने कैंपस को कालेज प्रशासन के हैंडओवर कर दिया। पीडब्ल्यूडी विभाग के सहयोग से स्मार्ट कक्षाएं लगाने की रूपरेखा बनाई गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जनरेटर, आग बुझाने के यंत्र, एयर कंडीशनर व अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
आधुनिक कैंपस पर 2.90 करोड़ खर्च
2.90 करोड़ की लागत से दो मंजिला साइंस कैंपस बनाया गया है। जिसमें पांच स्टडी रूम, 6 लेबोरेट्री रूम तथा पांच कमरे बतौर कार्यालय उपलब्ध रहेंगे। इसी कैंपस में टायलेट व शौचालय की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा कैंपस में लाइब्रेरी कक्ष उपलब्ध रहेगा।
एकमात्र कालेज, जिसमें स्मार्ट कक्षाएं लगेंगी
प्राचार्य हरलाल ने बताया कि नांगल चौधरी राजकीय कालेज जिले की एकमात्र कालेज है, जिसमें स्मार्ट कक्षाओं की व्यवस्था होगी। आउट सोर्सिंग पालिसी के तहत प्रवक्ता नियुक्त कर लिए हैं। विद्यार्थियों की शिक्षा व अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।