नारनौल। कोरोना वायरस के कारण लगाए गए लोकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रहे इस बात के मद्देनजर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दी जा रही विभिन्न प्रकार की पैंशन के लाभार्थियों को 3 माह में बैंक से पेंशन राशि निकासी की अनिवार्यता को 30 जून तक समाप्त कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव ने बताया कि विभाग द्वारा पहले यह नियम बनाए गए थे कि सभी प्रकार की पेंशन लाभार्थी तीन माह में एक बार अपनी पेंशन को बैंक खाते से अवश्य निकालें। कोरोना वायरस को देखते हुए पेंशन लाभार्थियों की जरूरतों व सामाजिक दूरी बनाए रखने को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा अब यह निर्णय लिया गया है। पेंशन लाभार्थियों द्वारा उनके संज्ञान में जब यह बात दिलवाई गई कि तीन महीने में एक बार बैंक से पेंशन नहीं निकालने पर उनकी पेंशन विभाग द्वारा बंद कर दी जाएगी तब सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश के सभी पेंशन लाभार्थियों की मार्च माह की पेंशन जल्द ही जारी कर दी जायेगी। यादव ने बताया कि हरियाणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वोडाफोन एम पैसा से पहले प्राप्त कर रहे ऐसे 4876 पेंशन लाभार्थियों का 2 करोड़ 43 लाख 57 हजार 600 रुपये एरियर के रूप में भी जारी किया गया है, जो कि 2 से 7 महीने तक का पेंशन एरियर लाभार्थियों का बकाया था। महेंद्रगढ जिले के 2709 लाभार्थी, करनाल के 997, सोनीपत के 676,मेवात के 489 व फतेहाबाद के 5 लाभार्थी शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 लाख 43 हजार 82 कुल पेंशन लाभार्थी हैं। जिनमें वृद्वावस्था सम्मान भत्ता के 1716103,विधवा पेंशन के 738064,दिव्यांग पेंशन के 713020,लाडली पेंशन के 42756, निराश्रित बच्चों की पेंशन के 159734, मंदबुद्धि पेंशन के 13321, बौना भत्ता के 36 व किन्नर पेंशन के 31 लाभार्थी शामिल हैं।