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जिले का नाम महेंद्रगढ़ से नारनौल करने पर सरकार ने मांगी राय, संगठनों ने जताया रोष
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12 दिन पहले पांच नवंबर को विधानसभा के सत्र में जवाब देते हुए डिप्टी स्पीकर दुष्यंत चौटाला ने कहा था कि महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। 17 नवंबर की शाम डीसी का एक लेटर जिले के सरपंचों के पास पहुंचा, जिसमें जिला महेंद्रगढ़ को जिला नारनौल करने के बारे में उनकी राय मांगी गई है। जिले का नाम बदलने की प्रक्रिया का सामाजिक संगठनों ने विरोध जताते हुए आंदोलन का एलान किया है।
विधानसभा सत्र में पांच नवंबर को महेंद्रगढ़ के विधायक राव दान सिंह ने जिले का नाम बदलने पर सवाल पूछा था। विधायक ने कहा कि शुरूआत से ही जिला महेंद्रगढ़ एट नारनौल लिखा जाता रहा है। जिले का नाम बदलना भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। सरकार भले ही नारनौल को नया जिला बनाए लेकिन महेंद्रगढ़ जिले से छेड़छाड़ न की जाए। विधानसभा में इसका जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिले का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव हमारे पास विचाराधीन नहीं है। 17 नवंबर की रात को एक चिट्ठी सरपंचों को भेजी गई, जिसमें जिले का नाम बदलने के बारे में उनकी राय पूछी गई है। उपायुक्त कार्यालय ने खंड पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम यह पत्र भेजा है। सरताज ग्रुप के पीआरओ कुुलदीप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने 29 अक्तूबर को महेंद्रगढ़ के डीसी को जिला का नाम बदलने के बारे में स्मरण पत्र भेजा था। पिछले साढे़ चार महीने से यह प्रक्रिया चल रही थी। इसके बावजूद डिप्टी सीएम ने विधानसभा पटल पर झूठ बोला। जिले का नाम किसी सूरत में नहीं बदलने देंगे।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
प्रदेश सरकार ने नए जिलों , तहसील, उप तहसील बनाने के बारे में री-आर्गेनाइजेशन कमेटी ने 3 जून 2020 को आयोजित बैठक में हांसी, गोहाना को नया जिला बनाने तथा महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदलकर नारनौल किए जाने पर मंथन किया। पांच जून 2020 को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला साइबर चौपाल के जरिए युवाओं को सोशल मीडिया के जवाब देते हुए कहा था कि इस बारे में डीसी के माध्यम से लोगों की राय ली जाएगी। जो बहुमत का फैसला होगा उसे ही लागू किया जाएगा। जून महीने में महेंद्रगढ़ के लोगों ने महापंचायत बुलाई, जिसमें विधायक राव दान सिंह, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा सहित ने भी हिस्सा लिया। विधायक राव दान सिंह ने इस मुद्दे को सदन में उठाने का भरोसा दिलाया। महापंचायत में महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति ने इस बारे में विधायक, पूर्व मंत्री, सांसद, शिक्षामंत्री सहित कई अन्य प्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे थे।
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जिले का नाम बदलने के बारे में हमारे साथ विश्वासघात किया गया है। हमें इस धोखे की उम्मीद नहीं थी। महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति के सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही समिति की बैठक बुुलाकर महापंचायत बुलाने पर फैसला किया जाएगा। अब आर पार की लड़ाई के लिए मैदान में आना होगा।
- डॉ. प्रेम राज, प्रधान, महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति।
राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने 30 जुलाई पत्र भेजा। जिसमें जिले के नाम को बदलने पर सरपंचों की राय पूछी गई। इसके बाद 15 सितंबर को दोबारा से स्मरण पत्र भेजा। 29 अक्तूबर को दूसरा स्मरण पत्र भेजा गया। जो महेंद्रगढ़ में 17 नवंबर डीसी की ओर से यह पत्र डीडीपीओ के जरिए सरपंचों को भेजा गया है। पिछले साढे़ चार महीने से यह प्रक्रिया चल रही थी। डिप्टी सीएम ने विधानसभा पटल पर झूठ बोला। इस प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो आंदोलन होगा।
- कुलदीप यादव, पीआरओ, सरताज ग्रुप, महेंद्रगढ़
यह महेंद्रगढ़ के मान सम्मान पर आघात है। सरकार समझ ले हमारे गौरव के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने विधानसभा में झूठ क्यों बोला, इसका हिसाब लेंगे। पिछले पांच महीने में जिले का नाम बदलने के बारे में तीन बार पत्र भेजे गए हैं। हम जन आंदोलन के लिए युवाओं से संपर्क साध रहे हैं। सभी दलों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर आकर सीएम से सीधी बात करनी चाहिए।
- संदीप मालड़ा, अध्यक्ष, श्रीसुंडाराम ट्रस्ट, महेंद्रगढ़
मैंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया तो डिप्टी सीएम ने सदन में खड़े होकर कहा था कि जिला महेंद्रगढ़ का नाम नहीं बदला जा रहा। नाम बदला गया तो यह क्षेत्र के हितों से खिलवाड़ होगा। अगर नारनौल को जिला बनाना चाहे तो हम समर्थन करेंगे। प्रदेश सरकार महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। अगर सरकार ने महेंद्रगढ़ का नाम को बदला तो जन आंदोलन किया जाएगा।
- राव दान सिंह, विधायक, महेंद्रगढ़।
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विधानसभा सत्र में पांच नवंबर को महेंद्रगढ़ के विधायक राव दान सिंह ने जिले का नाम बदलने पर सवाल पूछा था। विधायक ने कहा कि शुरूआत से ही जिला महेंद्रगढ़ एट नारनौल लिखा जाता रहा है। जिले का नाम बदलना भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। सरकार भले ही नारनौल को नया जिला बनाए लेकिन महेंद्रगढ़ जिले से छेड़छाड़ न की जाए। विधानसभा में इसका जवाब देते हुए डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिले का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव हमारे पास विचाराधीन नहीं है। 17 नवंबर की रात को एक चिट्ठी सरपंचों को भेजी गई, जिसमें जिले का नाम बदलने के बारे में उनकी राय पूछी गई है। उपायुक्त कार्यालय ने खंड पंचायत विकास अधिकारी के माध्यम यह पत्र भेजा है। सरताज ग्रुप के पीआरओ कुुलदीप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने 29 अक्तूबर को महेंद्रगढ़ के डीसी को जिला का नाम बदलने के बारे में स्मरण पत्र भेजा था। पिछले साढे़ चार महीने से यह प्रक्रिया चल रही थी। इसके बावजूद डिप्टी सीएम ने विधानसभा पटल पर झूठ बोला। जिले का नाम किसी सूरत में नहीं बदलने देंगे।
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ऐसे शुरू हुआ विवाद
प्रदेश सरकार ने नए जिलों , तहसील, उप तहसील बनाने के बारे में री-आर्गेनाइजेशन कमेटी ने 3 जून 2020 को आयोजित बैठक में हांसी, गोहाना को नया जिला बनाने तथा महेंद्रगढ़ जिले का नाम बदलकर नारनौल किए जाने पर मंथन किया। पांच जून 2020 को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला साइबर चौपाल के जरिए युवाओं को सोशल मीडिया के जवाब देते हुए कहा था कि इस बारे में डीसी के माध्यम से लोगों की राय ली जाएगी। जो बहुमत का फैसला होगा उसे ही लागू किया जाएगा। जून महीने में महेंद्रगढ़ के लोगों ने महापंचायत बुलाई, जिसमें विधायक राव दान सिंह, पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा सहित ने भी हिस्सा लिया। विधायक राव दान सिंह ने इस मुद्दे को सदन में उठाने का भरोसा दिलाया। महापंचायत में महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति ने इस बारे में विधायक, पूर्व मंत्री, सांसद, शिक्षामंत्री सहित कई अन्य प्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपे थे।
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जिले का नाम बदलने के बारे में हमारे साथ विश्वासघात किया गया है। हमें इस धोखे की उम्मीद नहीं थी। महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति के सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही समिति की बैठक बुुलाकर महापंचायत बुलाने पर फैसला किया जाएगा। अब आर पार की लड़ाई के लिए मैदान में आना होगा।
- डॉ. प्रेम राज, प्रधान, महेंद्रगढ़ संघर्ष समिति।
राजस्व विभाग के वित्तायुक्त ने 30 जुलाई पत्र भेजा। जिसमें जिले के नाम को बदलने पर सरपंचों की राय पूछी गई। इसके बाद 15 सितंबर को दोबारा से स्मरण पत्र भेजा। 29 अक्तूबर को दूसरा स्मरण पत्र भेजा गया। जो महेंद्रगढ़ में 17 नवंबर डीसी की ओर से यह पत्र डीडीपीओ के जरिए सरपंचों को भेजा गया है। पिछले साढे़ चार महीने से यह प्रक्रिया चल रही थी। डिप्टी सीएम ने विधानसभा पटल पर झूठ बोला। इस प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो आंदोलन होगा।
- कुलदीप यादव, पीआरओ, सरताज ग्रुप, महेंद्रगढ़
यह महेंद्रगढ़ के मान सम्मान पर आघात है। सरकार समझ ले हमारे गौरव के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने विधानसभा में झूठ क्यों बोला, इसका हिसाब लेंगे। पिछले पांच महीने में जिले का नाम बदलने के बारे में तीन बार पत्र भेजे गए हैं। हम जन आंदोलन के लिए युवाओं से संपर्क साध रहे हैं। सभी दलों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर आकर सीएम से सीधी बात करनी चाहिए।
- संदीप मालड़ा, अध्यक्ष, श्रीसुंडाराम ट्रस्ट, महेंद्रगढ़
मैंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया तो डिप्टी सीएम ने सदन में खड़े होकर कहा था कि जिला महेंद्रगढ़ का नाम नहीं बदला जा रहा। नाम बदला गया तो यह क्षेत्र के हितों से खिलवाड़ होगा। अगर नारनौल को जिला बनाना चाहे तो हम समर्थन करेंगे। प्रदेश सरकार महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोगों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। अगर सरकार ने महेंद्रगढ़ का नाम को बदला तो जन आंदोलन किया जाएगा।
- राव दान सिंह, विधायक, महेंद्रगढ़।