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कनीना क्षेत्र मेंलगातार बढ़ रहा है डेंगू का डंक, अब तक आ चुके हैं 14 लोग पॉजिटिव
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डेंगू के लारवा की जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : Narnol
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क्षेत्र में डेंगू का डंक लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते यह आंकड़ा भी 14 पार कर गया है। उप नागरिक अस्पताल कनीना के तहत आने वाले 37 गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में लार्वा मिलने पर 450 लोगों को नोटिस दिए थे। स्वास्थ्य निरीक्षक शीशराम ने बताया कि उप नागरिक अस्पताल कनीना के अंतर्गत 37 गांव हैं। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर डेंगू का लार्वा जांच कर रही है जहां जिस गांव में डेंगू का लार्वा मिलता है, वहां लोगों को नोटिस दिया जाता है।
अधिकतर लार्वा पानी में रुके हुए टैंक, बाहर पड़े हुए बर्तन, टायर, कूलर में मिल रहा है। सबसे पहला डेंगू का मरीज दो माह पूर्व गांव कोका में मिला था। इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक कनीना में 3, दौंगड़ा अहीर में 2, बेवल में 2, भालखी में 3, झिगावन में 1, कोका में 1, कलवाड़ी में 2 डेंगू से पीड़ित रोगी मिले हैं। जबकि तीन संभावित डेंगू रोगियों की जांच रिपोर्ट आनी अभी शेष है।
नगर पालिका कनीना द्वारा कनीना के तकरीबन सभी वार्डों में फॉकिंग करवा दी गई है। उप नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवो में फॉगिंग करवाने के लिए उप मंडल अधिकारी नागरिक, बीडीपीओ कार्यालय में पत्र 13 अक्तूबर को दे दिया गया था।
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जहां मिला लार्वा वहां दिया नोटिस
स्वास्थ्य निरीक्षक शीशराम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उप नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवों में डेंगू के लार्वा की जांच की गई है। जांच के दौरान जिनके लार्वा मिला, उन्हें नोटिस दिया जा चुका है।
लोग बोले, नहीं मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
राकेश, महेश, देवेंद्र, सूरजभान, पंकज, प्रियंका, रोनिका, स्वीटी ने बताया कि अधिकांश गांव में सफाई के अभाव में नालियों में गंदा पानी जमा हो रहा है। इस गंदे पानी में लगातार मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। उप नागरिक अस्पताल कनीना में डेंगू होने पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। प्लेटलेट्स कम होने पर बाहर रेफर कर दिया जाता है। डेंगू के लक्षण मिलने पर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है।
प्लेटलेट्स कम होने पर किया जाता है रेफर
अस्पतालों में डेंगू से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अधिक प्लेटलेट्स कम होने पर रोगी को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है, क्योंकि अभी जिले में कहीं भी प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
-धर्मेंद्र यादव, प्रवर चिकित्सा अधिकारी।
गांव में शुरू हुआ फॉगिंग का कार्य
गांव में फॉगिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी तक गाहड़ा, छितरौली, उन्हानी, चेलावास, पाथेड़ा गांव में फॉगिंग करवा दी गई है। बाकी बचे हुए गांवों में जल्द ही करवा दी जाएगी। -अरविंद यादव, एसईपीओ
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अधिकतर लार्वा पानी में रुके हुए टैंक, बाहर पड़े हुए बर्तन, टायर, कूलर में मिल रहा है। सबसे पहला डेंगू का मरीज दो माह पूर्व गांव कोका में मिला था। इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक कनीना में 3, दौंगड़ा अहीर में 2, बेवल में 2, भालखी में 3, झिगावन में 1, कोका में 1, कलवाड़ी में 2 डेंगू से पीड़ित रोगी मिले हैं। जबकि तीन संभावित डेंगू रोगियों की जांच रिपोर्ट आनी अभी शेष है।
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नगर पालिका कनीना द्वारा कनीना के तकरीबन सभी वार्डों में फॉकिंग करवा दी गई है। उप नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवो में फॉगिंग करवाने के लिए उप मंडल अधिकारी नागरिक, बीडीपीओ कार्यालय में पत्र 13 अक्तूबर को दे दिया गया था।
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जहां मिला लार्वा वहां दिया नोटिस
स्वास्थ्य निरीक्षक शीशराम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उप नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाले गांवों में डेंगू के लार्वा की जांच की गई है। जांच के दौरान जिनके लार्वा मिला, उन्हें नोटिस दिया जा चुका है।
लोग बोले, नहीं मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
राकेश, महेश, देवेंद्र, सूरजभान, पंकज, प्रियंका, रोनिका, स्वीटी ने बताया कि अधिकांश गांव में सफाई के अभाव में नालियों में गंदा पानी जमा हो रहा है। इस गंदे पानी में लगातार मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही है। उप नागरिक अस्पताल कनीना में डेंगू होने पर चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। प्लेटलेट्स कम होने पर बाहर रेफर कर दिया जाता है। डेंगू के लक्षण मिलने पर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों के निजी अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा है।
प्लेटलेट्स कम होने पर किया जाता है रेफर
अस्पतालों में डेंगू से पीड़ित मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अधिक प्लेटलेट्स कम होने पर रोगी को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है, क्योंकि अभी जिले में कहीं भी प्लेटलेट्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
-धर्मेंद्र यादव, प्रवर चिकित्सा अधिकारी।
गांव में शुरू हुआ फॉगिंग का कार्य
गांव में फॉगिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी तक गाहड़ा, छितरौली, उन्हानी, चेलावास, पाथेड़ा गांव में फॉगिंग करवा दी गई है। बाकी बचे हुए गांवों में जल्द ही करवा दी जाएगी। -अरविंद यादव, एसईपीओ