{"_id":"6744e437968f3e1fbc049274","slug":"crowd-of-viral-and-cold-patients-gathered-in-civil-hospital-narnol-news-c-203-1-sroh1010-113471-2024-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में वायरल और सर्दी-जुकाम के मरीजों की उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: नागरिक अस्पताल में वायरल और सर्दी-जुकाम के मरीजों की उमड़ी भीड़
Tue, 26 Nov 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 26 Nov 2024 02:25 AM IST
विज्ञापन
कनीना। सर्दी के मौसम को देखते हुए उप नागरिक अस्पताल कनीना में वायरल व सर्दी-जुकाम के अधिक मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 400 से अधिक ओपीडी हो रही है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण अस्थमा के मरीज, सामान्य चिकित्सक के पास और बच्चों की ओपीडी में भीड़ हो रही है।
बढ़ते प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इसी के साथ ठंड बढ़ने के कारण वायरल के मरीजों में भी इजाफा देखने को मिला है। इन मरीजों की संख्या में पिछले दिनों की तुलना में करीब डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। इनमें वायरल के करीब 400 मरीज दर्ज किए गए हैं। आंखों में जलन के पहले मरीजों की संख्या 10 से 20 के आसपास थी, अब संख्या 50 से 60 पहुंच चुकी है। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में बाहर निकलने पर मास्क लगाने की सलाह दी है।
उप नागरिक अस्पताल की सामान्य ओपीडी में 80 से अधिक मरीज अस्थमा के आ रहे हैं। इनमें फेफड़ों में ही संक्रमण के ज्यादा पीड़ित हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है। जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 40 साल से ज्यादा के व्यक्तियों में परेशानी अधिक है। इनमें से हर रोज दो से लेकर चार मरीज तो ऐसे होते हैं कि उनको सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होती है, उनको भर्ती भी करना पड़ जाता है। बच्चों के फेफड़ों में भी संक्रमण की बीमारी निकल रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
इन बातों को रखे ध्यान
- एक से दो वर्ष के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श करें
-प्रदूषण को देखते हुए अभिभावक बच्चों को स्कूल व घर से बाहर जाने पर मास्क अवश्य पहनाएं ।
- बच्चों को बोतल का दूध न दें। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है।
-बच्चों को भीड़भाड़ वाले में ले जाने से बचें।
-शिशु को फीड कराने वाली माताएं स्वयं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
-अस्थमा के मरीज इनहेलर बंद न करें।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन
इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।- डॉ. सुंदरलाल, चिकित्सक, उप नागरिक अस्पताल, कनीना
-- -- -- -- -- -- -- --
मौसम में अचानक ठंड और प्रदूषण बढ़ने के कारण सर्दी जुकाम, बुखार व संक्रमण के मामले बढ़े हैं। इस मौसम में बाजार की तली भुनी और पैकेट खाद्य पदार्थ की चीजें खाने से परहेज करें। स्वयं का ख्याल रखें। जरूरत हो तो ही घर से बाहर निकलें। मास्क जरूर पहनें। स्वास्थ्य बिगड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. जितेन्द्र मोरवाल, चिकित्सक, उप नागरिक अस्पताल कनीना।
विज्ञापन
बढ़ते प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन, त्वचा पर एलर्जी, सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। इसी के साथ ठंड बढ़ने के कारण वायरल के मरीजों में भी इजाफा देखने को मिला है। इन मरीजों की संख्या में पिछले दिनों की तुलना में करीब डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। इनमें वायरल के करीब 400 मरीज दर्ज किए गए हैं। आंखों में जलन के पहले मरीजों की संख्या 10 से 20 के आसपास थी, अब संख्या 50 से 60 पहुंच चुकी है। चिकित्सकों ने ऐसे मौसम में बाहर निकलने पर मास्क लगाने की सलाह दी है।
विज्ञापन
उप नागरिक अस्पताल की सामान्य ओपीडी में 80 से अधिक मरीज अस्थमा के आ रहे हैं। इनमें फेफड़ों में ही संक्रमण के ज्यादा पीड़ित हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है। जो मरीज आ रहे हैं, उनमें 40 साल से ज्यादा के व्यक्तियों में परेशानी अधिक है। इनमें से हर रोज दो से लेकर चार मरीज तो ऐसे होते हैं कि उनको सांस लेने में ज्यादा दिक्कत होती है, उनको भर्ती भी करना पड़ जाता है। बच्चों के फेफड़ों में भी संक्रमण की बीमारी निकल रही है।
विज्ञापन
इन बातों को रखे ध्यान
- एक से दो वर्ष के बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श करें
-प्रदूषण को देखते हुए अभिभावक बच्चों को स्कूल व घर से बाहर जाने पर मास्क अवश्य पहनाएं ।
- बच्चों को बोतल का दूध न दें। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है।
-बच्चों को भीड़भाड़ वाले में ले जाने से बचें।
-शिशु को फीड कराने वाली माताएं स्वयं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
-अस्थमा के मरीज इनहेलर बंद न करें।
वर्जन
इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।- डॉ. सुंदरलाल, चिकित्सक, उप नागरिक अस्पताल, कनीना
मौसम में अचानक ठंड और प्रदूषण बढ़ने के कारण सर्दी जुकाम, बुखार व संक्रमण के मामले बढ़े हैं। इस मौसम में बाजार की तली भुनी और पैकेट खाद्य पदार्थ की चीजें खाने से परहेज करें। स्वयं का ख्याल रखें। जरूरत हो तो ही घर से बाहर निकलें। मास्क जरूर पहनें। स्वास्थ्य बिगड़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें। - डॉ. जितेन्द्र मोरवाल, चिकित्सक, उप नागरिक अस्पताल कनीना।