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आग लगने से जली गेहूं की दो एकड़ फसल
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महेंद्रगढ़। क्षेत्र के गांव मुंडिया खेड़ा में गेहूं की एकत्रित की गई फसल में आग लगने से दो एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पीड़ित किसान ने बताया कि उसने फूल सिंह और जगदीश से दो एकड़ जमीन माल बंटाई में लेकर गेहूं बिजाई की हुई थी। गेहूं की कटाई के बाद फसल को एकत्रित किया हुआ था।
सोमवार को अज्ञात कारणों के चलते लगभग तीन बजे आग लग गई। आग लगते ही आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों एवं किसानों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग के एकदम भयंकर रूप धारण करने से उठती लपटों के नजदीक नहीं पहुंचा गया। काफी प्रयासों के बाद भी केवल 20-30 ही पुलियां बचाने में कामयाब हुए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल गाड़ी ने एक घंटे में आग पर काबू पाया तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी।
किसान ने संभावना जताते हुए कहा कि रास्ते के नजदीक होने से किसी राहगीर द्वारा बीड़ी-सिगरेट डालने से भी आग लग सकती है। उन्होंने बताया कि आसपास कोई बिजली लाइन भी नहीं है जिससे शॉर्टसर्किट का अंदेशा जताया जाए।
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पीड़ित किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि उसे फोन पर सूचना मिली थी कि उसके गेहूं में आग लगी है। वह दूसरे खेत में गेहूं की फसल एकत्रित कर रहा था। सोमवार को फसल निकालने के लिए ही उसने गत दिवस फसल एकत्रित की थी। दो एकड़ में लगभग 100 से 110 मन गेहूं की पैदावार की संभावना थी। लेकिन अज्ञात कारणों से लगी आग में उसकी फसल बर्बाद हो गई। दमकल केंद्र महेंद्रगढ़ से फायरमैन शैलेंद्र व नरेश कुमार तथा चालक वेदप्रकाश की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया।
सोमवार को अज्ञात कारणों के चलते लगभग तीन बजे आग लग गई। आग लगते ही आसपास खेतों में काम कर रहे मजदूरों एवं किसानों के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग के एकदम भयंकर रूप धारण करने से उठती लपटों के नजदीक नहीं पहुंचा गया। काफी प्रयासों के बाद भी केवल 20-30 ही पुलियां बचाने में कामयाब हुए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल गाड़ी ने एक घंटे में आग पर काबू पाया तब तक फसल जलकर राख हो चुकी थी।
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किसान ने संभावना जताते हुए कहा कि रास्ते के नजदीक होने से किसी राहगीर द्वारा बीड़ी-सिगरेट डालने से भी आग लग सकती है। उन्होंने बताया कि आसपास कोई बिजली लाइन भी नहीं है जिससे शॉर्टसर्किट का अंदेशा जताया जाए।
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पीड़ित किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि उसे फोन पर सूचना मिली थी कि उसके गेहूं में आग लगी है। वह दूसरे खेत में गेहूं की फसल एकत्रित कर रहा था। सोमवार को फसल निकालने के लिए ही उसने गत दिवस फसल एकत्रित की थी। दो एकड़ में लगभग 100 से 110 मन गेहूं की पैदावार की संभावना थी। लेकिन अज्ञात कारणों से लगी आग में उसकी फसल बर्बाद हो गई। दमकल केंद्र महेंद्रगढ़ से फायरमैन शैलेंद्र व नरेश कुमार तथा चालक वेदप्रकाश की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया।