{"_id":"5e0b93aa8ebc3e87d0130956","slug":"crime-murder-fir-narnol-news-rtk5350053142","type":"story","status":"publish","title_hn":"पपला सहित पांच लोगों पर 27 माह बाद हत्या का केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पपला सहित पांच लोगों पर 27 माह बाद हत्या का केस
विज्ञापन
हरियाणा-राजस्थान में पांच लाख के ईनामी बदमाश विक्रम उर्फ पपला पर एक और हत्या का केस दर्ज किया गया है। आठ सितंबर 2017 को दर्ज एफआईआर में अब 307 के साथ हत्या की 302 धारा लगाई गई है। विक्रम उर्फ पपला पर हत्या का 5वां केस है। करीब दो साल पौने चार महीने के बाद धाराओं में बदलाव हुआ है। एएसआई धर्मबीर का मंगलवार को उनके पैतृक गांव मकड़ानी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि आठ सितंबर 2017 को विक्रम उर्फ पपला को महेंद्रगढ़ कोर्ट में तारीख पर लाया गया था। पपला के साथियों ने विक्रम को छुड़ाने के लिए कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस फायरिंग में एएसआई धर्मबीर सिंह को सिर में गोली लगी थी। गोली लगने से धर्मबीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लगभग चार माह उनका निजी अस्पताल में उपचार चला। बाद में धर्मबीर सिंह कोमा में चले गए। करीब दो साल पौने चार महीने बाद सोमवार 30 दिसंबर की सुबह धर्मबीर सिंह ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को महेंद्रगढ़ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। उनके पैतृक गांव दादरी जिले के मकड़ानी में पांच गार्द की टुकड़ी ने सलामी दी।
आठ सितंबर 2019 को महेंद्रगढ़ पुलिस ने एफआईआर नंबर 507 दर्ज की थी। जिसमें विक्रम उर्फ पपला, विरेंद्र उर्फ झूथर, पुष्कर, मिंटू उर्फ लाला, संदीप उर्फ सिंथिया व दो अन्य पर 148, 149, 223, 332, 353, 120 बी, 307, आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। अब मामले में 307 की बजाए 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
एएसआई धर्मबीर सिंह की सोमवार को मौत हो गई थी। आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में धारा 307 बदलकर 302 की गई है। इस मामले में विक्रम उर्फ पपला के अलावा सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ पपला की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- महावीर सिंह, थाना प्रभारी, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
बता दें कि आठ सितंबर 2017 को विक्रम उर्फ पपला को महेंद्रगढ़ कोर्ट में तारीख पर लाया गया था। पपला के साथियों ने विक्रम को छुड़ाने के लिए कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस फायरिंग में एएसआई धर्मबीर सिंह को सिर में गोली लगी थी। गोली लगने से धर्मबीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लगभग चार माह उनका निजी अस्पताल में उपचार चला। बाद में धर्मबीर सिंह कोमा में चले गए। करीब दो साल पौने चार महीने बाद सोमवार 30 दिसंबर की सुबह धर्मबीर सिंह ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को महेंद्रगढ़ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। उनके पैतृक गांव दादरी जिले के मकड़ानी में पांच गार्द की टुकड़ी ने सलामी दी।
विज्ञापन
आठ सितंबर 2019 को महेंद्रगढ़ पुलिस ने एफआईआर नंबर 507 दर्ज की थी। जिसमें विक्रम उर्फ पपला, विरेंद्र उर्फ झूथर, पुष्कर, मिंटू उर्फ लाला, संदीप उर्फ सिंथिया व दो अन्य पर 148, 149, 223, 332, 353, 120 बी, 307, आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। अब मामले में 307 की बजाए 302 के तहत केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
एएसआई धर्मबीर सिंह की सोमवार को मौत हो गई थी। आरोपियों के खिलाफ दर्ज केस में धारा 307 बदलकर 302 की गई है। इस मामले में विक्रम उर्फ पपला के अलावा सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ पपला की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- महावीर सिंह, थाना प्रभारी, महेंद्रगढ़।