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दो मरीजों के ठीक होते ही जिला हुआ कोरोना फ्री 18-52-15
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जिले में मंगलवार को कोई नया कोरोना वायरस संक्रमित केस नहीं आया है। अब जिले में कोरोना पॉजिटिव की कुल संख्या 6614 हो गई है। मंगलवार को दो कोरोना संक्रमितों को डिस्चार्ज किया गया है। अभी तक जिले में कुल 6593 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं और 21 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु हो चुकी है। अब जिले में कोरोना का कोई भी केस एक्टिव नहीं है।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 9 फरवरी तक 139588 नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 88172 मरीजों में सामान्य बीमारी पाई गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के लिए अब तक जिले से 147273 सैंपल भेजे गए हैं। इनमें से 815 सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष है। जिले में कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए कोविड-19 केयर सेंटर पटीकरा से सामान जिला नागरिक अस्पताल नारनौल में भेजा जा रहा है। दूसरी ओर कोरोना महामारी में लगे सीएमओ आफिस या अस्पताल के अन्य विंगों के कर्मचारियों को उनके मूल कार्य में लगा दिया गया है। कोविड-19 सेंटर और कोरोना आइसोलेशन वार्ड मरीजों से खाली हैं।
पहला केस मई में आया
जिले में कोरोना का पहला केस सात मई को आया था। दिल्ली रेलवे पुलिस के तीन कर्मी हुडा सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड में रुके। दिल्ली में एक निजी लैब में जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनमें कोरोना के लक्षण नहीं था। ऐसे में जिला अस्पताल में जांच कराई तो कोरोना मरीज निकले। बिना जानकारी दिए जिले में आने पर इन पर सिटी थाने में केस भी दर्ज है। हालांकि इसके बाद जिले में मरीजों की संख्या बढ़ती गई।
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-कोरोना से पहली मौत जून में
कोरोना वायरस से 21 जून को कोरोना मरीज (80) की मौत हुई थी। इसके बाद पांच सितंबर, आठ, 15, 17, 20 व 21 सितंबर को एक-एक कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। 31 अक्तूबर को एक मरीज की मौत हुई। 13, 22 व 30 नवंबर को एक-एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई थी। दो दिसंबर, छह, नौ,12 व 20 दिसंबर को कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। तीन जनवरी को एक और बुजुर्ग की मौत हुई थी।
सितंबर में पीक पर था कोरोना-स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मई से नवंबर तक सबसे अधिक कोरोना का संक्रमण सितंबर में हुआ। महेंद्रगढ़ जिला में मई में 42, जून में 242, जुुलाई में 522, अगस्त में 940, सितंबर में 1699, अक्तूबर में 1502,नवंबर में 1316 मरीज और दिसंबर 306 मरीज में आए थे। जिले में कोरोना वायरस का पीक सिंतबर में हुआ। कोरोना वायरस से 124 स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित हो गए थे।
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सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में 9 फरवरी तक 139588 नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 88172 मरीजों में सामान्य बीमारी पाई गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के लिए अब तक जिले से 147273 सैंपल भेजे गए हैं। इनमें से 815 सैंपल की रिपोर्ट आनी शेष है। जिले में कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए कोविड-19 केयर सेंटर पटीकरा से सामान जिला नागरिक अस्पताल नारनौल में भेजा जा रहा है। दूसरी ओर कोरोना महामारी में लगे सीएमओ आफिस या अस्पताल के अन्य विंगों के कर्मचारियों को उनके मूल कार्य में लगा दिया गया है। कोविड-19 सेंटर और कोरोना आइसोलेशन वार्ड मरीजों से खाली हैं।
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पहला केस मई में आया
जिले में कोरोना का पहला केस सात मई को आया था। दिल्ली रेलवे पुलिस के तीन कर्मी हुडा सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड में रुके। दिल्ली में एक निजी लैब में जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनमें कोरोना के लक्षण नहीं था। ऐसे में जिला अस्पताल में जांच कराई तो कोरोना मरीज निकले। बिना जानकारी दिए जिले में आने पर इन पर सिटी थाने में केस भी दर्ज है। हालांकि इसके बाद जिले में मरीजों की संख्या बढ़ती गई।
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-कोरोना से पहली मौत जून में
कोरोना वायरस से 21 जून को कोरोना मरीज (80) की मौत हुई थी। इसके बाद पांच सितंबर, आठ, 15, 17, 20 व 21 सितंबर को एक-एक कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। 31 अक्तूबर को एक मरीज की मौत हुई। 13, 22 व 30 नवंबर को एक-एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई थी। दो दिसंबर, छह, नौ,12 व 20 दिसंबर को कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। तीन जनवरी को एक और बुजुर्ग की मौत हुई थी।
सितंबर में पीक पर था कोरोना-स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मई से नवंबर तक सबसे अधिक कोरोना का संक्रमण सितंबर में हुआ। महेंद्रगढ़ जिला में मई में 42, जून में 242, जुुलाई में 522, अगस्त में 940, सितंबर में 1699, अक्तूबर में 1502,नवंबर में 1316 मरीज और दिसंबर 306 मरीज में आए थे। जिले में कोरोना वायरस का पीक सिंतबर में हुआ। कोरोना वायरस से 124 स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमित हो गए थे।