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Mahendragarh-Narnaul News: प्रतिदिन 300 ग्राम हरी सब्जी का सेवन सुधारेगा सेहत
Thu, 13 Mar 2025 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:42 AM IST
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फोटो संख्या:64- गांव मालड़ा में आयोजित पोषण वाटिका कार्यक्रम में महिलाओं को जागरूक करते डॉ.
महेंद्रगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा बुधवार को पोषण वाटिका कार्यक्रम के तहत गांव मालड़ा में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. पूनम यादव गृह विज्ञान विशेषज्ञ ने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार प्रतिदिन एक व्यक्ति को 300 ग्राम सब्जियों का सेवन करना चाहिए। पत्तेदार सब्जी 100 ग्राम, कंद वर्गीय सब्जी 100 ग्राम और अन्य दूसरी सब्जी की मात्रा 100 ग्राम होनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सब्जी बीज पैकेट वितरित किए गए।
केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि बाजार में बिकने वाली चमकदार फल, सब्जियों को रासायनिक उर्वरक प्रयोग करके उगाया जाता है। रासायनिक दवाओं का कुछ अंश फल सब्जी में बाद तक बना रहता है। इसके कारण उन्हें इस्तेमाल करने वालों में बीमारियां से लड़ने की ताकत कम होती जा रही हैं। घर के आंगन या आसपास की खाली जगह में छोटी छोटी क्यारियां बना कर जैविक खादों का इस्तेमाल करके रसायन रहित फल सब्जियों को उगाना चाहिए।
कार्यक्रम की आयोजक डॉ. पूनम यादव ने बताया की प्रशिक्षण का आयोजन पोषण-संवेदनशील कृषि संसाधन और नवाचार परियोजना के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका कार्यक्रम द्वारा खाद्य सुरक्षा व पोषण सुरक्षा को प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. नेहा यादव ने भी पौषण वाटिका के बारे में बताया।
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केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जयलाल यादव ने बताया कि बाजार में बिकने वाली चमकदार फल, सब्जियों को रासायनिक उर्वरक प्रयोग करके उगाया जाता है। रासायनिक दवाओं का कुछ अंश फल सब्जी में बाद तक बना रहता है। इसके कारण उन्हें इस्तेमाल करने वालों में बीमारियां से लड़ने की ताकत कम होती जा रही हैं। घर के आंगन या आसपास की खाली जगह में छोटी छोटी क्यारियां बना कर जैविक खादों का इस्तेमाल करके रसायन रहित फल सब्जियों को उगाना चाहिए।
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कार्यक्रम की आयोजक डॉ. पूनम यादव ने बताया की प्रशिक्षण का आयोजन पोषण-संवेदनशील कृषि संसाधन और नवाचार परियोजना के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका कार्यक्रम द्वारा खाद्य सुरक्षा व पोषण सुरक्षा को प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. नेहा यादव ने भी पौषण वाटिका के बारे में बताया।
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