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Mahendragarh-Narnaul News: ठंड से नर्सरी का कारोबार प्रभावित, मौसमी पौध से आमदनी की आस
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फोटो संख्या:52 शहर स्थित इंजीनियर नर्सरी में कलकत्ता से पहुंची फूलदार पौध। संवाद
महेंद्रगढ़। ठंड से नर्सरी का कारोबार प्रभावित हो रहा है और अब नर्सरी संचालकों को मौसमी पौध से ही कारोबार की आस है। बारिश के मौसम में प्रतिदिन छोटी व बड़ी 50 पौध बिक जाती थी लेकिन अब बिक्री की संख्या आधी से भी कम हो गई है।
नर्सरी संचालक मुकेश फौजी, सतबीर सिंह, प्रकाश, तेजपाल सिंह आदि नर्सरी संचालकों ने बताया कि बारिश के मौसम में सबसे अधिक कारोबार रहता है। सर्दी में मौसमी फूलदार पौधे अधिक बिकते हैं।
फलदार पौध की मांग सामान्य बनी है। फरवरी में छायादार व फलदार पौधों में फुटाव शुरू होगा और नई ग्रोथ के बाद ही बिक पाएंगी। हालांकि, अब भी लोग फलदार पौध खरीद रहे हैं लेकिन संख्या अन्य सीजन की तुलना में कम है।
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अब प्रतिदिन 20 से 25 पौध बिक रही हैं। नर्सरियों में पौधों के साइज के अनुसार रेट रखे गए हैं। इसमें मौसमी पौधे 10 रुपये जबकि अन्य फूलदार पौधों की कीमत 20 रुपये से शुरू होती है। इसी तरह छायादार और बड़े फलदार पौधों की कीमत 50 रुपये से लेकर 5 हजार तक है। इसके साथ ही गमलों को रेट भी 10 रुपये से ही शुरू हुआ।
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दूसरे राज्यों से हो रही पौध की आपूर्ति
शहर की पौध नर्सरी में स्थानीय स्तर पर पौध तैयार नहीं की जा रही है। सभी संचालक दूसरे राज्यों से आने वाली पौध पर ही निर्भर हैं। इसमें कलकत्ता, आंध्र प्रदेश, श्रीगंगानगर, बरेली, पंजाब से पौध लाई जा रही हैं। इससे पौध खराब होने का डर अधिक रहता है और सर्दी उचित प्रबंधन न करने से नुकसान होने का भी डर रहता है।
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इन पौधों की हो रही अधिक बिक्री
अब सर्दी में पिटूनिया, डेंथस, डॉग फ्लावर, गुलदावरी, डहेलिया, केलेंडूला, गजानिया, सालविया, पैंजी, केल, गेंदा , गुलाब की पौध फूलों की सुंदरता के कारण अधिक बिक रही हैं। वहीं, फलों की बात करें तो नींबू, किन्नू, मौसमी आदि की बिक्री अधिक हो रही है। इनके अलावा नर्सरी में सब्जियां व सजावटी पौध भी बिक रही हैं।
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नर्सरी संचालक मुकेश फौजी, सतबीर सिंह, प्रकाश, तेजपाल सिंह आदि नर्सरी संचालकों ने बताया कि बारिश के मौसम में सबसे अधिक कारोबार रहता है। सर्दी में मौसमी फूलदार पौधे अधिक बिकते हैं।
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फलदार पौध की मांग सामान्य बनी है। फरवरी में छायादार व फलदार पौधों में फुटाव शुरू होगा और नई ग्रोथ के बाद ही बिक पाएंगी। हालांकि, अब भी लोग फलदार पौध खरीद रहे हैं लेकिन संख्या अन्य सीजन की तुलना में कम है।
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अब प्रतिदिन 20 से 25 पौध बिक रही हैं। नर्सरियों में पौधों के साइज के अनुसार रेट रखे गए हैं। इसमें मौसमी पौधे 10 रुपये जबकि अन्य फूलदार पौधों की कीमत 20 रुपये से शुरू होती है। इसी तरह छायादार और बड़े फलदार पौधों की कीमत 50 रुपये से लेकर 5 हजार तक है। इसके साथ ही गमलों को रेट भी 10 रुपये से ही शुरू हुआ।
दूसरे राज्यों से हो रही पौध की आपूर्ति
शहर की पौध नर्सरी में स्थानीय स्तर पर पौध तैयार नहीं की जा रही है। सभी संचालक दूसरे राज्यों से आने वाली पौध पर ही निर्भर हैं। इसमें कलकत्ता, आंध्र प्रदेश, श्रीगंगानगर, बरेली, पंजाब से पौध लाई जा रही हैं। इससे पौध खराब होने का डर अधिक रहता है और सर्दी उचित प्रबंधन न करने से नुकसान होने का भी डर रहता है।
इन पौधों की हो रही अधिक बिक्री
अब सर्दी में पिटूनिया, डेंथस, डॉग फ्लावर, गुलदावरी, डहेलिया, केलेंडूला, गजानिया, सालविया, पैंजी, केल, गेंदा , गुलाब की पौध फूलों की सुंदरता के कारण अधिक बिक रही हैं। वहीं, फलों की बात करें तो नींबू, किन्नू, मौसमी आदि की बिक्री अधिक हो रही है। इनके अलावा नर्सरी में सब्जियां व सजावटी पौध भी बिक रही हैं।