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Mahendragarh-Narnaul News: घटा घिरी, दिल न डिगा, चांद निकला तो व्रत सजा
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फोटो नंबर-25करवा चौथ व्रत की कहानी सुनती महिलाएं। संवाद
नारनौल। शहर में वीरवार को करवा चौथ का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुहागिनों ने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला व्रत रखा।
सुबह से ही महिलाओं में उत्साह दिखा। स्नान के बाद उन्होंने सोलह शृंगार किया और पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पूजा की तैयारी की। परिवार की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर करवा चौथ की कथा सुनी और माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा की। छोटी महिलाओं ने बड़ी महिलाओं के चरण छूकर आशीर्वाद भी लिया।
दिनभर बारिश का मौसम बना रहा और शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। इस वजह से चांद देखने के लिए महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा। पूजा की थाली सजाकर वे बार-बार छतों और आंगनों में चांद की राह देखती रहीं। आखिरकार रात साढ़े आठ बजे के बाद चंद्रमा के दर्शन हुए। महिलाओं ने चंद्रदेव को अर्घ्य दिया, फिर छलनी से चांद और पति का चेहरा देखा और पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला।
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आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री के अनुसार इस बार करवा चौथ पर राजयोग बना। उन्होंने बताया कि चतुर्थी तिथि सुबह 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रही। पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक था। चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:18 बजे था लेकिन बारिश के कारण व्रत का पारण चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही किया गया।
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सुबह से ही महिलाओं में उत्साह दिखा। स्नान के बाद उन्होंने सोलह शृंगार किया और पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर पूजा की तैयारी की। परिवार की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर करवा चौथ की कथा सुनी और माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा की। छोटी महिलाओं ने बड़ी महिलाओं के चरण छूकर आशीर्वाद भी लिया।
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दिनभर बारिश का मौसम बना रहा और शाम तक आसमान में बादल छाए रहे। इस वजह से चांद देखने के लिए महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा। पूजा की थाली सजाकर वे बार-बार छतों और आंगनों में चांद की राह देखती रहीं। आखिरकार रात साढ़े आठ बजे के बाद चंद्रमा के दर्शन हुए। महिलाओं ने चंद्रदेव को अर्घ्य दिया, फिर छलनी से चांद और पति का चेहरा देखा और पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला।
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आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री के अनुसार इस बार करवा चौथ पर राजयोग बना। उन्होंने बताया कि चतुर्थी तिथि सुबह 1:06 बजे शुरू होकर रात 10:09 बजे तक रही। पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक था। चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:18 बजे था लेकिन बारिश के कारण व्रत का पारण चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही किया गया।