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नलों में गंदे पानी के सप्लाई से परेशान शहरवासी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Nov 2016 12:07 AM IST
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सर्दियों की शुरूआत हो चुकी है लेकिन शहर में पेयजल की समस्या अभी भी बरकरार है। शहरवासियों को प्रति दिन 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी नहीं मिलता है, वहीं जहां पेयजल आपूर्ति हो रहा है, वहां पानी गिदला, पीला या मटमेला आ रहा है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। शहर के अनेक मोहल्लों में ऐसे हालात कई दिनों से बने हुए हैं लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण शहर के नई सराय, पुरानी सराय, रविदास मंदिर मार्ग, मीराजी, गस्तीवाड़ा, पुरानी सराय, फौजदार कालोनी व वृंदावन कालोनी सहित विभिन्न मोहल्लों में पिछले एक महीने से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों का कहना है कि पानी इतना गंदा होता है कि अगले ही दिन उसमें कीड़े पड़ जाते हैं। बार-बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान करना तो दूर अभी तक विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी ने मौके पर आकर स्थित का जायजा तक नहीं लिया है। इससे लोगों में जन स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष है। वहीं गंदे पानी की आपूर्ति के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर में टाइफाइड के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
नहीं मिल रहा पूरा पानी
अब सर्दियों की शुरूआत हो चुकी है, जाहिर है पानी की खपत भी कम होने लगी है, लेकिन अभी भी शहर के लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी नहीं मिल रहा। विभाग भी 100 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से पानी आपूर्ति करने की बात कर रहा है।
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-नहरों में नहीं आया पानी, सभी टैंक सूखे
नारनौल शहर में पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। नहरों का पानी टैंकों में जमा किया जाता है, लेकिन एक सप्ताह से नहर नहीं आई हैं। जिसके कारण शहर में पानी आपूर्ति के लिए रेवाड़ी रोड, नसीबपुर व पटीकरा आदि में बने टैंक खाली पड़े हुए हैं। विभाग जैसे तैसे कभी कम तो कभी ज्यादा पानी आपूर्ति कर काम चला रहा है।
तीसरे दिन नलों में आता है पानी
शहर में हर तीसरे दिन एक घंटे के लिए पानी आता है। लोगों ने बताया कि एक दिन सुबह 6 बजे पानी आता है तो इसके तीसरे सुबह 10 बजे तथा इसके तीसरे दिन दोपहर 1 बजे पानी की सप्लाई आती है। लेकिन यह पानी पीने लायक न होने के कारण इन मोहल्लों में पेयजल संकट बना हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बार-बार इस समस्या से अवगत करवाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है।
टैंकरों व केंपरों से बुझा रहें की खरीदकर काम चला रहे है
मोहल्ला नई सराय, रविदास मार्ग, पुरानी सराय, मीराजी, शिवाजी नगर, शिव कालोनी के लोगों ने बताया कि एक महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। जो पीने लायक नहीं है। इसके चलते लोगों को मोल निजी टैंकरों से पानी मंगवाकर या फिर रोजाना पानी के कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसके चलते उन्हें प्रति टैंकर 300 से 350 रुपए देने पड़ रहे है, या प्रति दिन 20 रुपए कैंपर मोल पानी खरीदना पड़ रहा है।
बढ़ रही है टाइफाइड के रोगियों की संख्या
गंदा पानी पीने से लोगों को अनेक जल जनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अनेक लोगों को पीलिया आदि की शिकायत है। वहीं टाइफाइड के केस इस बार ज्यादा आ रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक कमल यादव के अनुसार इन दिनों जलजनित बीमारियों के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। जिसमें टाइफाइड के रोगियों की संख्या ज्यादा है।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
मोहल्लावासियों ने बताया कि इस समस्या से परेशान होकर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, परंतु आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया इसकी उन्हें विभाग को मौखिक और लिखित देकर अवगत करवा चुके हैं।
सीएम विंडो में भी कर चुके हैं शिकायत
मोहल्ला मीराजी के सुशील चौटाला ने बताया कि इस समस्या से परेशान होकर इसकी शिकायत सीएम विंडो में कर चुके है, परन्तु वहां से भी आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
मोहल्ले में गंदे पानी सप्लाई से परेशान अपने घर पर पीने के पानी के लिए दो कैंपर लगा रखे हैं। इन कैंपरों को पानी पीकर अपना जीवन यापन कर रहे हैैं। -जसवंत कुमार
नलों से पीला रंग का पानी आता साफ दिखाई देता है। यह पानी भरने के कुछ देर बाद ही इस पानी से बदबू आने लगती है। पानी पीने के लिए लायक नहीं है। इस पानी से बदबू आने के कारण उन्होंनेे इस पानी को नहाने-धोने प्रयोग करना बंद कर दिया है।-राजेश कुमार
गंदा पानी आने के कारण उन्होंने अपने घर पर टैंकरों की सहायता लेनी शुरू कर दिया है। नलों में पानी भरते समय ही उसका रंग पीला दिखाई देता है। इस समस्या से परेशान होकर टैंकरों की सहायता लेनी पड़ती है। एक टैंकर 300 से 350 रुपए का पानी लेकर प्यास बुझानी पड़ रही है। -सुरेंद्र कुमार
दो-तीन पूर्व तक शहर में गंदे पानी आपूर्ति की समस्या थी, लेकिन अब इसका समाधान कर दिया गया है। अब शहर में कहीं ऐसी समस्या नहीं है। अगर कहीं हुई तो वे इसको चेक कर समाधान कराएंगे। नहरों में पानी नहीं आने के कारण पेयजल संबंधी समस्या है। जल्दी समस्या का समाधान हो जाएगा।----जेपी वर्मा, एसडीओ शहर, जनस्वास्थ्य विभाग
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जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण शहर के नई सराय, पुरानी सराय, रविदास मंदिर मार्ग, मीराजी, गस्तीवाड़ा, पुरानी सराय, फौजदार कालोनी व वृंदावन कालोनी सहित विभिन्न मोहल्लों में पिछले एक महीने से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों का कहना है कि पानी इतना गंदा होता है कि अगले ही दिन उसमें कीड़े पड़ जाते हैं। बार-बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान करना तो दूर अभी तक विभाग का कोई अधिकारी व कर्मचारी ने मौके पर आकर स्थित का जायजा तक नहीं लिया है। इससे लोगों में जन स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष है। वहीं गंदे पानी की आपूर्ति के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। शहर में टाइफाइड के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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नहीं मिल रहा पूरा पानी
अब सर्दियों की शुरूआत हो चुकी है, जाहिर है पानी की खपत भी कम होने लगी है, लेकिन अभी भी शहर के लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित 135 लीटर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति के हिसाब से पानी नहीं मिल रहा। विभाग भी 100 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से पानी आपूर्ति करने की बात कर रहा है।
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-नहरों में नहीं आया पानी, सभी टैंक सूखे
नारनौल शहर में पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। नहरों का पानी टैंकों में जमा किया जाता है, लेकिन एक सप्ताह से नहर नहीं आई हैं। जिसके कारण शहर में पानी आपूर्ति के लिए रेवाड़ी रोड, नसीबपुर व पटीकरा आदि में बने टैंक खाली पड़े हुए हैं। विभाग जैसे तैसे कभी कम तो कभी ज्यादा पानी आपूर्ति कर काम चला रहा है।
तीसरे दिन नलों में आता है पानी
शहर में हर तीसरे दिन एक घंटे के लिए पानी आता है। लोगों ने बताया कि एक दिन सुबह 6 बजे पानी आता है तो इसके तीसरे सुबह 10 बजे तथा इसके तीसरे दिन दोपहर 1 बजे पानी की सप्लाई आती है। लेकिन यह पानी पीने लायक न होने के कारण इन मोहल्लों में पेयजल संकट बना हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बार-बार इस समस्या से अवगत करवाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है।
टैंकरों व केंपरों से बुझा रहें की खरीदकर काम चला रहे है
मोहल्ला नई सराय, रविदास मार्ग, पुरानी सराय, मीराजी, शिवाजी नगर, शिव कालोनी के लोगों ने बताया कि एक महीने से नलों में गंदा पानी आ रहा है। जो पीने लायक नहीं है। इसके चलते लोगों को मोल निजी टैंकरों से पानी मंगवाकर या फिर रोजाना पानी के कैंपर खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसके चलते उन्हें प्रति टैंकर 300 से 350 रुपए देने पड़ रहे है, या प्रति दिन 20 रुपए कैंपर मोल पानी खरीदना पड़ रहा है।
बढ़ रही है टाइफाइड के रोगियों की संख्या
गंदा पानी पीने से लोगों को अनेक जल जनित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अनेक लोगों को पीलिया आदि की शिकायत है। वहीं टाइफाइड के केस इस बार ज्यादा आ रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सक कमल यादव के अनुसार इन दिनों जलजनित बीमारियों के रोगी ज्यादा आ रहे हैं। जिसमें टाइफाइड के रोगियों की संख्या ज्यादा है।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
मोहल्लावासियों ने बताया कि इस समस्या से परेशान होकर विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं, परंतु आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया इसकी उन्हें विभाग को मौखिक और लिखित देकर अवगत करवा चुके हैं।
सीएम विंडो में भी कर चुके हैं शिकायत
मोहल्ला मीराजी के सुशील चौटाला ने बताया कि इस समस्या से परेशान होकर इसकी शिकायत सीएम विंडो में कर चुके है, परन्तु वहां से भी आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।
मोहल्ले में गंदे पानी सप्लाई से परेशान अपने घर पर पीने के पानी के लिए दो कैंपर लगा रखे हैं। इन कैंपरों को पानी पीकर अपना जीवन यापन कर रहे हैैं। -जसवंत कुमार
नलों से पीला रंग का पानी आता साफ दिखाई देता है। यह पानी भरने के कुछ देर बाद ही इस पानी से बदबू आने लगती है। पानी पीने के लिए लायक नहीं है। इस पानी से बदबू आने के कारण उन्होंनेे इस पानी को नहाने-धोने प्रयोग करना बंद कर दिया है।-राजेश कुमार
गंदा पानी आने के कारण उन्होंने अपने घर पर टैंकरों की सहायता लेनी शुरू कर दिया है। नलों में पानी भरते समय ही उसका रंग पीला दिखाई देता है। इस समस्या से परेशान होकर टैंकरों की सहायता लेनी पड़ती है। एक टैंकर 300 से 350 रुपए का पानी लेकर प्यास बुझानी पड़ रही है। -सुरेंद्र कुमार
दो-तीन पूर्व तक शहर में गंदे पानी आपूर्ति की समस्या थी, लेकिन अब इसका समाधान कर दिया गया है। अब शहर में कहीं ऐसी समस्या नहीं है। अगर कहीं हुई तो वे इसको चेक कर समाधान कराएंगे। नहरों में पानी नहीं आने के कारण पेयजल संबंधी समस्या है। जल्दी समस्या का समाधान हो जाएगा।----जेपी वर्मा, एसडीओ शहर, जनस्वास्थ्य विभाग