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बाल विवाह कानूनी अपराध : सरिता
Fri, 15 Nov 2024 02:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:11 AM IST
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नारनौल। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने कहा कि बाल विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।
उन्होंने जिला के सभी अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे 18 वर्ष से पहले लड़कियों तथा 21 वर्ष से पहले लड़कों की शादी न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए साल भर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। ऐसे में सभी नागरिकों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होना होगा। देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का सीजन शुरू होते ही जिले में बाल विवाह की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट है। इस पर रोक लगाने के लिए गांव के सरपंचों व आमजन का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना कोई भी हेल्पलाइन नंबर 181 अथवा 100 नंबर पर दे सकता है।
उन्होंने विवाह संपन्न करवाने वाले पंडितों, मौलवी व पादरी से भी आह्वान किया कि शादी सम्पन्न करवाते हुए लड़का, लड़की की उम्र का विशेष ध्यान रखें। अगर शादी के समय लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम व लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है तो इसकी सूचना प्रशासन को देकर शादी रुकवाने में प्रशासन का सहयोग करें। शर्मा ने बताया कि जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उसकी सहायता करता है उसको 2 साल तक की कैद और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था होने के कारण लड़का व लड़की शादी की जिम्मेदारी उठाने में सक्षम नहीं होते हैं और निर्धारित समय से पहले विवाह होने पर उनका मानसिक शारीरिक विकास भी बाधित होता है।
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उन्होंने जिला के सभी अभिभावकों से आह्वान किया है कि वे 18 वर्ष से पहले लड़कियों तथा 21 वर्ष से पहले लड़कों की शादी न करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए साल भर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। ऐसे में सभी नागरिकों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होना होगा। देवउठनी एकादशी के बाद शादियों का सीजन शुरू होते ही जिले में बाल विवाह की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट है। इस पर रोक लगाने के लिए गांव के सरपंचों व आमजन का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना कोई भी हेल्पलाइन नंबर 181 अथवा 100 नंबर पर दे सकता है।
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उन्होंने विवाह संपन्न करवाने वाले पंडितों, मौलवी व पादरी से भी आह्वान किया कि शादी सम्पन्न करवाते हुए लड़का, लड़की की उम्र का विशेष ध्यान रखें। अगर शादी के समय लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम व लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम है तो इसकी सूचना प्रशासन को देकर शादी रुकवाने में प्रशासन का सहयोग करें। शर्मा ने बताया कि जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उसकी सहायता करता है उसको 2 साल तक की कैद और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था होने के कारण लड़का व लड़की शादी की जिम्मेदारी उठाने में सक्षम नहीं होते हैं और निर्धारित समय से पहले विवाह होने पर उनका मानसिक शारीरिक विकास भी बाधित होता है।
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