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Mahendragarh-Narnaul News: छिलरो पीएचसी टॉप ओपीडी में शामिल, रोजाना आते हैं 70 से 150 मरीज
Mon, 30 Mar 2026 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 30 Mar 2026 11:14 PM IST
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फोटो 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छिलरो।
निजामपुर। ग्राम छिलरो स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिले की टॉप ओपीडी में शामिल हो गया है। यहां प्रतिदिन 70 से 150 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। पीएचसी के अधीन तीन सब सेंटर में निजामपुर, मारोली और तलोट गांव शामिल हैं।
पीएचसी इंचार्ज एवं अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि ओपीडी के दौरान रोजाना आने वाले मरीजों में से 5 से 6 मरीजों को आवश्यकता अनुसार पीएचसी में भर्ती भी किया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अधिकांश मरीज एलर्जी, धूल से संबंधित, श्वास संबंधी, मौसमी बीमारियां, खांसी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द, जोड़ दर्द, उल्टी, दस्त तथा महिला रोग संबंधी समस्याओं के साथ उपचार के लिए आते हैं।
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उन्होंने बताया कि केंद्र पर नियमित सेवाओं के साथ आपातकालीन सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ओपीडी में चिकित्सक मरीजों की सेवा के लिए मौजूद रहते हैं। पीएचसी में सामान्य चिकित्सक, पुरुष व महिला चिकित्सा अधिकारी, दंत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा लैब तकनीशियन की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सीनियर चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जटिल रोग से ग्रस्त मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च संस्थानों के लिए रेफर किया जाता है। जिन मामलों में निदान कठिन हो या मरीज की स्थिति गंभीर हो, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दोचाना या नारनौल स्थित हायर सेंटर भेजा जाता है।
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पीएचसी इंचार्ज एवं अतिरिक्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने बताया कि ओपीडी के दौरान रोजाना आने वाले मरीजों में से 5 से 6 मरीजों को आवश्यकता अनुसार पीएचसी में भर्ती भी किया जाता है।
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ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े अधिकांश मरीज एलर्जी, धूल से संबंधित, श्वास संबंधी, मौसमी बीमारियां, खांसी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द, जोड़ दर्द, उल्टी, दस्त तथा महिला रोग संबंधी समस्याओं के साथ उपचार के लिए आते हैं।
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उन्होंने बताया कि केंद्र पर नियमित सेवाओं के साथ आपातकालीन सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ओपीडी में चिकित्सक मरीजों की सेवा के लिए मौजूद रहते हैं। पीएचसी में सामान्य चिकित्सक, पुरुष व महिला चिकित्सा अधिकारी, दंत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा लैब तकनीशियन की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सीनियर चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जटिल रोग से ग्रस्त मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च संस्थानों के लिए रेफर किया जाता है। जिन मामलों में निदान कठिन हो या मरीज की स्थिति गंभीर हो, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दोचाना या नारनौल स्थित हायर सेंटर भेजा जाता है।