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300 साल पहले अस्तित्व में आए गांव गांवड़ी जाट में नहरी पानी का संकट0

Sat, 22 Oct 2022 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2022 11:51 PM IST
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Canal water crisis in village Gaondi Jat, which came into existence 300 years ago
नांगल चौधरी। करीब 300 साल पहले अस्तित्व में आया गांव गांवडी जाट अपनी अलग खासियत रखता है। बुजुर्गों की माने तो बाबा तेजपाल गोभक्त और सवा पहर राम का नाम लेने वाले थे। उस समय मुगल पठानों ने उन पर हमला करते हुए उनकी गर्दन काट दी थी, लेकिन गर्दन काटने के बाद भी वो मुगल पठानों से लड़ते रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ पठानों को मार गिराया तो कुछ भाग गए। आज वहीं गांव गांवड़ी जाट पानी को तरस रहा है। नलवाटी क्षेत्र में शामिल गांव जाट में अनेक पंच एवं सरपंच तथा विधायक आए लेकिन किसी ने पानी की ब्यार नहीं बहाई। ग्रामीणों की मानें तो पानी का भूजल स्तर एक हजार फुट से नीचे चला गया है। पंचायत के पास दो बोर हैं दोनों ही फेल हो चुके हैं।लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर गांव लहरोदा से अंडरग्राउंड पानी की सप्लाई आती है और यह पाली बूस्टिंग स्टेशन पर एकत्रित कर गांव की टंकियों को भरा जाता है और उसके बाद घरों में नलों के माध्यम से सप्लाई किया जाता है। गर्मी में पानी की किल्लत काफी बढ़ जाती है। गांव में अभी भी कई सड़कें कच्ची पड़ी हैं। जिससे ग्रामीण अबकी बार विकास को महत्व देने वाले उम्मीदवार को चुनने के मूड में हैं। गांवडी जाट में करीब 500 घरों करीब 1500 वोटर हैं। पानी तथा विकास ही गांव का मुख्य मुद्दा रहेगा।
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गांव में सार्वजनिक पुस्तकालय, खेल मैदान तथा सार्वजनिक पार्क की कमी है। गांव के मुख्य रास्ते अतिक्रमण की भेट चढ़े हुए है। गांव में नहरी पानी अभी तक नहीं आया है। पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों का खेती बाड़ी से मोहभंग होता जा रहा है। अबकी बार जो उम्मीदवार अपने वायदों पर खरा उतरेगा गांव के विकास को प्राथमिकता देते हुए समस्याओं का समाधान करेगा ग्रामीण उसे ही वोट करेंगे।---संजय कुमार।
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एक सरंपच गांव का प्रतिनिधित्व करता है। गांव के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाता है। गांव में रास्ते कच्चे होना, गंदे पानी की समुचित वयवस्था नहीं है। गांव में विकास कार्य बिल्कुल न के बराबर हुए है, लेकिन अबकी बार जो उम्मीदवार गांव की समस्या का समाधान करके सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को दिलवाएगा उसको ही वोट देंगे।--प्रदीप कुमार।
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गांव के आसपास पहड़ों पर खनन होता है। जिससे काफी धूल उड़ती रहती है। वहीं गांव में सभी पथ कच्चे हैं। आम रास्तों में पानी भरा रहता है। गंदे पानी की निकासी की कोई योजना नहीं बनी है। गांव में समस्याओं के अंबार लगे हुए हैं। गांव के जोहड़ का कार्य पूरा करेगा। ग्रामीण उसे ही अपना उम्मीदवार चुनेंगे।---रामधन।

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गांव में पानी की सबसे बड़ी समस्या है। लहरोदा जल घर से यहां पानी आती है और उसी से घरों में नलों से पानी सप्लाई होता है। वह पानी पीने योग्य भी नहीं होता। कई बार तो लोगों को वाटर टैंक डलवाने पड़ते हैं। गर्मी में पानी की किल्लत बहुत बढ़ जाती है। इस बार पानी की समस्या दूर करने एवं विकास करने वाले उम्मीदवार को वोट करेंगे।- रामशरण:
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