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Mahendragarh-Narnaul News: दीपावली से पहले प्रदूषण स्तर बढ़ने से आंखों में होने लगी जलन

Sat, 04 Nov 2023 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Sat, 04 Nov 2023 12:08 AM IST
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Burning sensation in eyes due to increase in pollution level before Diwali
साइट पर दर्शाया गया नारनौल का एक्यूआई।
नारनौल। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली एनसीआर के आसपास जिलों में वायु प्रदूषण का प्रभाव देखने को मिल रहा है, मगर अब इसका असर नारनौल क्षेत्र में भी देखने को मिलने लगा है। शुक्रवार को नारनौल क्षेत्र में सुबह से ही वायु प्रदूषण के रूप में स्मॉग छाया रहा। इस कारण दमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हुई। वहीं लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ा।
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शुक्रवार को नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पर पहुंच गया, जोकि खतरनाक श्रेणी में आता है। अगर ऐसे में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा तो दीपावली तक तो लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि दीपावली पर पटाखों की आतिशबाजी होती है। वायु प्रदूषण के चलते सूर्य की चमक भी मध्यम रही।
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दीपावली पर्व के नजदीक आते ही दिल्ली एनसीआर सहित दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में जिलों में वायु प्रदूषण के रूप में सफेद चादर छा जाती है। इसका मुख्य कारण पंजाब व हरियाणा में किसानों द्वारा पराली का जलाना है। हालांकि नारनौल में न तो पराली जलाई जाती है और ही कोई फैक्टरी आदि है। मगर इसका असर हरियाणा व दिल्ली के साथ-साथ नारनौल क्षेत्र में भी देखने को मिलने लगा है। शुक्रवार को नारनौल क्षेत्र में सुबह से प्रदूषण के रूप में सफेद चादर छाई रही।
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लोगाें को सांस व आंखों में जलन जैसी समस्या से पड़ा जूझना
दिल्ली के बाद नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। शुक्रवार को नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के करीब पहुंच गया। जोकि बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिला। प्रदूषण स्तर खराब स्थिति में पहुंचने से दमा के मरीजों को सांस लेने से दिक्कत महसूस हुई तो लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या से जूझना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों की माने तो बारिश के साथ हवाएं चलने तक वायु प्रदूषण का स्तर कम होने की संभावना कम बनी हुई है।


वायु प्रदूषण के चलते खराब श्रेणी में पहुंची जिले की आबोहवा
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि हवाएं शांत और उत्तरी पश्चिमी होने की वजह से प्रदूषण का असर जिले में देखने को मिल रहा है। शुक्रवार हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अनेक स्थानों पर वायु प्रदूषण की स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि के कारण प्रदूषण स्तर में अचानक वृद्धि को दर्शाता है। जिला महेंद्रगढ़ में भी अनियंत्रित यातायात के साधन, क्रशर जोन, अपशिष्ट पदार्थ के जलाना वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट के मुख्य कारण है। शुक्रवार को शाम 5.30 बजे नारनौल का वायु गुणवत्ता सूचकांक 299, महेंद्रगढ़ का 280, अटेली का 275, नांगल चौधरी का 286, कनीना का 300 एक्यूआई रहा है। इससे जिले की आबोहवा बहुत खराब स्थिति में पहुंच गई है। इस प्रकार प्रदूषण में कमी तेज गति हवाओं और बारिश के साथ हवाओं की दिशा में बदलाव से हो सकती है।
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