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Mahendragarh-Narnaul News: नाली-गलियां टूटी, दूषित जलभराव और पेयजल बढ़ा रहा मालड़ा के ग्रामीणों की परेशानी
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फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह
महेंद्रगढ़। क्षेत्र का 13 हजार की आबादी वाले गांव मालड़ा में लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गांव में न तो सीवरेज व्यवस्था उचित है और न ही पर्याप्त सफाई के इंतजाम किए गए हैं। बारिश सिर पर आते ही ग्रामीण घबरा रहे हैं और प्रशासन व पंचायत को कोस रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश गलियों में नियमित सफाई नहीं होती है। इससे नाले अवरूद्ध हो रहे हैं और सफाई कर्मचारी कार्य में रूचि नहीं दिखा रहे। इससे पानी गलियों में भर रहा है। कहीं पर नालियां टूटी हैं और कहीं पर गलियां भी कच्ची पड़ी हैं।
वहीं, बारिश के दिनों में जोहड़ ओपरफ्लो रहते हैं और निकास न होने के कारण पानी घरों व दुकानों भर जाता है। गांव में स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्ट्रीट लाइट लगाने और खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने की मांग उठाई गई।
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दूसरी ओर पेयजल व्यवस्था भी उचित नहीं है। जलघर के फिल्टर बेड में गाद जमी हैं और इनकी भी बारिश से पहले सफाई नहीं हो पाई। इससे पानी बदबूदार और मटमैला हो रहा है। साथ ही गलियों में पाइपलाइन लीकेज होने से भी पानी दूषित होकर घरों में पहुंच रहा है। कुछ स्थानों पर पानी नहीं पहुंच रहा।
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परेशानी, ग्रामीणों की जूबानी
गांव में सीवरेज नहीं होने से गंदा पानी जोहड़ों में जाता है। बरसात में जोहड़ भर जाते हैं और पानी सड़कों व घरों तक पहुंच जाता है।-रामकिशन, ग्रामीण
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गलियों में सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है और कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। सफाई कर्मचारी नदारद रहते हैं। गांव की सफाई लोगों के स्वयं के सहारे चल रही है। -अमर सिंह, ग्रामीण
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नालियां टूटने और अटने के कारण गलियों में जलभराव हो रहा है। गांव की फिरनियों पर अब भी लोग दूषित पानी से गुजरने को मजबूर हैं और घरों के सामने पानी भरा हुआ है।-झब्बूराम, ग्रामीण
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गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। रात के समय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सरपंच पिछली योजना का कार्य बताकर बात टाल रहे हैं।-रोहताश, ग्रामीण
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गांव की स्थापना के समय से यह गली बनी थी और कुछ साल एक व्यक्ति ने अपनी प्लॉट की जगह बताकर काम रुकवा दिया। इस गली से करीब 60 घरों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।-प्रभुदयाल, ग्रामीण
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गांव के जलघर का बुरा हाल है। आज छह दिन बाद पेयजल आपूर्ति हुई है। जलघर में गाद जमी है और इसकी सफाई की दरकार है ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।-सुजान सिंह, ग्रामीण
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गांव में दूषित पानी के जलभराव और सफाई अव्यवस्था रहना सबसे बड़ी परेशानी है। इसके बारे में 5 साल से डीसी को भी अवगत कराया जा रहा है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। सरपंच भी इसमें किसी प्रकार की रूचि नहीं दिखा रहे हैं।-महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश गलियों में नियमित सफाई नहीं होती है। इससे नाले अवरूद्ध हो रहे हैं और सफाई कर्मचारी कार्य में रूचि नहीं दिखा रहे। इससे पानी गलियों में भर रहा है। कहीं पर नालियां टूटी हैं और कहीं पर गलियां भी कच्ची पड़ी हैं।
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वहीं, बारिश के दिनों में जोहड़ ओपरफ्लो रहते हैं और निकास न होने के कारण पानी घरों व दुकानों भर जाता है। गांव में स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्ट्रीट लाइट लगाने और खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने की मांग उठाई गई।
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दूसरी ओर पेयजल व्यवस्था भी उचित नहीं है। जलघर के फिल्टर बेड में गाद जमी हैं और इनकी भी बारिश से पहले सफाई नहीं हो पाई। इससे पानी बदबूदार और मटमैला हो रहा है। साथ ही गलियों में पाइपलाइन लीकेज होने से भी पानी दूषित होकर घरों में पहुंच रहा है। कुछ स्थानों पर पानी नहीं पहुंच रहा।
परेशानी, ग्रामीणों की जूबानी
गांव में सीवरेज नहीं होने से गंदा पानी जोहड़ों में जाता है। बरसात में जोहड़ भर जाते हैं और पानी सड़कों व घरों तक पहुंच जाता है।-रामकिशन, ग्रामीण
गलियों में सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है और कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। सफाई कर्मचारी नदारद रहते हैं। गांव की सफाई लोगों के स्वयं के सहारे चल रही है। -अमर सिंह, ग्रामीण
नालियां टूटने और अटने के कारण गलियों में जलभराव हो रहा है। गांव की फिरनियों पर अब भी लोग दूषित पानी से गुजरने को मजबूर हैं और घरों के सामने पानी भरा हुआ है।-झब्बूराम, ग्रामीण
गांव की गलियों में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। रात के समय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। सरपंच पिछली योजना का कार्य बताकर बात टाल रहे हैं।-रोहताश, ग्रामीण
गांव की स्थापना के समय से यह गली बनी थी और कुछ साल एक व्यक्ति ने अपनी प्लॉट की जगह बताकर काम रुकवा दिया। इस गली से करीब 60 घरों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।-प्रभुदयाल, ग्रामीण
गांव के जलघर का बुरा हाल है। आज छह दिन बाद पेयजल आपूर्ति हुई है। जलघर में गाद जमी है और इसकी सफाई की दरकार है ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।-सुजान सिंह, ग्रामीण
गांव में दूषित पानी के जलभराव और सफाई अव्यवस्था रहना सबसे बड़ी परेशानी है। इसके बारे में 5 साल से डीसी को भी अवगत कराया जा रहा है लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। सरपंच भी इसमें किसी प्रकार की रूचि नहीं दिखा रहे हैं।-महेंद्र सिंह, पूर्व सूबेदार

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह

फोटो संख्या:60 महेंद्र सिंह