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Mahendragarh-Narnaul News: 25 से ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार, रोष प्रदर्शन 6 नंबवर को
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फोटो 03 आशा शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए। प्रवक्
नारनौल। 25 अक्तूबर को ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के लिए सोमवार को बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने उप सिविल सर्जन डॉ. आशा शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी निरंतर जनहित में बिना किसी संसाधन के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग अपने निजी मोबाइल से करने पर मजबूर हैं। जिसके लिए विभाग व सरकार से कई बार पत्राचार किया गया लेकिन कोई समाधान न होने के कारण मजबूरन एसोसिएशन को बहिष्कार का फैंसला लेना पड़ा।
एनएचएम में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए सरकार व विभाग से कई वर्षों से सैकड़ों बार पत्राचार व बातचीत हुई लेकिन समाधान की बजाय हमेशा तय समझौतों पर हर बार वादा खिलाफी की गई।
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एसोसिएशन 6 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालयों पर एक दिवसीय रोष प्रदर्शन करते हुए पुनः मांगों के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपेगी। यदि फिर भी सरकार व विभाग के आला अधिकारी नहीं जागे तो प्रदेशस्तरीय आंदोलन होगा।आंदोलन के दौरान आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ये हैं प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगें सर्विस बायलॉज के आधार व नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर 4200 वेतनमान लागू करवाना, ड्रेस व यात्रा भत्तों सहित नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर कोटा लागू करवाना व सेवानिवृत्त पर एक मुश्त राशि की व्यवस्था करवाना है। इस मौके पर जिला सचिव दर्शना कुमारी, पिंकी यादव, राजवीर सिंह, महेश कुमार, मनोज कुमार व अजय सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
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जिला प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी निरंतर जनहित में बिना किसी संसाधन के सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग अपने निजी मोबाइल से करने पर मजबूर हैं। जिसके लिए विभाग व सरकार से कई बार पत्राचार किया गया लेकिन कोई समाधान न होने के कारण मजबूरन एसोसिएशन को बहिष्कार का फैंसला लेना पड़ा।
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एनएचएम में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए सरकार व विभाग से कई वर्षों से सैकड़ों बार पत्राचार व बातचीत हुई लेकिन समाधान की बजाय हमेशा तय समझौतों पर हर बार वादा खिलाफी की गई।
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एसोसिएशन 6 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालयों पर एक दिवसीय रोष प्रदर्शन करते हुए पुनः मांगों के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपेगी। यदि फिर भी सरकार व विभाग के आला अधिकारी नहीं जागे तो प्रदेशस्तरीय आंदोलन होगा।आंदोलन के दौरान आमजन को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ये हैं प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की मुख्य मांगें सर्विस बायलॉज के आधार व नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर 4200 वेतनमान लागू करवाना, ड्रेस व यात्रा भत्तों सहित नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर कोटा लागू करवाना व सेवानिवृत्त पर एक मुश्त राशि की व्यवस्था करवाना है। इस मौके पर जिला सचिव दर्शना कुमारी, पिंकी यादव, राजवीर सिंह, महेश कुमार, मनोज कुमार व अजय सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे।