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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति जीवन जीने की कला : डॉ. जितेंद्र
Fri, 26 Sep 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 26 Sep 2025 12:03 AM IST
सार
नारनौल के सर्वोदय हाई स्कूल में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर संगोष्ठी और चिकित्सक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। इसमें आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता, अनुसंधान और आधुनिक चिकित्सा से समन्वय पर चर्चा हुई। उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया।
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फोटो नंबर-07चिकित्सकों को सम्मानित करते शिक्षक ट्रस्ट के सदस्य। स्रोत-संस्था
विस्तार
नारनौल। प्रगतिशील शिक्षक ट्रस्ट के तत्वावधान में सर्वोदय हाई स्कूल में बुधवार शाम राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर संगोष्ठी एवं चिकित्सक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा एवं ट्रस्टी राकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का विषय “आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता और अनुसंधान” रखा गया। स्वागत भाषण में डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल भारत की धरोहर नहीं बल्कि आज विश्व स्तर पर इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मान्यता मिल रही है।
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रो. डॉ. अशोक भाटी ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद के समन्वय को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए आवश्यक बताया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय यादव ने आयुर्वेदिक औषधियों के शोध पर जोर दिया। डॉ. गौरव मुंजाल ने रोग प्रतिरोधक क्षमता और प्राकृतिक जीवन शैली में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया।
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प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। संगोष्ठी उपरांत चिकित्सक अभिनंदन समारोह में समाज सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले चिकित्सकों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों में प्रो. डॉ. अशोक भाटी, डॉ. संजय यादव, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. हिना वत्स, डॉ. गौरव मुंजाल व डॉ. चेतन देवड़ा शामिल रहे। इस अवसर पर भीमसेन शर्मा, देवदत्त शर्मा, दिनेश शर्मा प्राचार्य, ओशिन शुक्ला, कृष्ण शर्मा एडवोकेट, धर्मपाल शर्मा, विपिन शर्मा व अन्य शामिल थे।
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ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा एवं ट्रस्टी राकेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी का विषय “आयुर्वेद की वैश्विक स्वीकार्यता और अनुसंधान” रखा गया। स्वागत भाषण में डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल भारत की धरोहर नहीं बल्कि आज विश्व स्तर पर इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मान्यता मिल रही है।
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बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रो. डॉ. अशोक भाटी ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद के समन्वय को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए आवश्यक बताया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय यादव ने आयुर्वेदिक औषधियों के शोध पर जोर दिया। डॉ. गौरव मुंजाल ने रोग प्रतिरोधक क्षमता और प्राकृतिक जीवन शैली में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया।
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प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। संगोष्ठी उपरांत चिकित्सक अभिनंदन समारोह में समाज सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले चिकित्सकों को अंग वस्त्र और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों में प्रो. डॉ. अशोक भाटी, डॉ. संजय यादव, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. हिना वत्स, डॉ. गौरव मुंजाल व डॉ. चेतन देवड़ा शामिल रहे। इस अवसर पर भीमसेन शर्मा, देवदत्त शर्मा, दिनेश शर्मा प्राचार्य, ओशिन शुक्ला, कृष्ण शर्मा एडवोकेट, धर्मपाल शर्मा, विपिन शर्मा व अन्य शामिल थे।