फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Apathy has snatched away the rest of the nights from the needy, there are no shelters in the city, how will they pass the winter season

Mahendragarh-Narnaul News: उदासीनता ने छीना जरूरतमंदों की रातों का चैन, शहर में नहीं बसेरे कैसे कटेगी सर्द रैन

Mon, 27 Nov 2023 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 27 Nov 2023 11:27 PM IST
विज्ञापन
Apathy has snatched away the rest of the nights from the needy, there are no shelters in the city, how will they pass the winter season
महेंद्रगढ़। अगर आप महेंद्रगढ़ क्षेत्र में आ रहे हैं तो रात गुजारने के लिए सरकार व प्रशासन के सहारे न रहें क्योंकि शहर में कहीं भी रैन बसेरों की व्यवस्था नहीं है। इस समय रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है तथा न्यूनतम तापमान भी 9.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। ऐसे में जरूरतमंदों को रैन गुजारने के लिए बसेरों का सहारा भी नहीं मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान मौसम परिवर्तनशील रहेगा तथा इसके बाद न्यूनतम तापमान में और अधिक गिरावट आएगी। वहीं सोमवार को हुई करीब 5 एमएम बारिश ने ठंडक और अधिक बढ़ा दी है, ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को रात में ठहरने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन

सर्दी का सीजन शुरू हो चुका है और नपा तथा प्रशासन के जिम्मेदारों की ओर से अभी तक कोई इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। शहर में किसी भी स्थान पर रैन बसेरे शुरू नहीं किए हैं। जरूरतमंद व बाहर से आने वाले लोगों को रात होने पर ठहरने के लिए स्वयं ही व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। वहीं नपा के जिम्मेदारों द्वारा दावा किया जा रहा है कि नगर पालिका में रैन बसेरा है लेकिन यहां न ही कोई संकेतक है तथा न ही कोई व्यवस्था। नपा कार्यालय के ऊपर एक कमरे में शुरू किया रैन बसेरा भी देखरेख के अभाव में कबाड़ व रिकार्ड की फाइलों से भरा पड़ा है। रात के समय कमरे के ताला लगा लगा दिया जाता है। ठंड के मौसम में बाहर ये आने वाले लोगों और गरीब तबके के लोग जिन्हें रात्रि के समय ठहरने के लिए कोई स्थान नहीं है, उन्हें रैन बसेरा में ठहराया जाए, ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके। इधर नवंबर माह बीतने को है और ठंड ने दस्तक भी दे दी है। सुबह और शाम को लोगों को गर्म कपड़े पहनने को मजबूर होना पड़ रहा है ऐसे में लोगों को बाहर से आते है और उन्हें अपने गंतव्य स्थान को जाने के लिए रात्रि के समय वाहन नहीं मिलते हैं, उन्हें ठहरने के लिए इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके बाद भी रैन बसेरे नहीं बनाए गए हैं।
विज्ञापन

-----------
- इन स्थानों पर है रैन बसेरों की आवश्यकता
शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, नगर पालिका तथा सचिवालय में रैन बसेरों की आवश्यकता है, लेकिन प्रशासन व नपा बाहर से आने वाले लोगों को ठंड से बचाने के लिए कोई योजना नहीं बना पाए हैं। वहीं रेलवे स्टेशन पर भी रैन बसेरा नहीं होने के कारण लोग प्लेटफार्म पर टीनशेड के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। शहर में लंबे समय से जरूरतमंद लाेग इन्हीं स्थानों पर खुले में रात भर ठंड का मुकाबला करते हैं। नपा प्रशासन द्वारा नगर पालिका कार्यालय में अस्थायी रूप से बनाया गया था। फिलहाल शहर में कहीं भी रैन बसेरे की सुविधा नहीं है। प्रशासन अभी रैन बसेरे को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------
- वर्जन:
जल्द ही शहर में सर्व कराया जाएगा। जहां भी आवश्यकता होती वहीं रैन बसेरे की व्यवस्था कराई जाएगी। विशेषकर रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड के साथ-साथ नगरपालिका में यह सुविधा जल्द ही शुरू की जाएगी। साथ ही राज्य परिवहन के अधिकारियों व रेलवे के कर्मचारियों के साथ मिलकर दोनों ही स्थानों पर रैन बसेरे शुरू कराए जाएंगे।
--- रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed