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फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि 31 दिसंबर
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से वंचित किसानों की परेशानी को देखते हुए उच्च विभाग ने फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि 15 दिसंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। जिससे अब किसान 31 दिसंबर तक फसल बीमा योजना का पंजीकरण करवा सकते है। जिसके लिए किसान सरल केंद्र, बैंक व साइबर कैफे पर ऑनलाइन आवेदन कर अपनी फसल का फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाएं।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आजीविका खेती पर ही निर्भर होती है। जिसमें गेहूं, सरसों व चने की मुख्य फसलें मानी जाती है। कई बार विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उनकी पक्की-पकाई फसल खराब हो जाती है। जिस कारण उन्हें घर खर्चा चलाना मुश्किल हो जाता है। जिसके बचाव के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई गई थी। जिसके लिए किसानों को साल की दोनों फसलों का विवरण पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवाना होता है। ताकि प्राकृतिक आपदा के कारण खराब हुई फसल का मुआवजा सरकार द्वारा किसानों को दिया जाएं। जिसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पंजीकरण के लिए विभाग द्वारा एक दिसंबर से 15 दिसंबर तक तिथी निर्धारित की गई थी। लेकिन 10 दिसंबर को ऑनलाइन पोर्टल सर्वर डाउन होने की वजह से काम नहीं कर रहा था।
इस दौरान आवेदन की अंतिम तिथि भी नजदीक आ गई थी, जिससे ब्लॉक किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पंजीकरण नहीं कर पाए। जिसके कारण किसानों में रोष था। कृषि विभाग के एडीओ डॉ. सतीश यादव ने बताया कि किसानों की परेशानी को देखते हुए सर्वर डाउन होने की शिकायत विभाग द्वारा उच्च अधिकारियों को दी गई थी। उच्च विभाग ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 15 दिसंबर की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। वहीं, सर्वर को अपडेट कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि योजना के मुताबिक रबी व खरीफ सीजन की फसलों का प्रीमियम निर्धारित कर दिया गया है। जिसका डेढ़ प्रतिशत शेयर किसानों को अदायगी करना होगा। बची हुई राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा राजस्व व बैंक के रिकार्ड का मिलान किया जाएगा। जिनमें अलग-अलग फसल साबित होने पर बीमा सुविधा नहीं मिल पाएगी। इसलिए किसानों को जागरूक और अलर्ट रहना होगा। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे किसान समृद्ध होने के साथ-साथ लाभान्वित भी होंगे।
किसानों द्वारा अदायगी वाला प्रीमियम
फसल प्रीमियम
गेहूं 382.43
जौ 247.36
सरसों 233.71
चना 179.68
सुरजमुखी 239.78
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गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आजीविका खेती पर ही निर्भर होती है। जिसमें गेहूं, सरसों व चने की मुख्य फसलें मानी जाती है। कई बार विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उनकी पक्की-पकाई फसल खराब हो जाती है। जिस कारण उन्हें घर खर्चा चलाना मुश्किल हो जाता है। जिसके बचाव के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई गई थी। जिसके लिए किसानों को साल की दोनों फसलों का विवरण पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवाना होता है। ताकि प्राकृतिक आपदा के कारण खराब हुई फसल का मुआवजा सरकार द्वारा किसानों को दिया जाएं। जिसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पंजीकरण के लिए विभाग द्वारा एक दिसंबर से 15 दिसंबर तक तिथी निर्धारित की गई थी। लेकिन 10 दिसंबर को ऑनलाइन पोर्टल सर्वर डाउन होने की वजह से काम नहीं कर रहा था।
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इस दौरान आवेदन की अंतिम तिथि भी नजदीक आ गई थी, जिससे ब्लॉक किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पंजीकरण नहीं कर पाए। जिसके कारण किसानों में रोष था। कृषि विभाग के एडीओ डॉ. सतीश यादव ने बताया कि किसानों की परेशानी को देखते हुए सर्वर डाउन होने की शिकायत विभाग द्वारा उच्च अधिकारियों को दी गई थी। उच्च विभाग ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 15 दिसंबर की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। वहीं, सर्वर को अपडेट कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि योजना के मुताबिक रबी व खरीफ सीजन की फसलों का प्रीमियम निर्धारित कर दिया गया है। जिसका डेढ़ प्रतिशत शेयर किसानों को अदायगी करना होगा। बची हुई राशि सरकार द्वारा वहन की जाएगी। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा राजस्व व बैंक के रिकार्ड का मिलान किया जाएगा। जिनमें अलग-अलग फसल साबित होने पर बीमा सुविधा नहीं मिल पाएगी। इसलिए किसानों को जागरूक और अलर्ट रहना होगा। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे किसान समृद्ध होने के साथ-साथ लाभान्वित भी होंगे।
किसानों द्वारा अदायगी वाला प्रीमियम
फसल प्रीमियम
गेहूं 382.43
जौ 247.36
सरसों 233.71
चना 179.68
सुरजमुखी 239.78