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Mahendragarh-Narnaul News: टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ व मारपीट मामले में आरोपी को मिली जमानत
Sun, 14 Jun 2026 02:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:51 AM IST
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नारनौल। टोल प्लाजा पर अपने साथियों के साथ तोड़फोड़, मारपीट करने व रंगदारी मांगने के आरोप में एडीजे हर्षाली चौधरी ने आरोपी गांव कालबा, नांगल चौधरी निवासी अरविंद को जमानत पर रिहा करने करने का फैसला सुनाया है। साथ ही निजी मुचलका व एक जमानती अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
17 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता गांव बिडौली, आगरा, उत्तर प्रदेश निवासी राजेश ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वह टोल प्लाजा पर मैनेजर के पद पर तैनात था। 16 नवंबर को सुबह करीब 8:00 बजे, नांगल चौधरी की तरफ से बिना नंबर प्लेट की दो बोलेरो गाड़ियां आईं और उनमें से 14-15 युवक उतरे।
सभी लाठियों और लोहे की रॉड से लैस थे और उन्होंने टोल प्लाजा की दस लेनों के सेंसर, एलईडी, कैप्चर कैमरा, यूपीएस, बूम बैरियर सिस्टम, केबिन व बूथ और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया जिससे लगभग 20-25 लाख का नुकसान हुआ।
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आरोप लगाया कि हमलावरों ने टोल कर्मियों को भी चोट पहुंचाईं और धमकी दी कि टोल प्लाजा चलाना है तो पैसे देने होंगे।आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी 25 दिसंबर 2025 से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। अदालत के समक्ष चालान पेश किया जा चुका है।
साथ ही सह आरोपियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है। दूसरी ओर सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और दलील दी कि आरोपी इसमें सीधे तौर पर शामिल था। आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं इसलिए वह जमानत का हकदार नहीं है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले के गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना व समानता के आधार पर आरोपी की जमानत याचिका को स्वीकार करने का फैसला सुनाया है।
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17 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता गांव बिडौली, आगरा, उत्तर प्रदेश निवासी राजेश ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वह टोल प्लाजा पर मैनेजर के पद पर तैनात था। 16 नवंबर को सुबह करीब 8:00 बजे, नांगल चौधरी की तरफ से बिना नंबर प्लेट की दो बोलेरो गाड़ियां आईं और उनमें से 14-15 युवक उतरे।
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सभी लाठियों और लोहे की रॉड से लैस थे और उन्होंने टोल प्लाजा की दस लेनों के सेंसर, एलईडी, कैप्चर कैमरा, यूपीएस, बूम बैरियर सिस्टम, केबिन व बूथ और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया जिससे लगभग 20-25 लाख का नुकसान हुआ।
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आरोप लगाया कि हमलावरों ने टोल कर्मियों को भी चोट पहुंचाईं और धमकी दी कि टोल प्लाजा चलाना है तो पैसे देने होंगे।आरोपी के वकील ने दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी 25 दिसंबर 2025 से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। अदालत के समक्ष चालान पेश किया जा चुका है।
साथ ही सह आरोपियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है। दूसरी ओर सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और दलील दी कि आरोपी इसमें सीधे तौर पर शामिल था। आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं इसलिए वह जमानत का हकदार नहीं है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले के गुण दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना व समानता के आधार पर आरोपी की जमानत याचिका को स्वीकार करने का फैसला सुनाया है।