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नारनौल, अटेली और नांगल चौधरी में भी भीगी फसल

Tue, 16 Apr 2019 11:40 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:40 PM IST
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नारनौल, अटेली और नांगल चौधरी में भी भीगी फसल
नारनौल। क्षेत्र में दोपहर बाद तेज आंधी के साथ हुई हल्की बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसानों के खेतों में कटी गेहूं की फसल भीग गई। वहीं नारनौल मंडी में मंगलवार को गेहूं की खरीदारी नही होने के कारण पीला सोना भीगने से बच गया। पुरानी मंडी में टीनशेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी गेहूं भीग जाता है। दूसरी तरफ नई अनाज मंडी में टीन शेड होने के कारण किसानों की सरसों भीगने से बच गई।
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सोमवार रात दस बजे के बाद धूल भरी आंधी के साथ मौसम ने अचानक करवट बदल ली। रात को क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के साथ पूरे दिन आसमान में बादल छाये रहे। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दोपहर करीब तीन बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे खेतों में कटाई के बाद बिछी गेहूं की फसल भीग जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों का कहना है कि खलिहान में गेहूं भीगने से अब उन्हें सुखाने के लिए दोबारा मेहनत करनी पड़ेगी। पुरानी अनाज मंडी में सोमवार को गेहूं की खरीदारी की गई थी। वहीं नई अनाज मंडी में टीन शेड की व्यवस्था होने के कारण सरसों भीगने से बच गई। मौसम खराब होने के चलते किसान अपनी सरसों को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल आदि साथ लेकर आये थे। इससे किसानों की सरसों कम भीगी। मंडी में उठान न होने के कारण खुले आसमान में बारदाने में भरी थोड़ी बहुत सरसों भीग गई। मौसम साफ होने के बाद दोबारा से सरसों की खरीद हुई। इसके बाद शाम छह बजे दोबारा से बारिश शुरू हो गई। ऐसे में किसानों को सरसों को लेकर परेशानी हुई। अन्य मंडियों से आया गेहूं नई मंडी में खुुले में रखा गया हैं। इसे तिरपाल से बचाने का प्रयास किया।
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आठ हजार बैग की गई सरसों की खरीद
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी क्षेत्र में सोमवार देर रात से मौसम में आए बदलाव के कारण पूरी रात धूल भरी तेज हवाएं चली। इसके बाद हल्की बारिश हुई। ो नांगल चौधरी के गांव गोठडी, जैनपुर व सिलारपुर के गांवों की करीब आठ हजार बैग सरसों की खरीद की गई। उठान प्रक्रिया धीमी होने के कारण खुले आसमान के नीचे रखे करीब चालीस से पचास हजार सरसों के बैग हल्की बारिश में भीग गये। खरीदे सरसों के बैगों को बरसात से बचाने के लिए हैफेड द्वारा कोई इंतजाम नही किए थे। इससे सरसों बेचने आए किसानों को खुले आसमान के नीचे सरसों की ढेरियां लगानी पड़ रही है। जिला प्रबंधक देशराज यादव ने बताया कि उठान कि लिए ट्रकों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। धोलेड़ा मोड़ पर एक और गोदाम किराए पर लिया गया है। जल्द ही उठान प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी।
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बारिश से सरसों व गेहूं भीगे, मंडी में उठान रुका
मंडी अटेली। बारिश से किसानों की फसल भीग गई। मंडी में बेचने के लिए लाई गई सरसों व गेहूं दोनों ही भीग गए। किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि उनकी फसल बिकेगी या नहीं। वही खेतों में गेहूं भीगने से किसान गेहूं की फसल निकालने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। हैफेड प्रबंधक अमरजीत का कहना है कि मंडी में अब तक 22 हजार बैग के करीब सरसों का उठान नहीं हो पाया है। उठान जारी था लेकिन बारिश के कारण उठान रोका गया है। मंडी में एक लाख 33 हजार 400 सरसों के बैग का उठान हो चुका है।
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