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उसी प्रॉपर्टी पर दूसरे नाम से कनेक्शन चला रहे डिफॉल्टरों के कनेक्शन कटेंगे
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम अब डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी जुुटाएगा। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसमें हर एक उपभोक्ता का आधार कार्ड भी बिजली बिल से जोड़ा जाएगा। जिन डिफॉल्टरों ने कनेक्शन काटे थे उन्होंने अपने परिवार के किसी अन्य के नाम से कनेक्शन तो नहीं लिया ऐसे लोगों की भी जांच की जाएगी। इसके बाद इन उपभोक्ताओं की पहचान कनेक्शन काटे जाएंगे।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए बिल माफी योजना शुरू की थी। कुल 53 हजार डिफॉल्टर उपभोक्ताओं में से करीब 36 हजार उपभोक्ताओं ने इसमें फायदा लिया। 31 जनवरी तक चली बिजली निगम की इस योजना में 17 हजार उपभोक्ता अब भी डिफॉल्टर रह गए। बिजली निगम के करीब 13 हजार से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके कनेक्शन कटे हैं। निगम के रिकार्ड के अनुसार ऐसे अधिकतर उपभोक्ताओं ने दूसरे नाम से कनेक्शन लिए हैं। बड़ी रकम का डिफॉल्टर होने के बाद बिजली निगम ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट देता है। ऐसे में उपभोक्ता परिवार के किसी दूसरे सदस्य के नाम से कनेक्शन ले लेते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान के लिए बिजली निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें उपभोक्ताओं से केवाईसी -नो योअर कंज्यूमर यानी अपने उपभोक्ता को जानो फार्म भरवाया जा रहा रहा है। इस अभियान को फरवरी माह में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसमें उपभोक्ताओं का आधार कार्ड भी बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा। ऐसा होने पर उपभोक्ता के पूरे परिवार के लोगों की जानकारी मिल जाएगी। अगर इस प्रॉपर्टी में निगम का पैसा बकाया मिला तो कनेक्शन काटा जाएगा।
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17065 उपभोक्ताओं में फंसे 43 करोड़
बिजली निगम के अब 17065 उपभोक्ताओं पर 43 करोड़ 82 लाख रुपये रह गए हैं। निगम के 53279 डिफॉल्टरों में करीब 36 हजार ने बिल अदा कर दिया। अब 17 हजार उपभोक्ताओं पर निगम का करीब 43 करोड़ रुपये बकाया है।
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कोट
जिन उपभोक्ताओं ने डिफॉल्टर होने के बाद किसी दूसरे नाम से कनेक्शन ले लिया, ऐसे लोगों की पहचान कर रहे हैं। केवाईएसी के जरिए उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी जुटाएंगे। साथ ही हर एक उपभोक्ता का बिल आधार कार्ड से जोड़ रहे हैं। अगर किसी ने डिफॉल्टर होने के बाद उसी प्रॉपर्टी पर दूसरे नाम से कनेक्शन लिया होगा तो उन कनेक्शन को काटेंगे।
- बुधराम पंवार, कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन, महेंद्रगढ़।
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महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम अब डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी जुुटाएगा। इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। इसमें हर एक उपभोक्ता का आधार कार्ड भी बिजली बिल से जोड़ा जाएगा। जिन डिफॉल्टरों ने कनेक्शन काटे थे उन्होंने अपने परिवार के किसी अन्य के नाम से कनेक्शन तो नहीं लिया ऐसे लोगों की भी जांच की जाएगी। इसके बाद इन उपभोक्ताओं की पहचान कनेक्शन काटे जाएंगे।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के लिए बिल माफी योजना शुरू की थी। कुल 53 हजार डिफॉल्टर उपभोक्ताओं में से करीब 36 हजार उपभोक्ताओं ने इसमें फायदा लिया। 31 जनवरी तक चली बिजली निगम की इस योजना में 17 हजार उपभोक्ता अब भी डिफॉल्टर रह गए। बिजली निगम के करीब 13 हजार से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके कनेक्शन कटे हैं। निगम के रिकार्ड के अनुसार ऐसे अधिकतर उपभोक्ताओं ने दूसरे नाम से कनेक्शन लिए हैं। बड़ी रकम का डिफॉल्टर होने के बाद बिजली निगम ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट देता है। ऐसे में उपभोक्ता परिवार के किसी दूसरे सदस्य के नाम से कनेक्शन ले लेते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान के लिए बिजली निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें उपभोक्ताओं से केवाईसी -नो योअर कंज्यूमर यानी अपने उपभोक्ता को जानो फार्म भरवाया जा रहा रहा है। इस अभियान को फरवरी माह में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसमें उपभोक्ताओं का आधार कार्ड भी बिजली बिल के साथ जोड़ा जाएगा। ऐसा होने पर उपभोक्ता के पूरे परिवार के लोगों की जानकारी मिल जाएगी। अगर इस प्रॉपर्टी में निगम का पैसा बकाया मिला तो कनेक्शन काटा जाएगा।
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17065 उपभोक्ताओं में फंसे 43 करोड़
बिजली निगम के अब 17065 उपभोक्ताओं पर 43 करोड़ 82 लाख रुपये रह गए हैं। निगम के 53279 डिफॉल्टरों में करीब 36 हजार ने बिल अदा कर दिया। अब 17 हजार उपभोक्ताओं पर निगम का करीब 43 करोड़ रुपये बकाया है।
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जिन उपभोक्ताओं ने डिफॉल्टर होने के बाद किसी दूसरे नाम से कनेक्शन ले लिया, ऐसे लोगों की पहचान कर रहे हैं। केवाईएसी के जरिए उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी जुटाएंगे। साथ ही हर एक उपभोक्ता का बिल आधार कार्ड से जोड़ रहे हैं। अगर किसी ने डिफॉल्टर होने के बाद उसी प्रॉपर्टी पर दूसरे नाम से कनेक्शन लिया होगा तो उन कनेक्शन को काटेंगे।
- बुधराम पंवार, कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन, महेंद्रगढ़।