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स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति रही 43 फीसदी
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जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में शुक्रवार को साढ़े तीन माह बाद छठी से 8वीं की कक्षाएं शुरू हो गई है। पहले दिन बच्चों की संख्या निजी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति लगभग 70 प्रतिशत रही वहीं सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम दिखाई दी। कोविड-19 को लेकर शिक्षा अधिकारी व स्कूल प्रबंधन काफी सतर्क नजर आए। अभिभावकों की अनुमति के साथ मास्क लगाकर पहुंचे बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही स्कूलों में प्रवेश दिया गया। वहीं जिन बच्चों ने मास्क नही लगाया हुआ था उनको स्कूल में ही मास्क उपलब्ध करवाएं।
जिले में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होने के बाद आज छठी से 8वीं तक के बच्चे आने से स्कूलों में रौनक लौट आई है। पहले दिन सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 से 40 प्रतिशत रही वहीं निजी स्कूलों में यह संख्या 70 से 80 प्रतिशत तक रही। पहले दिन छात्र संख्या कम होने के कारण बैठाने व शारीरिक दूरी के पालन में स्कूल प्रबंधन को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। छात्रों की संख्या बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन को भी कोविड नियमों की पालना को लेकर सतर्क रहना होगा। स्कूल प्रबंधन के अनुसार सोमवार से स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखाई दी। क्योंकि कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने से वे बेरोजगार हो गये थे। अब स्कूल खुलने से अध्यापक भी खुश नजर आये। अध्यापकों ने पहले दिन बच्चों को कोविड-19 से बचाव संबंधित नियमों का पाठ पढ़ाया, वहीं बच्चों द्वारा घर पर रहकर किए कार्य की जांच की। स्कूल आने पर बच्चों को मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। अभिभावकों से भी अनुरोध किया स्कूल खुलने के बाद बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें।
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कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बाद सरकार की हिदायत अनुसार कक्षा 6वीं से 8वीं तक सरकारी व गैर सरकारी स्कूल खुल गये। सरकार के निर्देशानुसार बच्चों में सामाजिक दूरी बनाकर उन्हें पढ़ाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ज्यादातर स्कूलों में व्यवस्था ठीक पाई गई।
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जिले में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं 16 जुलाई से शुरू होने के बाद आज छठी से 8वीं तक के बच्चे आने से स्कूलों में रौनक लौट आई है। पहले दिन सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 से 40 प्रतिशत रही वहीं निजी स्कूलों में यह संख्या 70 से 80 प्रतिशत तक रही। पहले दिन छात्र संख्या कम होने के कारण बैठाने व शारीरिक दूरी के पालन में स्कूल प्रबंधन को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। छात्रों की संख्या बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन को भी कोविड नियमों की पालना को लेकर सतर्क रहना होगा। स्कूल प्रबंधन के अनुसार सोमवार से स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
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बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों के चेहरों पर भी मुस्कान दिखाई दी। क्योंकि कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने से वे बेरोजगार हो गये थे। अब स्कूल खुलने से अध्यापक भी खुश नजर आये। अध्यापकों ने पहले दिन बच्चों को कोविड-19 से बचाव संबंधित नियमों का पाठ पढ़ाया, वहीं बच्चों द्वारा घर पर रहकर किए कार्य की जांच की। स्कूल आने पर बच्चों को मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी। अभिभावकों से भी अनुरोध किया स्कूल खुलने के बाद बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें।
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कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बाद सरकार की हिदायत अनुसार कक्षा 6वीं से 8वीं तक सरकारी व गैर सरकारी स्कूल खुल गये। सरकार के निर्देशानुसार बच्चों में सामाजिक दूरी बनाकर उन्हें पढ़ाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ज्यादातर स्कूलों में व्यवस्था ठीक पाई गई।