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भारतीय संस्कृति विश्व शांति और एकता की प्रेरणास्रोत: अनिल मांदी
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:47 PM IST
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भारतीय संस्कृति विश्व शांति और एकता की प्रेरणा स्रोत : अनिल मांदी
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। श्रीराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल नांगल चौधरी में रविवार को स्वदेशी संस्कृति अपनाओ राष्ट्र बचाओ कार्यक्रम चेयरमैन एडवोकेट अनिल मांदी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों के बारे में बताया गया।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ है। इससे बड़ों का आदर, छोटों से प्यार करने की प्रेरणा मिलती है। दहेज प्रथा के वशीभूत होकर युवा सामाजिक दायित्व भूल गए। इससे कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलने से लिंगानुपात स्थिति असंतुलित हो गई। उन्होंने कहा कि युवाओं को कन्या भ्रूण हत्या और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी। कहा कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं। उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन तथा संस्कार मिलने चाहिए। इसके बाद अभिभावकों को बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट के बारे में बताया गया। उन्हें बच्चों की विभिन्न गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायत दी गई। इस मौके पर प्रबंध निदेशक संयोगिता यादव, प्राचार्य देवदत्त शर्मा, दरियाव सिंह, धर्मबीर दहिया आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। श्रीराम सीनियर सेकेंडरी स्कूल नांगल चौधरी में रविवार को स्वदेशी संस्कृति अपनाओ राष्ट्र बचाओ कार्यक्रम चेयरमैन एडवोकेट अनिल मांदी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों के बारे में बताया गया।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ है। इससे बड़ों का आदर, छोटों से प्यार करने की प्रेरणा मिलती है। दहेज प्रथा के वशीभूत होकर युवा सामाजिक दायित्व भूल गए। इससे कन्या भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलने से लिंगानुपात स्थिति असंतुलित हो गई। उन्होंने कहा कि युवाओं को कन्या भ्रूण हत्या और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी होगी। कहा कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं। उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन तथा संस्कार मिलने चाहिए। इसके बाद अभिभावकों को बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट के बारे में बताया गया। उन्हें बच्चों की विभिन्न गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायत दी गई। इस मौके पर प्रबंध निदेशक संयोगिता यादव, प्राचार्य देवदत्त शर्मा, दरियाव सिंह, धर्मबीर दहिया आदि मौजूद रहे।
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