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Mahendragarh-Narnaul News: गांव भांडोर नीची में निक्षय शिविर मेें 200 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग हुई
Sun, 13 Jul 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 13 Jul 2025 12:15 AM IST
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फोटो संख्या:55- गांव भांडोर नीची में ग्रामीणों की स्वास्थ्य की जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टी
महेंद्रगढ़। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को गांव भांडोर नीची में निक्षय शिविर लगाया गया। इसमें 200 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरजीत सिवाच, डॉ. चंद्रपाल, स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा व जयप्रकाश ने जांच की।
आशा कार्यकर्ता ललिता शर्मा, राजरानी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शोभा देवी ने घर-घर जाकर मरीजों को शिविर तक लाने में सहायता की। शिविर में ह्यूमन कैरियर जयप्रकाश व स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा ने 16 टीबी संभावित मरीजों के बलगम के नमूने लेकर निक्षय पोर्टल पर उपलोड किया। शिविर में लगभग 200 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई व उनको विभिन्न बीमारियों की दवाई दी गई। 60 साल से अधिक के लोगों, टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों की जांच करके मौके पर ही दवाई दी।
वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरजीत सिवाच ने बताया की निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिए जाते हैं। दवाई शुरू होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को जारी किए जाते है। उन्होंने बताया कि टीबी फेफड़ों के साथ-साथ शरीर के किसी अंग पर हो सकती है। दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, वजन लगातार कम होना, लगातार बुखार लगना, शरीर के किसी अंग पर गांठ होना टीबी के लक्षण होते है। इस अवसर पर आशा वर्कर ललिता देवी, पूर्व सरपंच धनपत शर्मा, रेखा, बाबू पहल सिंह, प्रहलाद शर्मा सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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आशा कार्यकर्ता ललिता शर्मा, राजरानी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शोभा देवी ने घर-घर जाकर मरीजों को शिविर तक लाने में सहायता की। शिविर में ह्यूमन कैरियर जयप्रकाश व स्वास्थ्य कर्मी अनूप रिवासा ने 16 टीबी संभावित मरीजों के बलगम के नमूने लेकर निक्षय पोर्टल पर उपलोड किया। शिविर में लगभग 200 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई व उनको विभिन्न बीमारियों की दवाई दी गई। 60 साल से अधिक के लोगों, टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों, शुगर व बीपी के मरीजों की जांच करके मौके पर ही दवाई दी।
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वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुरजीत सिवाच ने बताया की निक्षय पोषण योजना के तहत छह हजार रुपये भी मरीज को दिए जाते हैं। दवाई शुरू होते ही तीन हजार रुपये पहली किस्त के रूप में मरीज को जारी किए जाते है। उन्होंने बताया कि टीबी फेफड़ों के साथ-साथ शरीर के किसी अंग पर हो सकती है। दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, वजन लगातार कम होना, लगातार बुखार लगना, शरीर के किसी अंग पर गांठ होना टीबी के लक्षण होते है। इस अवसर पर आशा वर्कर ललिता देवी, पूर्व सरपंच धनपत शर्मा, रेखा, बाबू पहल सिंह, प्रहलाद शर्मा सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
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