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धूम्रपान से बढ़ रहा मानसिक तनाव, युवाओं को जागरूक होने की जरूरत
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। सिलारपुर में युवाओं की संगोष्ठी रविवार को हुई। जिसमें समाजसेवी डॉ. गजेसिंह चोपड़ा मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने धूम्रपान के विभिन्न दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया होती है। स्वस्थ युवा ही राष्ट्र व समाज के विकास में सक्रिय योगदान दे सकता है। लेकिन अधिकांश युवा स्वास्थ्य को लेकर जागरूक नहीं होते। एक-दूसरे की देखादेखी धूम्रपान, शराब सेवन करने लगे हैं। जिससे बीपी, कैंसर, हार्ट अटैक, टीबी, किडनी खराब होने के अलावा मानसिक तनाव को बढ़ावा मिल रहा है। नशाखोरी के चलते अधिकतर परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई। रोकथाम के लिए युवाओं को जागरूकता अभियान शुरू करना होगा। इस मौके पर बाबूलाल, ओमप्रकाश, शीशराम, राजकुमार, महेंद्र सिंह, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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नांगल चौधरी। सिलारपुर में युवाओं की संगोष्ठी रविवार को हुई। जिसमें समाजसेवी डॉ. गजेसिंह चोपड़ा मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने धूम्रपान के विभिन्न दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि पहला सुख निरोगी काया होती है। स्वस्थ युवा ही राष्ट्र व समाज के विकास में सक्रिय योगदान दे सकता है। लेकिन अधिकांश युवा स्वास्थ्य को लेकर जागरूक नहीं होते। एक-दूसरे की देखादेखी धूम्रपान, शराब सेवन करने लगे हैं। जिससे बीपी, कैंसर, हार्ट अटैक, टीबी, किडनी खराब होने के अलावा मानसिक तनाव को बढ़ावा मिल रहा है। नशाखोरी के चलते अधिकतर परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई। रोकथाम के लिए युवाओं को जागरूकता अभियान शुरू करना होगा। इस मौके पर बाबूलाल, ओमप्रकाश, शीशराम, राजकुमार, महेंद्र सिंह, संदीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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