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समय को तोड़, धड़ल्ले से चल रहे ओवरलोड
Updated Sat, 09 Dec 2017 08:37 PM IST
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धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहन, दलाल कराते हैं ‘नैयापार’
नारनौल। पुलिस प्रशासन ने भले ही शहर में ओवरलोड वाहनों के प्रवेश का समय निर्धारित किया है, इसके बावजूद शहर में भारी वाहनों का निरंतर प्रवेश जारी है। हालांकि दिन के समय ये शहर में नहीं आते, लेकिन शाम होते ही शहर में ओवरलोड वाहनों की कतारें ही नहीं टूटती हैं। इस प्रकार यदि किसी व्यक्ति को अपने वाहन को सड़क से दूसरी ओर ले जाना है तो वह भी उसे नहीं ले जा पाता। ऐसा ही नजारा शुक्रवार रात देखने को मिला। जब ओवरलोड वाहनों के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी तो शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने हीरो चौक से महावीर चौक तक के ओवरलोड वाहनों वहीं खड़ा करवा दिया। इससे एक ओर का सड़क मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। एक ओर का सड़क मार्ग बंद होने से न केवल अन्य वाहन चालकों को परेशानी हुई, बल्कि ओवरलोड वाहन चालकों को भी कई घंटों इंतजार करना पड़ा है।
नारनौल शहर में ओवरलोड वाहनों की सबसे बड़ी समस्या है। इसके चलते शहर में कई बार दुघर्टनाएं भी हो चुकी हैं। इनमें कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। शहर पर बढ़ते ओवरलोड वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने बाईपास का निर्माण करवाया, ताकि शहर से गुजरने वाले ओवरलोड वाहन बाइपास से सीधे शहर में बाहर ही निकले, लेकिन यह बाईपास एक ओर ही बनने के कारण इस पर केवल महेंद्रगढ़-दादरी की ओर जाने वाले वाहन ही गुजरते हैं, वहीं रेवाड़ी रोड की ओर जाने वाले वाहनों को अब भी शहर के होकर गुजरना पड़ता है, जबकि अधिक संख्या में वाहन रेवाड़ी की ओर ही जाते हैं।
पुलिस प्रशासन ने निर्धारित किया हुआ है समय
ओवरलोड वाहनों के कारण हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने इन भारी वाहनों पर सर्दियों में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे व गर्मियों से सुबह सात से रात 9 बजे तक शहर में प्रवेश के लिए रोक लगा दी है। प्रशासन के आदेश के बाद भारी वाहनों की शहर में सुबह के समय तो रोक लग गई, लेकिन सायं होते ही निर्धारित समय से पूर्व ही ये ओवरलोड वाहन सरपट दौड़ने लग जाते हैं। शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में ओवरलोड वाहन निकलते हैं। इस प्रकार सायं होते शहर के हीरो होंडा चौक से महावीर चौक व रेवाड़ी रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। इस दौरान अगर कोई अन्य वाहन चालक को सड़क से दूसरी तरफ जाना भी चाहे तो वह भी नहीं जा सकता है।
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ट्रैफिक लाइट को धता बता दौड़ा रहे हैं वाहन
रात के समय ये ओवरलोड वाहन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते हैं। ट्रैफिक लाइटों पर ही अपने वाहनों को रोकना जरूरी नहीं समझते हैं। हीरो होंडा चौक से महावीर चौक की ओर आते समय रेड लाइट होने वाली होती है तो अपने वाहन को इतनी तेज दौड़ते हैं कि फिर चाहे इनके सामने कोई आ जाए। ये नहीं रोकने वाले हैं। महावीर चौक पर साइबर कैफे केे संचालक मनोज गोस्वामी शुक्रवार रात को महेंद्रगढ़ रोड से कार में दुकान पर आ रहे थे। महावीर चौक पर ट्रैफिक लाइट रेड होने की वजह से वह रुक गए। जैसे ही ट्रैफिक लाइट ग्रीन हुई वह अपनी साइड कार निकालने लगे। इसी दौरान उस तरफ की रेड होने के बावजूद सामने से तेज रफ्तार ट्रक आया गया। परंतु गनीमत रही की ट्रक चालक ने ब्रेक मार लिए। इससे बचाव हो गया।
दलालों ने कार चालक से की हाथापाई
ट्रक जैसे रुका, इसके पीछे-पीछे चल रहे मोटरसाइकिल पर कुछ युवकों ने कार चालक मनोज की खिड़की खुलवा उसकी कालर पकड़ते हुए ट्रक कैसे रोकने की बात कही। इस पर कार चालक ने कहा कि ट्रक उसने नहीं रुकवाया बल्कि रेड लाइट होने के बावजूद वह क्रास कर रहा था, जबकि वह भी अपनी कार क्रास कर रहा था। इस प्रकार वह रुक गया। देखते ही देखते युवकों व मनोज में हाथापाई हो गई।कार चालक मनोज ने इस पर तुरंत एसपी को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही शहर थाना पुलिस प्रभारी रणजीत सिंह पुलिस कर्मचारियों के साथ महावीर चौक पर पहुंचे तो युवक वहां से रफूचक्कर हो गए। इसके बाद थाना प्रभारी ने हीरो होंडा चौक से महावीर चौक पर खड़े ओवरलोड वाहनों को वहीं खड़ा करवा दिया। उन्हें न तो जाने दिया और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई की।
दलाल लगाते हैं वाहनों की नैया पार
ओवरलोड वाहनों को क्षेत्र की सीमा से पार करवाने का कार्य दलाल करते हैं। यहां भी दलालों का खेल चलता है। रात को हुई वारदात से यह बात स्पष्ट हो गई है कि शहर से गुजरने वाले ट्रकों की नैया पार करवाने में दलाल अहम भूमिका निभाते हैं। इसके एवज में दलाल मोटी राशि लेते हैं। सवाल यह भी खड़ा होता है कि दलाल बिना किसी राजनीतिक पहुंच या किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत के बिना यह काम नहीं कर सकता है।
पत्रकारों को फोटो लेने से किया मना
शुक्रवार रात को एक शादी समारोह से लौट रहे कुछ पत्रकारों व फोटोग्राफर ने देखा कि महावीर चौक पर पुलिस बल खड़ा है और वाहनों की कतार लगी है। इस पर उन्होंने वहां खड़े पुलिस बल की फोटो लेने लगे तो थाना प्रभारी ने फोटो लेने से मना कर दिया, वहीं कहा कि पुलिस कुछ करे तो यह नहीं करने देते हैं।
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ओवरलोड शहर की बड़ी समस्या है, इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। पुलिस प्रशासन को इन पर जल्द शिकंजा कसना चाहिए।
-शंकरलाल भार्गव
ओवरलोड के कारण शहर में हादसे होते रहते हैं। इन हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि हादसों पर लगाम लगे।
-विनोद सोनी
शाम सात बजते ही ओवरलोड वाहन शहर में प्रवेश करने लगते हैं। जबकि इनका प्रवेश रात नौ बजे बाद होना चाहिए। इन वाहनों के कारण जहां दुर्घटनाएं होती हैं, वहीं रोज शाम को जाम भी लगता है।
सुशील कुमार
ओवरलोड के कारण रोजाना शाम को सात बजे से देर रात तक सिंघाना, निजामपुर व रेवाड़ी रोड पर जाम लगा रहता है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
-जीतू कपिल
ओवरलोड वाहनों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अक्सर ओवरलोड वाहन चालक पुलिस को देखते ही अपने वाहन को छोड़कर भाग जाते हैं। फिर भी उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही छोटे वाहनों के भी चालान किए जा रहे हैं।
-शिव कुमार, ट्रैफिक एसएचओ, जिला महेंद्रगढ़
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नारनौल। पुलिस प्रशासन ने भले ही शहर में ओवरलोड वाहनों के प्रवेश का समय निर्धारित किया है, इसके बावजूद शहर में भारी वाहनों का निरंतर प्रवेश जारी है। हालांकि दिन के समय ये शहर में नहीं आते, लेकिन शाम होते ही शहर में ओवरलोड वाहनों की कतारें ही नहीं टूटती हैं। इस प्रकार यदि किसी व्यक्ति को अपने वाहन को सड़क से दूसरी ओर ले जाना है तो वह भी उसे नहीं ले जा पाता। ऐसा ही नजारा शुक्रवार रात देखने को मिला। जब ओवरलोड वाहनों के कारण शहर में जाम की स्थिति बनी तो शहर थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने हीरो चौक से महावीर चौक तक के ओवरलोड वाहनों वहीं खड़ा करवा दिया। इससे एक ओर का सड़क मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। एक ओर का सड़क मार्ग बंद होने से न केवल अन्य वाहन चालकों को परेशानी हुई, बल्कि ओवरलोड वाहन चालकों को भी कई घंटों इंतजार करना पड़ा है।
नारनौल शहर में ओवरलोड वाहनों की सबसे बड़ी समस्या है। इसके चलते शहर में कई बार दुघर्टनाएं भी हो चुकी हैं। इनमें कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं। शहर पर बढ़ते ओवरलोड वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने बाईपास का निर्माण करवाया, ताकि शहर से गुजरने वाले ओवरलोड वाहन बाइपास से सीधे शहर में बाहर ही निकले, लेकिन यह बाईपास एक ओर ही बनने के कारण इस पर केवल महेंद्रगढ़-दादरी की ओर जाने वाले वाहन ही गुजरते हैं, वहीं रेवाड़ी रोड की ओर जाने वाले वाहनों को अब भी शहर के होकर गुजरना पड़ता है, जबकि अधिक संख्या में वाहन रेवाड़ी की ओर ही जाते हैं।
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पुलिस प्रशासन ने निर्धारित किया हुआ है समय
ओवरलोड वाहनों के कारण हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने इन भारी वाहनों पर सर्दियों में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे व गर्मियों से सुबह सात से रात 9 बजे तक शहर में प्रवेश के लिए रोक लगा दी है। प्रशासन के आदेश के बाद भारी वाहनों की शहर में सुबह के समय तो रोक लग गई, लेकिन सायं होते ही निर्धारित समय से पूर्व ही ये ओवरलोड वाहन सरपट दौड़ने लग जाते हैं। शहर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में ओवरलोड वाहन निकलते हैं। इस प्रकार सायं होते शहर के हीरो होंडा चौक से महावीर चौक व रेवाड़ी रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। इस दौरान अगर कोई अन्य वाहन चालक को सड़क से दूसरी तरफ जाना भी चाहे तो वह भी नहीं जा सकता है।
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ट्रैफिक लाइट को धता बता दौड़ा रहे हैं वाहन
रात के समय ये ओवरलोड वाहन सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते हैं। ट्रैफिक लाइटों पर ही अपने वाहनों को रोकना जरूरी नहीं समझते हैं। हीरो होंडा चौक से महावीर चौक की ओर आते समय रेड लाइट होने वाली होती है तो अपने वाहन को इतनी तेज दौड़ते हैं कि फिर चाहे इनके सामने कोई आ जाए। ये नहीं रोकने वाले हैं। महावीर चौक पर साइबर कैफे केे संचालक मनोज गोस्वामी शुक्रवार रात को महेंद्रगढ़ रोड से कार में दुकान पर आ रहे थे। महावीर चौक पर ट्रैफिक लाइट रेड होने की वजह से वह रुक गए। जैसे ही ट्रैफिक लाइट ग्रीन हुई वह अपनी साइड कार निकालने लगे। इसी दौरान उस तरफ की रेड होने के बावजूद सामने से तेज रफ्तार ट्रक आया गया। परंतु गनीमत रही की ट्रक चालक ने ब्रेक मार लिए। इससे बचाव हो गया।
दलालों ने कार चालक से की हाथापाई
ट्रक जैसे रुका, इसके पीछे-पीछे चल रहे मोटरसाइकिल पर कुछ युवकों ने कार चालक मनोज की खिड़की खुलवा उसकी कालर पकड़ते हुए ट्रक कैसे रोकने की बात कही। इस पर कार चालक ने कहा कि ट्रक उसने नहीं रुकवाया बल्कि रेड लाइट होने के बावजूद वह क्रास कर रहा था, जबकि वह भी अपनी कार क्रास कर रहा था। इस प्रकार वह रुक गया। देखते ही देखते युवकों व मनोज में हाथापाई हो गई।कार चालक मनोज ने इस पर तुरंत एसपी को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही शहर थाना पुलिस प्रभारी रणजीत सिंह पुलिस कर्मचारियों के साथ महावीर चौक पर पहुंचे तो युवक वहां से रफूचक्कर हो गए। इसके बाद थाना प्रभारी ने हीरो होंडा चौक से महावीर चौक पर खड़े ओवरलोड वाहनों को वहीं खड़ा करवा दिया। उन्हें न तो जाने दिया और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई की।
दलाल लगाते हैं वाहनों की नैया पार
ओवरलोड वाहनों को क्षेत्र की सीमा से पार करवाने का कार्य दलाल करते हैं। यहां भी दलालों का खेल चलता है। रात को हुई वारदात से यह बात स्पष्ट हो गई है कि शहर से गुजरने वाले ट्रकों की नैया पार करवाने में दलाल अहम भूमिका निभाते हैं। इसके एवज में दलाल मोटी राशि लेते हैं। सवाल यह भी खड़ा होता है कि दलाल बिना किसी राजनीतिक पहुंच या किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत के बिना यह काम नहीं कर सकता है।
पत्रकारों को फोटो लेने से किया मना
शुक्रवार रात को एक शादी समारोह से लौट रहे कुछ पत्रकारों व फोटोग्राफर ने देखा कि महावीर चौक पर पुलिस बल खड़ा है और वाहनों की कतार लगी है। इस पर उन्होंने वहां खड़े पुलिस बल की फोटो लेने लगे तो थाना प्रभारी ने फोटो लेने से मना कर दिया, वहीं कहा कि पुलिस कुछ करे तो यह नहीं करने देते हैं।
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ओवरलोड शहर की बड़ी समस्या है, इस समस्या की ओर ध्यान देना चाहिए। पुलिस प्रशासन को इन पर जल्द शिकंजा कसना चाहिए।
-शंकरलाल भार्गव
ओवरलोड के कारण शहर में हादसे होते रहते हैं। इन हादसों को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि हादसों पर लगाम लगे।
-विनोद सोनी
शाम सात बजते ही ओवरलोड वाहन शहर में प्रवेश करने लगते हैं। जबकि इनका प्रवेश रात नौ बजे बाद होना चाहिए। इन वाहनों के कारण जहां दुर्घटनाएं होती हैं, वहीं रोज शाम को जाम भी लगता है।
सुशील कुमार
ओवरलोड के कारण रोजाना शाम को सात बजे से देर रात तक सिंघाना, निजामपुर व रेवाड़ी रोड पर जाम लगा रहता है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
-जीतू कपिल
ओवरलोड वाहनों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। अक्सर ओवरलोड वाहन चालक पुलिस को देखते ही अपने वाहन को छोड़कर भाग जाते हैं। फिर भी उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही छोटे वाहनों के भी चालान किए जा रहे हैं।
-शिव कुमार, ट्रैफिक एसएचओ, जिला महेंद्रगढ़