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बिजली घर में नहीं है टॉयलेट, कर्मचारी और आम नागरिक परेशान
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कनीना । प्रदेश सरकार एक ओर जहां जिले को खुले में शौच मुक्त होने का वादा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर बिजली घर में सार्वजनिक पेशाबघर नहीं है। कनीना के 132 केवी पावर ग्रिड सब स्टेशन कार्यालय में टायलेट नहीं होने से कर्मचारियों को परेशानी होती है। इस बिजली निगम के कार्यालय में 70 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी आते हैं। इसके बाद भी यहां टायलेट नहीं है।
निगम कार्यालय के कर्मचारी ही नहीं, पावर हाउस के नजदीक के दुकानदार भी टॉयलेट नहीं होने के कारण परेशान होते हैं। नगर पालिका ने मार्केट में कोई टॉयलेट नहीं बनवाया है। इससे बाजार में आने वाली महिलाएं भी परेशान होती हैं। यहां पर वर्षों पुराना पेशाबघर था। वह जर्जर होकर गिर चुका है। उसकी जगह नया टायलेट नहीं बनाया गया है। महिला कर्मचारियों सगीना, रीना सहित सीए जितेंद्र शर्मा, मुकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, जेई पवन शर्मा, कृष्ण कुमार, ब्रह्मप्रकाश जेई, छोटेलाल ने निगम के उच्च अधिकारियों से तत्काल टॉयलेट निर्माण की मांग की है। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव रामरतन शर्मा गोमली ने कहा कि एक टायलेट बनाने के लिए निगम ने राशि स्वीकृत की थी। लेकिन, टायलेट अभी तक तैयार नहीं हुआ है। अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। बिजली निगम के एक्सईएन टीएस रेवाड़ी सुरेश यादव ने बताया कि टायलेट के लिए एस्टीमेट बनाकर जल्द ही स्वीकृत कराया जाएगा।
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कनीना । प्रदेश सरकार एक ओर जहां जिले को खुले में शौच मुक्त होने का वादा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर बिजली घर में सार्वजनिक पेशाबघर नहीं है। कनीना के 132 केवी पावर ग्रिड सब स्टेशन कार्यालय में टायलेट नहीं होने से कर्मचारियों को परेशानी होती है। इस बिजली निगम के कार्यालय में 70 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। साथ ही बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी आते हैं। इसके बाद भी यहां टायलेट नहीं है।
निगम कार्यालय के कर्मचारी ही नहीं, पावर हाउस के नजदीक के दुकानदार भी टॉयलेट नहीं होने के कारण परेशान होते हैं। नगर पालिका ने मार्केट में कोई टॉयलेट नहीं बनवाया है। इससे बाजार में आने वाली महिलाएं भी परेशान होती हैं। यहां पर वर्षों पुराना पेशाबघर था। वह जर्जर होकर गिर चुका है। उसकी जगह नया टायलेट नहीं बनाया गया है। महिला कर्मचारियों सगीना, रीना सहित सीए जितेंद्र शर्मा, मुकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, जेई पवन शर्मा, कृष्ण कुमार, ब्रह्मप्रकाश जेई, छोटेलाल ने निगम के उच्च अधिकारियों से तत्काल टॉयलेट निर्माण की मांग की है। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव रामरतन शर्मा गोमली ने कहा कि एक टायलेट बनाने के लिए निगम ने राशि स्वीकृत की थी। लेकिन, टायलेट अभी तक तैयार नहीं हुआ है। अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा। बिजली निगम के एक्सईएन टीएस रेवाड़ी सुरेश यादव ने बताया कि टायलेट के लिए एस्टीमेट बनाकर जल्द ही स्वीकृत कराया जाएगा।
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