{"_id":"688e89479448c3296d03ca24","slug":"youth-created-ruckus-late-night-on-the-death-of-cows-in-barna-gaushala-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-139867-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: बारना गोशाला में गोवंश की मृत्यु पर देर रात युवाओं ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: बारना गोशाला में गोवंश की मृत्यु पर देर रात युवाओं ने किया हंगामा
Sun, 03 Aug 2025 03:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 03 Aug 2025 03:25 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बारना गांव स्थित गोशाला में अचानक से कई गोवंश की मौत से शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे कुछ युवा गोशाला में पहुंचे और जमकर हंगामा किया। युवाओं ने मौके पर डायल 112 को फोन कर पुलिस को बुलाया और गोशाला कमेटी पर लापरवाही का आरोप लगाया। युवाओं ने कहा कि दुधारू गोवंश को अच्छा चारा दिया जाता है, जबकि अन्य गोवंश को भूखा रखा जा रहा है, जिसके चलते हर रोज बढ़ी संख्या में गोवंश की मौत हो रही है। युवाओं ने मौके पर जेसीबी बुलाकर मृत गोवंश को दफनाया व प्रशासन से मांग की कि गोशाला में गोवंश के लिए अच्छी व्यवस्था की जाए।
इस दौरान अंकुश व कपिल ने बताया कि गोशाला में कई गोवंश मृत पड़े हैं, लेकिन गोशाला कमेटी द्वारा उन्हें उठाने तक की जहमत नही उठाई जा रही। उन्होंने गोशाला की कमेटी के कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा की कमेटी के लापरवाही के वजह से ही गोवंश की मौत हो रही है। इसलिए कमेटी को भंग कर नई कमेटी के गठन किया जाना चाहिए। वहीं गांव के ही युवक गौरव ने आरोप लगाते हुए कहा कि गोशाला में चारे के लिए बनाए गए टीन शैड के निजी कमेटी के सदस्यों के निजी वाहन खड़े रहते हैं। जबकि गोवंश के लिए दान में आया चारा व दाना बाहर बरसात में खराब हो रहा है।
बॉक्स
पुलिस की मौजूदगी में दफनाए मृत गोवंश
मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी प्रवीण कुमार ने बताया कि गोशाला में मौके पर दो गोवंश मृत मिले, जिनको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि यह काफी समय पहले मरे हैं। मृत दोनों गोवंश की आंखें भी पक्षियों द्वारा नोची मिली। पुलिस की मौजूदगी में युवाओं ने जेसीबी बुलाकर उनको दफनाया।
विज्ञापन
बॉक्स
मामले की होनी चाहिए जांच : सरपंच प्रतिनिधि
सरपंच प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने कहा कि गोशाला में मृत गोवंश की आंखें गायब मिलना, बड़ी लापरवाही दिखा रहा है। इस मामले में जांच होनी चाहिए व कमेटी को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। यदि कमेटी कार्य नही कर पा रही है तो इसका कार्यभार छोड़ देना चाहिए।
बॉक्स
आरोप पूरी तरह से निराधार : प्रबंधन
गोशाला कमेटी के प्रबंधक राजबीर व महासचिव देवीदयाल का कहना की कमेटी पर लगाए आरोप निराधार है। दोनाें ही मृत गोवंश की हालात नाजुक थी। चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही थी, लेकिन बचा नहीं पाई7 दोनों में शाम चार बजे तक प्राण बाकी थे। युवाओं को देखकर कुछ गोवंश इधर-उधर भागे तो मृत गोवंश पर तूड़ी बिखर गई। गोशाला में सवा तीन सौ के करीब गोवंश है, जिनमें से इस माह 16 गोवंश की अचानक मौत हो गई थी, जिसके बाद किरमच से वैटरन सर्जन की टीम ने जांच की, जिसमें बीमारी के कारण उनकी मौत होने का पता चला। समय-समय पर विभाग के सहयोग से गोवंश को बचाने के लिए टीकाकरण व जांच शिविर लगाया जाता है।
विज्ञापन
इस दौरान अंकुश व कपिल ने बताया कि गोशाला में कई गोवंश मृत पड़े हैं, लेकिन गोशाला कमेटी द्वारा उन्हें उठाने तक की जहमत नही उठाई जा रही। उन्होंने गोशाला की कमेटी के कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा की कमेटी के लापरवाही के वजह से ही गोवंश की मौत हो रही है। इसलिए कमेटी को भंग कर नई कमेटी के गठन किया जाना चाहिए। वहीं गांव के ही युवक गौरव ने आरोप लगाते हुए कहा कि गोशाला में चारे के लिए बनाए गए टीन शैड के निजी कमेटी के सदस्यों के निजी वाहन खड़े रहते हैं। जबकि गोवंश के लिए दान में आया चारा व दाना बाहर बरसात में खराब हो रहा है।
विज्ञापन
बॉक्स
पुलिस की मौजूदगी में दफनाए मृत गोवंश
मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी प्रवीण कुमार ने बताया कि गोशाला में मौके पर दो गोवंश मृत मिले, जिनको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि यह काफी समय पहले मरे हैं। मृत दोनों गोवंश की आंखें भी पक्षियों द्वारा नोची मिली। पुलिस की मौजूदगी में युवाओं ने जेसीबी बुलाकर उनको दफनाया।
विज्ञापन
बॉक्स
मामले की होनी चाहिए जांच : सरपंच प्रतिनिधि
सरपंच प्रतिनिधि संजीव शर्मा ने कहा कि गोशाला में मृत गोवंश की आंखें गायब मिलना, बड़ी लापरवाही दिखा रहा है। इस मामले में जांच होनी चाहिए व कमेटी को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। यदि कमेटी कार्य नही कर पा रही है तो इसका कार्यभार छोड़ देना चाहिए।
बॉक्स
आरोप पूरी तरह से निराधार : प्रबंधन
गोशाला कमेटी के प्रबंधक राजबीर व महासचिव देवीदयाल का कहना की कमेटी पर लगाए आरोप निराधार है। दोनाें ही मृत गोवंश की हालात नाजुक थी। चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही थी, लेकिन बचा नहीं पाई7 दोनों में शाम चार बजे तक प्राण बाकी थे। युवाओं को देखकर कुछ गोवंश इधर-उधर भागे तो मृत गोवंश पर तूड़ी बिखर गई। गोशाला में सवा तीन सौ के करीब गोवंश है, जिनमें से इस माह 16 गोवंश की अचानक मौत हो गई थी, जिसके बाद किरमच से वैटरन सर्जन की टीम ने जांच की, जिसमें बीमारी के कारण उनकी मौत होने का पता चला। समय-समय पर विभाग के सहयोग से गोवंश को बचाने के लिए टीकाकरण व जांच शिविर लगाया जाता है।