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गोपाष्टमी पर गोवंश को पूजा, अगले दिन फिर से बेकद्री शुरु

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 12:02 AM IST
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Worship to the cow dynasty on Gopashtami, again beginning the next day
कुरुक्षेत्र। केडीबी कायार्लय के सामने सड़क के बीच में बैठा बेसहरा गोवंश। - फोटो : Kurukshetra
गोपाष्टमी पर्व के एक दिन बाद ही गोवंश फिर से बेसहारा हो गया। एक दिन पहले जहां गोवंश को खूब पूजा गया। सुबह से ही लोगों का गोशाला पहुंचना शुरू हो गया था। यहां तक की लोगों को गोवंश पूजन के लिए अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ा, वहीं, गोपाष्टमी के एक दिन बाद ही गोवंश की बेकद्री दोबारा शुरू हो गई। गोवंश दोबारा से सड़कों और गलियों में बेसहारा घूमता नजर आया। मात्र एक दिन में हालात दोबारा ऐसे हो गए कि गोवंश कचरे में मुंह मारने का मजबूर हो गया। इस समय शहर की सड़कों पर 200 से 300 गोवंश बेसहारा घूम रहा है। इनकी वजह से जहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रहीं हैं वहीं दुर्घटना में कई गोवंश की जान भी जा रही है। गोवंश की हो रही बेकद्री की ओर न तो प्रशासन का ध्यान है और न ही किसी गोशाला संचालक संस्था को चिंता है। गोशाला संचालक संस्थाएं केवल अपनी गोशाला तक सीमित हैं, जबकि प्रशासन महज खानापूर्ति करके काम चला रहा है। नतीजन, हर रोज बेसहारा गोवंश दुर्घटनाओं का शिकार हो रहा है। प्रशासन की यह लापरवाही लोगों के जिंदगी पर भी भारी पड़ रही है। उधर, नप कई बार शहर की सड़कों को कैटल फ्री करने का दावा चुका है, लेकिन सड़कों पर गोवंश के कारण हो रही दुर्घटनाएं नप के दावों की हकीकत बयां कर रहीं हैं।
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गोपाष्टमी की रात दुर्घटना में गोवंश ने तोड़ा दम
गोपाष्टमी की रात को ही पिहोवा-कुरुक्षेत्र रोड पर गांव नरकातारी बस अड्डे के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक गोवंश जख्मी हो गया, जिसने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। पिछले सप्ताह भी लाडवा रोड रात के समय अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो गोवंश की मौत हो गई थी। इसी तरह शाहाबाद में वाहन की टक्कर लगने से गोवंश की मृत्यु हो गई थी।
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शहर में 27 गोशाला
शहर में करीब 27 गोशाला हैं, जिसमें 10 हजार के आसपास गोवंश हैं। इन गोशाला का संचालन विभिन्न संस्थाएं कर रहीं हैं। इन गोशालाओं के पास अपनी आमदनी का कोई जरिया नहीं है। मात्र दान से गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था की जाती है। इसके अलावा गोशाला संचालक संस्थाओं की ओर से शहर की दुकानों पर गुल्लक रखी गई है।
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पिहोवा में नहीं बनी नंदीशाला, नपा के जेई पर 10 लाख रुपये हड़पने का आरोप
पिहोवा में गोवंश को स्थाई स्थान देेने के लिए नंदीशाला बनाई जानी थी, जिसके लिए बाकायदा नपा की ओर से 10 लाख रुपये भी पास किए गए थे, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी नंदीशाला नहीं बनाई गई। वहीं, इस मामले को लेकर नपा के तत्कालीन जेई पर नंदीशाला के 10 लाख रुपये का गोलमाल करने के आरोप लगे थे। शहर की विभिन्न संस्थाओं ने इस मामले की जांच कराने की गुहार भी लगाई थी।
हर गांव में बने गोशाला : जितेंद्र शर्मा
समाजसेवी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि गोशाला अपने स्तर पर गोवंश की सेवा के लिए काम कर रही है। हर गांव में गोचरांद भूमि मौजूद है, जिस पर लोगों ने कब्जे किए हुए हैं। सरकार व प्रशासन को चाहिए कि गोचरांद भूमि को खाली कराए ताकि बेसहारा गोवंश को शरण मिल सकें।

नप को कैटल फ्री अभियान चलाने के दिए निर्देश : नरेंद्र पाल
डीएमसी नरेंद्र पाल मलिक ने बताया कि नगर परिषद को कैटल फ्री अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के लिए योजना बना ली गई, जिसके तहत कई कमेटियां काम करेंगी। शीघ्र ही कुरुक्षेत्र की सड़कों को कैटल फ्री कर दिया जाएगा।
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