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महिला हेल्प लाइन पर आ रही फर्जी कॉल बनी मुसीबत
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Tue, 14 Feb 2017 12:11 AM IST
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महिला थाना
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं की शिकायतों की सुनने के लिए पुलिस विभाग की ओर से जारी किए गए महिला हेल्पलाइन नंबर (1091) पर अधिकतर शिकायतें फर्जी आ रही हैं। यह विभाग के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। इस नंबर पर कभी रास्ते में पड़े पत्थर उठवाने के लिए तो कभी चौराहों पर जादू टोने रोकने के लिए शिकायत की जा रही है। कई बार अश्लील बातें की जाती है तो कई बार अभद्र भाषा में पुलिस को ड्यूटी का पाठ पढ़ाया जाता है।
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हालांकि पुलिस यहां आने वाली हर कॉल पर दौड़ने को मजबूर होती है, लेकिन अधिकतर शिकायतों में सच्चाई शून्य ही पाई जा रही है। ऐसे में यह हेल्पलाइन नंबर लोगों के लिए महज मजाक बन कर रह गई है। इस हेल्प लाइन पर आने वाली सूचना को न तो सुनने से इंकार ही किया जा सकता तो न ही उस सूचना की तहकीकात को दरकिनार किया जाता, लेकिन पुलिस को अधिकतर सूचनाओं में खाली हाथ लौटने को ही मजबूर होना पड़ता है। हेल्प लाईन पर तैनात कर्मियों की मानें तो अधिकतर सूचनाएं सायं करीब छह बजे से लेकर रात करीब 2 बजे तक ही आती है। कई बार तो लोग शराब के नशे में भी बातें करने लगते है।
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नए वर्ष में अभी तक पहुंचीं 210 सूचनाएं
महिला पुलिस थाना में स्थापित की गई महिला हेल्प लाइन पर इसी वर्ष एक जनवरी से 10 फरवरी तक 210 सूचनाएं पहुंचीं, जिनमें से अधिकतर झूठी पाई गईं। हालांकि इन सभी सूचनाओं पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अधिकतर बार निराशा ही हाथ लगी। इनमें से महज 5 फीसदी सूचनाएं ही सही पाई गई। इनमें कई सूचनाओं में पहले ही समझौता हुआ मिला। कई सूचनाओं में दिया गया मोबाइल नंबर ही बंद मिला तो वहीं कई बार बताए गए घटनास्थल पर घटना भी नहीं पाई गई।
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अधिकतर सूचनाएं ग्रामीण क्षेत्र से
महिला हेल्प लाइन पर आने वाली अधिकतर सूचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। शहरी क्षेत्र से महज 15 से 20 सूचनाएं ही पहुंचीं, जिनमें भी अधिकतर फर्जी ही पाई गईं।
कन्या स्कूल और कॉलेज से एक भी सूचना नहीं
इसी वर्ष एक जनवरी से 10 फरवरी तक शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कन्या स्कूल व कॉलेज एवं किसी छात्रा की ओर से कोई शिकायत महिला हेल्पलाइन पर नहीं पहुंची। हालांकि शहर में स्थित इन स्कूल व कॉलेज के बाहर पुलिसकर्मियों की ड्यूटियां लगाई है, लेकिन लड़कों का जमघट यहां इसके बावजूद लगा रहता है।
हेल्प लाइन पर हर सूचना मानी जाती है गंभीर : एसएचओ
महिला थाना एसएचओ दिलीप कौर का कहना है कि महिला हेल्प लाइन पर जो भी सूचना आती है, उसे गंभीरता से लिया जाता है। संबंधित क्षेत्र की पुलिस को तत्काल वहां भेजा जाता है। यह तो वहीं जाकर ही पता चलता है कि सूचना फर्जी थी या सही। अधिकतर सूचनाएं झूठी ही होती हैं जबकि कई सूचनाओं में पुलिस पहुंचने से पहले ही समझौता हुआ भी मिलता है।