फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Women beware of their rights: Prof. Deepti

महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति हाें सजग : प्रो. दीप्ति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Mar 2025 01:49 AM IST
विज्ञापन
Women beware of their rights: Prof. Deepti
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत कमेटी द्वारा सीनेट हॉल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें उच्च शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न को रोकने और उसके समाधान विषय पर मंथन किया गया। इसमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के करीब 160 शिक्षकों ने भाग लिया।
विज्ञापन


मुख्य अतिथि चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूर्णतया सजग हों और इनका सदुपयोग करें। अपनी शक्तियों को पहचानें और इसका सदुपयोग करें। वर्तमान युग में पुरुषों और महिलाओं दोनों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों के बारे में बताया और कहा कि हमारे अधिकारों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझने और उनमें संतुलन बनाने के महत्व पर जोर दिया। सुरक्षा के लिए सहानुभूति आवश्यक है।
विज्ञापन


मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. वागेश्वरी देसवाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न को रोकने और उससे निपटने के लिए कानूनी ढांचे पर जोर दिया। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम 2013 जैसे विभिन्न कानूनों के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा की और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने में संस्थानों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंतरिक शिकायत कमेटी की अध्यक्ष प्रो. सुनीता सिरोहा ने कार्यशाला की रूपरेखा के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर आईसीसी सदस्य और प्राचार्य महाराणा प्रताप नेशनल कॉलेज मुलाना की प्राचार्य प्रो. राजश्री खरे, डॉ. रमेश कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसमें प्राचार्य प्रो. आशिमा गक्खड़, प्रो. नीलम रानी, निदेशक प्रो. प्रीति जैन, निदेशक प्रो. अनीता दुआ, निदेशक प्रो. मंजुला चौधरी, कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन सहित अन्य वक्ताओं ने यौन उत्पीड़न को रोकने और उसके समाधान विषय पर मंथन किया।




सुरक्षित माहौल बनाने के लिए समाज का सहयोग आवश्यक
कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि नारी के लिए सुरक्षित माहौल हम शासन (सरकार) की सोच से, प्रशासन के खौफ से और समाज के सहयोग से बना सकते हैं। समाज का सहयोग सबसे आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जागरूकता, संवेदनशीलता और सक्रिय उपायों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए संकाय, छात्रों और कर्मचारियों से उत्पीड़न के प्रति शून्य सहिष्णुता की संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। गरिमा और न्याय को बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय के समर्पण की पुष्टि की और बताया कि प्रत्येक व्यक्ति संस्थान के भीतर सुरक्षित और सशक्त महसूस करता है। लिंग अंतर सूचकांक में भारत की स्थिति अभी भी बहुत अच्छी नहीं है, जिसके लिए हमें प्रयास करने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed