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अब खेतों में ही हो सकेगी मिट्टी की जांच, वहीं पर मिलेगी रिपोर्ट
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:01 AM IST
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कृषि
- फोटो : अमर उजाला
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किसानों को अब मिट्टी जांच के लिए कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। न ही कई दिनों तक मिट्टी जांच की रिपोर्ट की बाट जोहनी होगी। नई व्यवस्था में मिट्टी की जांच अब खेत में ही होगी, उसकी रिपोर्ट भी तत्काल ही मौके पर मिलेगी। यह सुविधा पोर्टेबल मिट्टी जांच मशीन से मिल पाएगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों को यह आधुनिक मशीनें दी है।
केंद्रों पर पहुंची इन मशीनों के साथ केमिकल की भी पूरी किट भेजी गई है। मशीनें न केवल आधुनिक तकनीक से लैस हैं बल्कि यह जीपीएस सिस्टम से भी जुड़ी होंगी। यह मशीनें इतनी छोटे आकार में हैं कि कृषि वैज्ञानिक इसे आसानी से खेतों में ले जा सकेंगे और इस मशीन से मौके पर ही मिट्टी की जांच कर रिपोर्ट भी तत्काल किसान को दे दी जाएगी। इस रिपोर्ट के साथ किसान को खेत की मिलने वाली कमियां भी पूरी करने का सुझाव दिया जाएगा।
जिस खेत में मिट्टी जांच की जाएगी उसी खेत का जीपीएस सिस्टम से खसरा नंबर व उसका अन्य रिकार्ड भी पता चलेगा। यहां तक कि इससे जमीन की ऊंचाई व गहराई के लेवल का भी पता चल पाएगा। बाद में भी कभी दोबारा जांच करने जब वैज्ञानिकों की टीम उस खेत में पहुंचेगी तो तत्काल ही मशीन पर पहले की जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि इससे कृषि वैज्ञानिकों का अतिरिक्त कार्य बढ़ेगा लेकिन किसानों को बड़ी सुविधा मिल पाएगी।
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मिट्टी जांच के लिए तैयार है मशीन : पी भटनागर
कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक वैज्ञानिक डा. पी भटनागर ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से यहां पर भी यह मशीन पूरे किट के साथ पहुंच गई है। मशीन पूरी तरह से मिट्टी जांच के लिए तैयार है। कोई भी किसान मिट्टी जांच करवा सकता है। यह मशीन आधुनिक तकनीक से तैयार की गई है, जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।
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केंद्रों पर पहुंची इन मशीनों के साथ केमिकल की भी पूरी किट भेजी गई है। मशीनें न केवल आधुनिक तकनीक से लैस हैं बल्कि यह जीपीएस सिस्टम से भी जुड़ी होंगी। यह मशीनें इतनी छोटे आकार में हैं कि कृषि वैज्ञानिक इसे आसानी से खेतों में ले जा सकेंगे और इस मशीन से मौके पर ही मिट्टी की जांच कर रिपोर्ट भी तत्काल किसान को दे दी जाएगी। इस रिपोर्ट के साथ किसान को खेत की मिलने वाली कमियां भी पूरी करने का सुझाव दिया जाएगा।
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जिस खेत में मिट्टी जांच की जाएगी उसी खेत का जीपीएस सिस्टम से खसरा नंबर व उसका अन्य रिकार्ड भी पता चलेगा। यहां तक कि इससे जमीन की ऊंचाई व गहराई के लेवल का भी पता चल पाएगा। बाद में भी कभी दोबारा जांच करने जब वैज्ञानिकों की टीम उस खेत में पहुंचेगी तो तत्काल ही मशीन पर पहले की जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी। हालांकि इससे कृषि वैज्ञानिकों का अतिरिक्त कार्य बढ़ेगा लेकिन किसानों को बड़ी सुविधा मिल पाएगी।
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मिट्टी जांच के लिए तैयार है मशीन : पी भटनागर
कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वयक वैज्ञानिक डा. पी भटनागर ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से यहां पर भी यह मशीन पूरे किट के साथ पहुंच गई है। मशीन पूरी तरह से मिट्टी जांच के लिए तैयार है। कोई भी किसान मिट्टी जांच करवा सकता है। यह मशीन आधुनिक तकनीक से तैयार की गई है, जो किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी।