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मौसम : सुबह से खिली तेज धूप, उमस भरी गर्मी ने लोगों को दिनभर सताया
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कुरुक्षेत्र। मौसम में बदलाव के चलते बुधवार सुबह तेज धूप खिल उठी, जिससे पारा बढ़ने लगा और उमस भरी गर्मी का एहसास भी बढ़ने लगा। हालांकि दोपहर के समय हल्के बादल भी आसमान में छा गए, लेकिन फिर से धूप खिल उठी। उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने पंखों, कूलरों का सहारा लिया। जबकि कुछ लोग पेड़ों की छाया का सहारा लेकर तेज धूप से राहत पाते नजर आए। तेज धूप के चलते गर्मी ने लोगों को दिनभर सताया। जबकि शाम होते ही लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.1 व न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि वीरवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
किसान धर्मबीर सिंह के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश 50 फीसदी से भी कम हुई है, जिससे धान की फसल की पैदावार पर असर पड़ने से पैदावार कम होने की संभावना है साथ ही बारिश कम होने से धान की फसल में बीमारियां लगने का खतरा भी अब बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम में बदलाव पिछले कई दिनों से जारी है, जबकि आगे भी मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना बनी हुई हैं, जिससे अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी रहेगी।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी बारिश भी इस बार नहीं हुई, जिससे धान की फसल में बीमारियां लगने का खतरा बढ़ गया है। बारिश होने से जहां धान की पैदावार बढ़ने की संभावना रहती हैं तो वहीं बीमारियां भी नहीं लगती।
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किसान धर्मबीर सिंह के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश 50 फीसदी से भी कम हुई है, जिससे धान की फसल की पैदावार पर असर पड़ने से पैदावार कम होने की संभावना है साथ ही बारिश कम होने से धान की फसल में बीमारियां लगने का खतरा भी अब बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार मौसम में बदलाव पिछले कई दिनों से जारी है, जबकि आगे भी मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना बनी हुई हैं, जिससे अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी रहेगी।
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी बारिश भी इस बार नहीं हुई, जिससे धान की फसल में बीमारियां लगने का खतरा बढ़ गया है। बारिश होने से जहां धान की पैदावार बढ़ने की संभावना रहती हैं तो वहीं बीमारियां भी नहीं लगती।
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