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Kurukshetra News: खेतों में घटा पानी का स्तर, किसानों ने ली राहत की सांस
Mon, 25 Aug 2025 06:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 25 Aug 2025 06:05 AM IST
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कुरुक्षेत्र। खेतों में बनी जल भराव की स्थिति। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। बीबीपुर झील के खेतों में मारकंडा का जलस्तर घटने से किसानों ने राहत महसूस की है। लेकिन जिन किसानों की फसल इस पानी की चपेट में आई है, उन्हें परेशानी से गुजरना पड़ेगा। पानी सोखने में खेत को कई दिन लगेंगे जिससे फसल को नुकसान होगा।
किसान भूपेंद्र, नवीन आदि ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से मांग करते हुए कहा कि मारकंडा के रिसाव से उनकी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर बीबीपुर कलां गांव के रकबे को भी शामिल किया जाए। रविवार को देर शाम हुई बरसात के कारण भी खेतों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
सिंचाई विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि पिछले 20 साल की तुलना में इस बार मारकंडा में अधिक बहाव आया। यदि इन साल का आंकलन किया जाए तो अधिकतम 6.1 गेज पैमाना रहा जबकि इस बार 6.3 फीट तक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। शाहाबाद मारकंडा का जलस्तर 2500 क्यूसेक रहा, जोकि निरंतर घटाव की ओर है। पिछले 20 साल की तुलना में इस बार लगातार तीन दिन तक पानी का स्तर एक जैसे बहाव में बना रहा वरना सुबह पानी जाकर शाम तक जलस्तर कम हो जाता था।
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इसी वजह से ओवरफ्लो बीबीपुर के खेतों की तरफ चला गया। अब पानी का लेवल डाउन आ गया है। ओवरफ्लो भी रुक गया है। इससे ज्यादा पानी बीबीपुर के खेतों की तरफ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एसडीएम अभिनव सिवाच के नेतृत्व में सभी विभागों की टीमें दिन-रात मारकंडा क्षेत्र पर नजर बनाई हुई हैं।
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किसान भूपेंद्र, नवीन आदि ने उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा से मांग करते हुए कहा कि मारकंडा के रिसाव से उनकी फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इसलिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर बीबीपुर कलां गांव के रकबे को भी शामिल किया जाए। रविवार को देर शाम हुई बरसात के कारण भी खेतों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
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सिंचाई विभाग के जेई नवीन कुमार ने बताया कि पिछले 20 साल की तुलना में इस बार मारकंडा में अधिक बहाव आया। यदि इन साल का आंकलन किया जाए तो अधिकतम 6.1 गेज पैमाना रहा जबकि इस बार 6.3 फीट तक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। शाहाबाद मारकंडा का जलस्तर 2500 क्यूसेक रहा, जोकि निरंतर घटाव की ओर है। पिछले 20 साल की तुलना में इस बार लगातार तीन दिन तक पानी का स्तर एक जैसे बहाव में बना रहा वरना सुबह पानी जाकर शाम तक जलस्तर कम हो जाता था।
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इसी वजह से ओवरफ्लो बीबीपुर के खेतों की तरफ चला गया। अब पानी का लेवल डाउन आ गया है। ओवरफ्लो भी रुक गया है। इससे ज्यादा पानी बीबीपुर के खेतों की तरफ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एसडीएम अभिनव सिवाच के नेतृत्व में सभी विभागों की टीमें दिन-रात मारकंडा क्षेत्र पर नजर बनाई हुई हैं।

कुरुक्षेत्र। खेतों में बनी जल भराव की स्थिति। विज्ञप्ति