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अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से मारपीट
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 18 May 2014 12:20 AM IST
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कुरुक्षेत्र। बेटे का चेकअप कराने आए एक दंपति ने शनिवार को सिविल अस्पताल में डाक्टर के केबिन में जाने से रोकने पर चतुर्थ श्रेणी कर्मी को पीट डाला।
दंपति का आरोप है कि कर्मचारी ने उन्हें डॉक्टर से मिलने से रोका। इसके बाद उनकी कर्मचारी से करीब बीस मिनट तक कहासुनी हुई। बाद यह मामला अस्पताल स्टाफ द्वारा सुलटा दिया गया। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन इस बारे में शिकायत नहीं दी गई थी।
जानकारी के अनुसार लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में तैनात डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली के पास एक दंपति पुत्र की जांच कराने आई थी।
दंपति ने कुछ देर प्रतीक्षा के बाद जब बिना नंबर के डॉक्टर के केबिन में जाने का प्रयास किया तो चतुर्थ श्रेणी कर्मी बलविंदर ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि कि वे नंबर आने के बाद ही केबिन में जाएं। कर्मचारी के रोकने पर दंपति बिफर गई और पति-पत्नी ने बिना कुछ कहे ही उसे पीट डाला।
मारपीट का पता चलते ही डॉक्टर शैली कैबिन से बाहर आए और उन्होंने कर्मी को बचाया। डॉक्टर ने पति-पत्नी से सारे मामले की जानकारी ली। इसके बाद डॉक्टर व स्टाफ ने मामले को सुलटा दिया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया।
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जिस पर पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी हासिल की। जब चतुर्थ श्रेणी से इस बारे में लिखित शिकायत देने को कहा गया, तो उसने मना कर दिया। वहीं कुछ समय के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों में इस बात को लेकर रोष भी पनपा और उन्होंने इसका विरोध करते हुए पति-पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाया, लेकिन फिर बाद में यह मामला सुलटा दिया गया और किसी ने भी पुलिस या अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी को लिखित शिकायत नहीं दी।
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दंपति का आरोप है कि कर्मचारी ने उन्हें डॉक्टर से मिलने से रोका। इसके बाद उनकी कर्मचारी से करीब बीस मिनट तक कहासुनी हुई। बाद यह मामला अस्पताल स्टाफ द्वारा सुलटा दिया गया। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन इस बारे में शिकायत नहीं दी गई थी।
जानकारी के अनुसार लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में तैनात डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली के पास एक दंपति पुत्र की जांच कराने आई थी।
दंपति ने कुछ देर प्रतीक्षा के बाद जब बिना नंबर के डॉक्टर के केबिन में जाने का प्रयास किया तो चतुर्थ श्रेणी कर्मी बलविंदर ने उन्हें रोक दिया। उसने कहा कि कि वे नंबर आने के बाद ही केबिन में जाएं। कर्मचारी के रोकने पर दंपति बिफर गई और पति-पत्नी ने बिना कुछ कहे ही उसे पीट डाला।
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मारपीट का पता चलते ही डॉक्टर शैली कैबिन से बाहर आए और उन्होंने कर्मी को बचाया। डॉक्टर ने पति-पत्नी से सारे मामले की जानकारी ली। इसके बाद डॉक्टर व स्टाफ ने मामले को सुलटा दिया। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया।
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जिस पर पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी हासिल की। जब चतुर्थ श्रेणी से इस बारे में लिखित शिकायत देने को कहा गया, तो उसने मना कर दिया। वहीं कुछ समय के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों में इस बात को लेकर रोष भी पनपा और उन्होंने इसका विरोध करते हुए पति-पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बनाया, लेकिन फिर बाद में यह मामला सुलटा दिया गया और किसी ने भी पुलिस या अस्पताल प्रशासनिक अधिकारी को लिखित शिकायत नहीं दी।