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Kurukshetra News: शिक्षा के निजीकरण, ढांचागत चुनौतियों पर रखे विचार
Mon, 04 Aug 2025 03:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 04 Aug 2025 03:45 AM IST
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कुरुक्षेत्र। शिक्षा क्षेत्र में बीते 25 वर्षों से चल रहे संघर्षों को याद करते हुए और भविष्य की दिशा तय करने को लेकर रविवार को अध्यापक संघ द्वारा रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान विरेंद्र सिंह गड़ी रोडान ने की, जबकि संचालन जिला सचिव सुदर्शन ने किया।
इस दौरान यमुनानगर जिले के प्रधान संजय कंबोज, शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों और उनके असर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान मास्टर प्रभु सिंह तथा कर्मचारी संगठनों की एकता व संघर्ष के महत्व पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के उपमहासचिव संदीप सांगवान ने विचार रखे।
संजय कंबोज ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का निजीकरण बढ़ता जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकारें शिक्षा की जिम्मेदारी से पीछे हट रही हैं। पाठ्यक्रम और नियुक्तियों में राजनीतिक व सांप्रदायिक हस्तक्षेप बढ़ा है।
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ऐसे माहौल में एसटीएफआई जैसे संगठन की भूमिका और भी अहम हो जाती है। राज्य प्रधान प्रभु सिंह ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए सुलभ तभी हो सकती है जब इसे पूरी तरह सार्वजनिक रखा जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से सभी को समान व निशुल्क शिक्षा नहीं मिल सकती। उन्होंने नई बस्तियों में स्कूल खोलने और सभी स्कूलों में बेहतर ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के उपमहासचिव संदीप सांगवान ने साझा संघर्ष व व्यापक एकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज जनता से जुड़े मुद्दों पर सड़कों पर उतरना जरूरी हो गया है।
उन्होंने सात सितंबर को शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान ओमप्रकाश ने सभी सहयोगियों को सफल कन्वेंशन के लिए बधाई दी और खंड इकाई सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में अध्यापक संघ के राज्य सचिव रामेश्वर दास सहित विभिन्न शिक्षक नेताओं और कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे। संवाद
कार्यक्रम में नरेश, मुकेश गर्ग, सुनील दत्त, सुरेंद्र सैनी, नाथीराम, हवा सिंह, हरकेश, बलबीर सिंह, शेर सिंह, मनीष जिंदल, संजीव जिंदल, रणधीर सिंह, बलजीत सिंह, संदीप चौहान सहित अन्य शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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इस दौरान यमुनानगर जिले के प्रधान संजय कंबोज, शिक्षा की वर्तमान चुनौतियों और उनके असर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान मास्टर प्रभु सिंह तथा कर्मचारी संगठनों की एकता व संघर्ष के महत्व पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के उपमहासचिव संदीप सांगवान ने विचार रखे।
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संजय कंबोज ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का निजीकरण बढ़ता जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकारें शिक्षा की जिम्मेदारी से पीछे हट रही हैं। पाठ्यक्रम और नियुक्तियों में राजनीतिक व सांप्रदायिक हस्तक्षेप बढ़ा है।
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ऐसे माहौल में एसटीएफआई जैसे संगठन की भूमिका और भी अहम हो जाती है। राज्य प्रधान प्रभु सिंह ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए सुलभ तभी हो सकती है जब इसे पूरी तरह सार्वजनिक रखा जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र से सभी को समान व निशुल्क शिक्षा नहीं मिल सकती। उन्होंने नई बस्तियों में स्कूल खोलने और सभी स्कूलों में बेहतर ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के उपमहासचिव संदीप सांगवान ने साझा संघर्ष व व्यापक एकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आज जनता से जुड़े मुद्दों पर सड़कों पर उतरना जरूरी हो गया है।
उन्होंने सात सितंबर को शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान ओमप्रकाश ने सभी सहयोगियों को सफल कन्वेंशन के लिए बधाई दी और खंड इकाई सम्मेलनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम में अध्यापक संघ के राज्य सचिव रामेश्वर दास सहित विभिन्न शिक्षक नेताओं और कर्मचारियों ने भी अपने विचार रखे। संवाद
कार्यक्रम में नरेश, मुकेश गर्ग, सुनील दत्त, सुरेंद्र सैनी, नाथीराम, हवा सिंह, हरकेश, बलबीर सिंह, शेर सिंह, मनीष जिंदल, संजीव जिंदल, रणधीर सिंह, बलजीत सिंह, संदीप चौहान सहित अन्य शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।