{"_id":"668b43f3b92f484d62096d26","slug":"under-the-campaign-ors-solution-was-given-to-three-thousand-children-kurukshetra-news-c-45-1-sknl1006-120611-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: अभियान के तहत तीन हजार बच्चों को पिलाया ओआरएस का घोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: अभियान के तहत तीन हजार बच्चों को पिलाया ओआरएस का घोल
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। बच्चों को ओआरएस के पैकेट देती एएनएम।
कुरुक्षेत्र। स्टाॅप डायरिया अभियान के तहत 0 से पांच साल तक बच्चे को घर-घर जाकर ओआरएस का जीवन रक्षक घोल दिया जा रहा है। शनिवार तक आशा कर्मी और एएनएम करीब तीन हजार बच्चों को ओआरएस के पैकेट बांट चुकी है। इसके साथ ही कर्मी जिंक की गोलियां भी वितरित कर रहे हैं। विभाग की ओर से दो माह तक चलने वाले अभियान के तहत 85 हजार बच्चों को ओआरएस के दो-दो पैकेट और 14-14 जिंक की गोलियां दी जाएगी। इसके अलावा विभाग ने डायरिया से ग्रस्त बच्चों को उपचार देने के लिए ओआरटी (ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी) कॉर्नर भी स्थापित किए हैं।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए पहली बार दो महीने तक अभियान चलेगा। इससे पहले केवल दो सप्ताह तक अभियान चलाया जाता था, मगर देश में डायरिया से 0 से पांच साल तक के बच्चों की नौ फीसदी मौत की दर को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहली बार इसकी अवधि को चार गुना बढ़ा दिया है। यह अभियान सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चलाया गया है।
बताया कि जिले की 754 आशा कर्मी और 217 एएनएम ओआरएस के दो-दो पैकेट और जिंक की 14-14 गोलियां घर-घर जाकर बांट रहीं हैं। कर्मी बच्चों की जांच के साथ उनके माता-पिता को भी जागरूक कर रहे हैं। डायरिया होने पर बच्चों को कितना घोल दिया जाएगा उसकी जानकारी भी साझा की जा रही है। इसके अलावा बच्चों और अभिभावकों को पानी उबालकर पीने, अच्छी तरह से हाथ होने, स्वच्छता और पोषक आहार लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि डायरिया की रोकथाम के लिए पहली बार दो महीने तक अभियान चलेगा। इससे पहले केवल दो सप्ताह तक अभियान चलाया जाता था, मगर देश में डायरिया से 0 से पांच साल तक के बच्चों की नौ फीसदी मौत की दर को देखते हुए केंद्र सरकार ने पहली बार इसकी अवधि को चार गुना बढ़ा दिया है। यह अभियान सीएचसी और पीएचसी स्तर पर चलाया गया है।
विज्ञापन
बताया कि जिले की 754 आशा कर्मी और 217 एएनएम ओआरएस के दो-दो पैकेट और जिंक की 14-14 गोलियां घर-घर जाकर बांट रहीं हैं। कर्मी बच्चों की जांच के साथ उनके माता-पिता को भी जागरूक कर रहे हैं। डायरिया होने पर बच्चों को कितना घोल दिया जाएगा उसकी जानकारी भी साझा की जा रही है। इसके अलावा बच्चों और अभिभावकों को पानी उबालकर पीने, अच्छी तरह से हाथ होने, स्वच्छता और पोषक आहार लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन