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रत्नावली में होंगे ठेठ हरियाणवी खाणे के ठाठ
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Typical Haryanvi cuisine will be in Ratnavali, Kurukshetra
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह रत्नावली का आयोजन 28 अक्तूबर से किया जा रहा है। रत्नावली का उद्घाटन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय करेंगे। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता व निदेशक सतीश कौशिक विशेष अतिथि के रूप में विद्यमान रहेंगे। लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर दीपक राय बब्बर ने बताया की रत्नावली में हरियाणवी खाणे को लोक कलाकारों एवं छात्रों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चार दिन तक चलने वाले रत्नावली उत्सव में हरियाणवी खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष विशेष व्यवस्था की गई है। हरियाणा के लोक पारंपरिक व्यंजनों को रत्नावली में स्थान दिया गया है। हरियाणा के व्यंजन हरियाणवी उत्सवों का हिस्सा बनें, इसी दृष्टि से युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से हरियाणवी जायका के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से हरियाणवी खान-पान के लिए कसूता चूरमा, चोको चूरमा, गुड़ का हलवा, शाही टुकड़ा, पाणी पताशे, मिठी लास्सी, तडक़ा लास्सी, गुड़ की चाय, देशी खुराक, देशी दही-भल्ले के साथ-साथ देसी थाली की व्यवस्था भी की गई है, जिसमें सब्जी, रोटी, चटणी, रायता का जायका होगा। इसके साथ ही विभाग की ओर से कोंबो थाली की व्यवस्था भी की गई है जिसके माध्यम से हरियाणवी खाना लोक कलाकारों एवं छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से भी खान-पान के लिए व्यवस्था की गई है जिसमें बाकली, खीर-जलेबी सभी के खाने के लिए उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से भी हरियाणवी खाना सभी को उपलब्ध करवाया जाएगा जिसमें मालपूड़े, गुलगुले, घी-कसार, गन्ने के रस की खीर, बाजरे की खिचड़ी, बाजरे की रोटी, हर्या साग, गुड़-शक्कर, गुड़ का हलवा छात्रों एवं कलाकारों को खाने के लिए उपलब्ध होगा।
केयू युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया की इस बार गांव का लुक आकर्षण का केंद्र बनेगा। रत्नावली में इस वर्ष ऑडिटोरियम के बाहर लोककला प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण परिवेश का प्रारूप तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से हरियाणा का लोक पारंपरिक स्वरूप देखने को मिलेगा। चित्रकला प्रदर्शनी एवं व्यंजनों के लिए झोंपड़ीनुमा ग्रामीण लुक तैयार किया गया है। पर्यटकों को हरियाणा का देसी खान-पान लोक पारंपरिक तरीके से लोक पारंपरिक स्वरूप में परोसा जाएगा। इसके लिए झोपड़ियां तैयार की जा रही हैं।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह रत्नावली का आयोजन 28 अक्तूबर से किया जा रहा है। रत्नावली का उद्घाटन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय करेंगे। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता व निदेशक सतीश कौशिक विशेष अतिथि के रूप में विद्यमान रहेंगे। लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर दीपक राय बब्बर ने बताया की रत्नावली में हरियाणवी खाणे को लोक कलाकारों एवं छात्रों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि चार दिन तक चलने वाले रत्नावली उत्सव में हरियाणवी खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए इस वर्ष विशेष व्यवस्था की गई है। हरियाणा के लोक पारंपरिक व्यंजनों को रत्नावली में स्थान दिया गया है। हरियाणा के व्यंजन हरियाणवी उत्सवों का हिस्सा बनें, इसी दृष्टि से युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से हरियाणवी जायका के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
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विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से हरियाणवी खान-पान के लिए कसूता चूरमा, चोको चूरमा, गुड़ का हलवा, शाही टुकड़ा, पाणी पताशे, मिठी लास्सी, तडक़ा लास्सी, गुड़ की चाय, देशी खुराक, देशी दही-भल्ले के साथ-साथ देसी थाली की व्यवस्था भी की गई है, जिसमें सब्जी, रोटी, चटणी, रायता का जायका होगा। इसके साथ ही विभाग की ओर से कोंबो थाली की व्यवस्था भी की गई है जिसके माध्यम से हरियाणवी खाना लोक कलाकारों एवं छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि धरोहर हरियाणा संग्रहालय की ओर से भी खान-पान के लिए व्यवस्था की गई है जिसमें बाकली, खीर-जलेबी सभी के खाने के लिए उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से भी हरियाणवी खाना सभी को उपलब्ध करवाया जाएगा जिसमें मालपूड़े, गुलगुले, घी-कसार, गन्ने के रस की खीर, बाजरे की खिचड़ी, बाजरे की रोटी, हर्या साग, गुड़-शक्कर, गुड़ का हलवा छात्रों एवं कलाकारों को खाने के लिए उपलब्ध होगा।
केयू युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के उपनिदेशक डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया की इस बार गांव का लुक आकर्षण का केंद्र बनेगा। रत्नावली में इस वर्ष ऑडिटोरियम के बाहर लोककला प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण परिवेश का प्रारूप तैयार किया जा रहा है, जिसके माध्यम से हरियाणा का लोक पारंपरिक स्वरूप देखने को मिलेगा। चित्रकला प्रदर्शनी एवं व्यंजनों के लिए झोंपड़ीनुमा ग्रामीण लुक तैयार किया गया है। पर्यटकों को हरियाणा का देसी खान-पान लोक पारंपरिक तरीके से लोक पारंपरिक स्वरूप में परोसा जाएगा। इसके लिए झोपड़ियां तैयार की जा रही हैं।