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‘कछुओं’ ने लगाई ‘खरगोशों’ को चिप, दबोचे
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:56 PM IST
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युवको को पकड़ कर ले जाती पुलिस।
- फोटो : Amar Ujala
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हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में दौड़ पूरी करने के लिए अत्याधुनिक सिस्टम को चकमा देने की कोशिश कर रहे चार अभ्यर्थियों को अधिकारियों ने पकड़ लिया। दरअसल, दौड़ के वक्त तेज दौड़ने वाले युवकों (खरगोशों)ने अपने कमजोर साथी धावकों (कछुओं) की चिप खुद को लगा ली। लेकिन, उनकी यह हरकत सैटेलाइट से संचालित कंप्यूटर की पकड़ में आ गई। इसके बाद हरकत में आए अधिकरियों ने दौड़ पूरी होने से पहले ही चारों अभ्यर्थियों को दबोच लिया। चारों के खिलाफ एचएसएससी ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है।
पहली बार चिप लगाकर हो रही दौड़ में भी फर्जीवाड़े का यह रास्ता चार अभ्यर्थियों ने निकाल लिया। दो कमजोर धावकों की दौड़ समय पर पूरी कराने के लिए दो तेज दौड़ रहे अभ्यर्थियों ने ऐसा रास्ता निकाला कि एचएसएससी के अधिकारी भी एक बार चौंक गए। अधिकारियों के अनुसार सुबह पांच बजे दौड़ शुरू हुई तो इसमें पलवल के पवन और योगेश भी शामिल हुए।
इसी दौड़ में रोहतक जिले के सुधीर और विकास भी दौड़े। बताया जाता है कि पलवल निवासी पवन और रोहतक निवासी सुधीर तेज धावक हैं। जबकि, योगेश और विकास को दौड़ पूरी करने की उम्मीद नहीं थी। दौड़ शुरू होते ही पवन ने योगेश की चिप भी अपने शरीर पर लगा ली। इसी तरह सुधीर ने विकास की चिप अपने शरीर पर लगा ली। इसके बाद सभी दौड़ने लगे। योगेश और विकास आराम से दौड़ते रहे, जबकि सुधीर और पवन तेज दौड़ते रहे।
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ऐसे आया मामला पकड़ में
एचएसएससी ने पुलिस भर्ती में पहली बार चिप का प्रयोग किया है। यह चिप अभ्यर्थियों के शरीर पर लगा दी जाती है। इसका कनेक्शन सैटेलाइट से जुड़े कंप्यूटर से होता है। जब अभ्यर्थी ट्रैक पर दौड़ता है, तो उसकी लोकेशन और स्पीड कंप्यूटर में नजर आती है। जब पवन और सुधीर अपने अपने साथियों की चिप लगाकर दौड़ना शुरू किया, तो कंप्यूटर पर एक ही स्थान पर दो-दो अभ्यर्थियों की लोकेशन नजर आने लगी।
जब बहुत देर तक ऐसा हुआ तो कंप्यूटर पर नजर गढ़ाए अधिकारियों को शक हुआ। ऐसा संभव ही नहीं था कि दो -दो अभ्यर्थी एक साथ बहुत दूर तक दौड़ते रहे और उनमें जरा भी अंतर न आए। ऐसे में लोकेशन के आधार पर अभ्यर्थियों की पहचान दौड़ के बीच में ही कर ली गई। इसके बाद बीच दौड़ में ही पवन और सुधीर को एचएसएससी के कर्मचारियों ने पकड़ लिया।
इनकी तलाश ली गई तो दोनों के शरीर पर दो-दो चिप मिलीं। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों के नाम भी बता दिए। एचएसएससी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। चारों अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
पिपली थाने में तैनात जांच अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती में एक-दूसरे की चिप लगाकर दौड़ने और फर्जीवाड़े की कोशिश करने पर चारों अभ्यर्थियों के खिलाफ 420 और 120 बी के तहत केस दर्ज कर लिया है। चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पहली बार चिप लगाकर हो रही दौड़ में भी फर्जीवाड़े का यह रास्ता चार अभ्यर्थियों ने निकाल लिया। दो कमजोर धावकों की दौड़ समय पर पूरी कराने के लिए दो तेज दौड़ रहे अभ्यर्थियों ने ऐसा रास्ता निकाला कि एचएसएससी के अधिकारी भी एक बार चौंक गए। अधिकारियों के अनुसार सुबह पांच बजे दौड़ शुरू हुई तो इसमें पलवल के पवन और योगेश भी शामिल हुए।
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इसी दौड़ में रोहतक जिले के सुधीर और विकास भी दौड़े। बताया जाता है कि पलवल निवासी पवन और रोहतक निवासी सुधीर तेज धावक हैं। जबकि, योगेश और विकास को दौड़ पूरी करने की उम्मीद नहीं थी। दौड़ शुरू होते ही पवन ने योगेश की चिप भी अपने शरीर पर लगा ली। इसी तरह सुधीर ने विकास की चिप अपने शरीर पर लगा ली। इसके बाद सभी दौड़ने लगे। योगेश और विकास आराम से दौड़ते रहे, जबकि सुधीर और पवन तेज दौड़ते रहे।
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ऐसे आया मामला पकड़ में
एचएसएससी ने पुलिस भर्ती में पहली बार चिप का प्रयोग किया है। यह चिप अभ्यर्थियों के शरीर पर लगा दी जाती है। इसका कनेक्शन सैटेलाइट से जुड़े कंप्यूटर से होता है। जब अभ्यर्थी ट्रैक पर दौड़ता है, तो उसकी लोकेशन और स्पीड कंप्यूटर में नजर आती है। जब पवन और सुधीर अपने अपने साथियों की चिप लगाकर दौड़ना शुरू किया, तो कंप्यूटर पर एक ही स्थान पर दो-दो अभ्यर्थियों की लोकेशन नजर आने लगी।
जब बहुत देर तक ऐसा हुआ तो कंप्यूटर पर नजर गढ़ाए अधिकारियों को शक हुआ। ऐसा संभव ही नहीं था कि दो -दो अभ्यर्थी एक साथ बहुत दूर तक दौड़ते रहे और उनमें जरा भी अंतर न आए। ऐसे में लोकेशन के आधार पर अभ्यर्थियों की पहचान दौड़ के बीच में ही कर ली गई। इसके बाद बीच दौड़ में ही पवन और सुधीर को एचएसएससी के कर्मचारियों ने पकड़ लिया।
इनकी तलाश ली गई तो दोनों के शरीर पर दो-दो चिप मिलीं। पूछताछ में दोनों ने अपने साथियों के नाम भी बता दिए। एचएसएससी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। चारों अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।
पिपली थाने में तैनात जांच अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती में एक-दूसरे की चिप लगाकर दौड़ने और फर्जीवाड़े की कोशिश करने पर चारों अभ्यर्थियों के खिलाफ 420 और 120 बी के तहत केस दर्ज कर लिया है। चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।