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500-1000 के नोट बंद होने से व्यापारियों के छूटे पसीने
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:25 AM IST
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दौलत राम बंसल
- फोटो : Amar Ujala
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500 व एक हजार रुपये के नोट बंद कर दिए जाने के निर्णय से व्यापारियों के पसीने छूट गए है। लाखों रुपये का कारोबार करने वाले व्यापारी पशोपेश में फंसे दिखाई दे रहे है। हालांकि व्यापारी भविष्य के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस निर्णय को सही ठहरा रहे है, लेकिन एकाएक आए निर्णय से वे हतप्रब्ध है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह अपने कारोबार को किस प्रकार से व्यवस्थित कर सकेंगे। प्रधानमंत्री के इस निर्णय से अनाज मंडी में आढ़तियों व किसानों के सामने भी बड़ी परेशानी खड़ी दिखाई दी। बुधवार को दिन भर आढ़ती चर्चा करते रहे। लेकिन जब उन्हें कोई स्टीक विकल्प दिखाई नहीं दिया तो आने वाले दो दिनों बाद की संभावित स्थिति के अनुसार ही अगला कदम उठाने पर सहमति जताते रहे। आढ़तियों का तर्क था कि अभी धान के सीजन के चलते किसानों को उन्हें लाखों रुपये का भुगतान करना है तो वही खरीद एजेंसियों से आढ़तियों को करोड़ों का भुगतान लेना है। ऐसे हालात में सरकार द्वारा बैंक से लेन-देन की सीमा एक दिन के लिए चार हजार कर दिए जाने व एक सप्ताह में 20 हजार रुपये किए जाने के चलते वह किसानों को किस प्रकार से भुगतान कर पाएंगे, यह समझ से परे है।
कुछ समय दिया जाना चाहिए था : दौलत राम बंसल
अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से लिए गए इस निर्णय के हालांकि सार्थक परिणाम सामने आएंगे, लेकिन अभी कुछ समय दिया जाना चाहिए था। आढ़तियों को किसानों का लाखों रुपये का भुगतान करना है, लेकिन अब उनके साथ-साथ किसानों को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
छापामारी में जुटा रहा खाद्य एवं पूर्ति विभाग
पैट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर बुधवार को 500 व एक हजार के नोट चलन रखने का प्रावधान करने पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग दिन भर छापामारी में जुटा रहा। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सभी ब्लॉक स्तर पर इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को कार्यालय छोड़ पैट्रोल पंप व गैस एजेंसियों पर निगरानी के लिए आदेश दिए गए। जिसके चलते जिला भर के पैट्रोल पंपों पर देर रात तक पूरी निगरानी बनाए रखी। जिसके चलते उपभोक्ताओं को इन नोटों को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी गई। वहीं पैट्रोल पंप व गैस एजेंसी संचालकों को भी निर्देश दिए गए है कि उपभोक्ताओं को सरकार के नियमों के अनुसार कोई परेशानी नहीं आने दी जाए।
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कुछ समय दिया जाना चाहिए था : दौलत राम बंसल
अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि प्रधानमंत्री की ओर से लिए गए इस निर्णय के हालांकि सार्थक परिणाम सामने आएंगे, लेकिन अभी कुछ समय दिया जाना चाहिए था। आढ़तियों को किसानों का लाखों रुपये का भुगतान करना है, लेकिन अब उनके साथ-साथ किसानों को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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छापामारी में जुटा रहा खाद्य एवं पूर्ति विभाग
पैट्रोल पंपों व गैस एजेंसियों पर बुधवार को 500 व एक हजार के नोट चलन रखने का प्रावधान करने पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग दिन भर छापामारी में जुटा रहा। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सभी ब्लॉक स्तर पर इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को कार्यालय छोड़ पैट्रोल पंप व गैस एजेंसियों पर निगरानी के लिए आदेश दिए गए। जिसके चलते जिला भर के पैट्रोल पंपों पर देर रात तक पूरी निगरानी बनाए रखी। जिसके चलते उपभोक्ताओं को इन नोटों को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी गई। वहीं पैट्रोल पंप व गैस एजेंसी संचालकों को भी निर्देश दिए गए है कि उपभोक्ताओं को सरकार के नियमों के अनुसार कोई परेशानी नहीं आने दी जाए।
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