{"_id":"695432514bef87420b00e34b","slug":"tirupati-sri-venkateswara-swamy-temple-has-become-a-major-hub-for-devotees-cm-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-147794-2025-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख केंद्र बना तिरुपति श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर : सीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख केंद्र बना तिरुपति श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर : सीएम
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। तिरुपति श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा अर्चना करते मुख्यमंत्री नायब सैनी।
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी स्थित तिरुपति श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर उत्तर भारत के श्रद्धालुओं के लिए भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पूरी मानवता के कल्याण के लिए गीता का उपदेश भी इसी धरा से भगवान श्री कृष्ण ने दिया था। अब इस धरा पर विष्णु भगवान के दर्शन भी संभव हुए हैं। यह अद्भुत संयोग उत्तर भारत के लोगों के लिए बहुत बड़ा उपहार है।
यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का। वे मंगलवार देर शाम पवित्र ब्रह्मसरोवर के समीप स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ एकादशी के अवसर पर पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने श्री विष्णु भगवान के गर्भ ग्रह की परिक्रमा की और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हुए गर्भ ग्रह के दर्शन किए। इसके साथ ही माता लक्ष्मी देवी और गोड्डा देवी के दर्शन किए।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अर्चिका स्वामी जी हर्षा व शेषु स्वामी ने वैकुंठ एकादशी और गर्भ ग्रह के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वैकुंठ एकादशी को हिंदू धर्म में खासकर भगवान विष्णु की पूजा के लिए, सबसे महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है, जिसे मोक्षदा एकादशी या पौष पुत्रदा एकादशी भी कहते हैं। इस दिन पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। बताया गया है कि वर्ष में इस दिन एक बार वैकुंठ (स्वर्ग) के द्वार खुलते हैं और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिलती है जिससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत में तिरुपति जैसे मंदिरों में विशेष उत्सव होता है। वैकुंठ द्वार पर पौराणिक काल की एक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने मधु और कैटभ नामक राक्षसों को इसी दिन स्वर्ग का उत्तरी द्वार (वैकुंठ द्वार) खोलकर प्रवेश कराया था जिससे वे मुक्त हुए थे तभी से इस दिन को विशेष माना जाता है।
अब उत्तर भारत में भी दक्षिण भारत (तिरुपति) के इस पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जहां वैकुंठ द्वार दर्शन का विशेष आयोजन होता है। इस दौरान मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, संगठन सचिव राहुल राणा, भाजपा नेता सुभाष कलसाना, जिला परिषद के उपाध्यक्ष डीपी चौधरी, सरपंच एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र खैरा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह कहना है मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का। वे मंगलवार देर शाम पवित्र ब्रह्मसरोवर के समीप स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ एकादशी के अवसर पर पहुंचे थे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने श्री विष्णु भगवान के गर्भ ग्रह की परिक्रमा की और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हुए गर्भ ग्रह के दर्शन किए। इसके साथ ही माता लक्ष्मी देवी और गोड्डा देवी के दर्शन किए।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अर्चिका स्वामी जी हर्षा व शेषु स्वामी ने वैकुंठ एकादशी और गर्भ ग्रह के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वैकुंठ एकादशी को हिंदू धर्म में खासकर भगवान विष्णु की पूजा के लिए, सबसे महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है, जिसे मोक्षदा एकादशी या पौष पुत्रदा एकादशी भी कहते हैं। इस दिन पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। बताया गया है कि वर्ष में इस दिन एक बार वैकुंठ (स्वर्ग) के द्वार खुलते हैं और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिलती है जिससे सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण भारत में तिरुपति जैसे मंदिरों में विशेष उत्सव होता है। वैकुंठ द्वार पर पौराणिक काल की एक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने मधु और कैटभ नामक राक्षसों को इसी दिन स्वर्ग का उत्तरी द्वार (वैकुंठ द्वार) खोलकर प्रवेश कराया था जिससे वे मुक्त हुए थे तभी से इस दिन को विशेष माना जाता है।
अब उत्तर भारत में भी दक्षिण भारत (तिरुपति) के इस पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, जहां वैकुंठ द्वार दर्शन का विशेष आयोजन होता है। इस दौरान मीडिया कोऑर्डिनेटर तुषार सैनी, जिला अध्यक्ष तिजेंदर सिंह गोल्डी, संगठन सचिव राहुल राणा, भाजपा नेता सुभाष कलसाना, जिला परिषद के उपाध्यक्ष डीपी चौधरी, सरपंच एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र खैरा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।