{"_id":"66e63dcfe712d0367e0b4199","slug":"the-shooters-had-opened-fire-to-scare-another-businessman-kurukshetra-news-c-18-knl1008-475312-2024-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: दूसरे व्यापारी को डराने के लिए शूटरों ने चलाई थी गोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: दूसरे व्यापारी को डराने के लिए शूटरों ने चलाई थी गोलियां
विज्ञापन
करनाल। इंद्री के पश्चिमी यमुना नहर पर एसटीएफ द्वारा पकड़े गए दोनों शूटरों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें एक व्यक्ति ने लोकेशन दी थी, इसलिए उन्होंने इंद्री में जाकर फायरिंग की थी। वह किसी दूसरे व्यापारी में दहशत फैलाना चाहते थे। पकड़े गए शूटर साहिल निवासी शाहबाद व सुमित निवासी नैना गांव कैथल ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि पांच सितंबर को उन्होंने नीलोखेड़ी क्षेत्र से एक बाइक छीनी थी।
उस बाइक पर सवार होकर पहले उन्होंने कैथल के नैना गांव में जाकर सरपंच के घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद एक होटल में रुके। अगले दिन छह सितंबर को उन्हें एक मैसेज द्वारा कर्ण लेक पर बुलाया गया। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें 30 हजार रुपये दिए और इंद्री में गोली चलाने की लोकेशन दी। इसके बाद उन्होंने इंद्री में जाकर गोली चलाई। जिस व्यक्ति के घर के बाहर गोली चलानी थी वह तंग गली में था, इसलिए उन्होंने उस टी प्वाइंट पर ही गोली चला दी ताकि उस व्यक्ति में दहशत फैले। इसके बाद वह यमुनानगर फरार हो गए।
वहां उन्होंने सड़क किनारे छीनी हुई बाइक छोड़ दी और फिर वापस आ गए। इसके बाद वह दोबारा इंद्री क्षेत्र में 11 सितंबर की सुबह बाइक छीनने के लिए आए थे। फिलहाल शूटरों ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि फायरिंग करवाने वाले बदमाश ने शूटरों को कितने रुपये देने की बात कही थी।
विज्ञापन
ये दोनों शूटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े भानू राणा के शूटर बताए जा रहे हैं। शूटर शाहबाद निवासी साहिल पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट व फायरिंग के मामले अंबाला में दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपी जेल जा चुका है। इन दोनों शूटरों से पुलिस ने दो पिस्तौल, सात गोलियां और पांच खाली खोल बरामद किए थे। दोनों मामले रंगादारी से जुड़े थे। रंगदारी न देने पर ही बदमाश ने दहशत फैलाने के लिए घर के बाहर फायरिंग करवाई थी। दोनों शूटरों को एसटीएफ की टीम ने 11 सितंबर को पकड़ा था। इस दौरान उनकी टांगों में गोलियां लगी थी। उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
विज्ञापन
उस बाइक पर सवार होकर पहले उन्होंने कैथल के नैना गांव में जाकर सरपंच के घर के बाहर फायरिंग की थी। इसके बाद एक होटल में रुके। अगले दिन छह सितंबर को उन्हें एक मैसेज द्वारा कर्ण लेक पर बुलाया गया। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें 30 हजार रुपये दिए और इंद्री में गोली चलाने की लोकेशन दी। इसके बाद उन्होंने इंद्री में जाकर गोली चलाई। जिस व्यक्ति के घर के बाहर गोली चलानी थी वह तंग गली में था, इसलिए उन्होंने उस टी प्वाइंट पर ही गोली चला दी ताकि उस व्यक्ति में दहशत फैले। इसके बाद वह यमुनानगर फरार हो गए।
विज्ञापन
वहां उन्होंने सड़क किनारे छीनी हुई बाइक छोड़ दी और फिर वापस आ गए। इसके बाद वह दोबारा इंद्री क्षेत्र में 11 सितंबर की सुबह बाइक छीनने के लिए आए थे। फिलहाल शूटरों ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि फायरिंग करवाने वाले बदमाश ने शूटरों को कितने रुपये देने की बात कही थी।
विज्ञापन
ये दोनों शूटर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े भानू राणा के शूटर बताए जा रहे हैं। शूटर शाहबाद निवासी साहिल पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट व फायरिंग के मामले अंबाला में दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपी जेल जा चुका है। इन दोनों शूटरों से पुलिस ने दो पिस्तौल, सात गोलियां और पांच खाली खोल बरामद किए थे। दोनों मामले रंगादारी से जुड़े थे। रंगदारी न देने पर ही बदमाश ने दहशत फैलाने के लिए घर के बाहर फायरिंग करवाई थी। दोनों शूटरों को एसटीएफ की टीम ने 11 सितंबर को पकड़ा था। इस दौरान उनकी टांगों में गोलियां लगी थी। उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया था।