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Kurukshetra News: रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी संस्कृति का छाया रंग

Thu, 30 Oct 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Thu, 30 Oct 2025 12:49 AM IST
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The second day of Ratnavali Festival saw the colours of Haryanvi culture.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन हरियाणवी संस्कृति, बोली, संगीत और लोक परंपराओं का शानदार संगम देखने को मिला। ऑडिटोरियम से लेकर ओपन थिएटर और मीडिया चौपाल तक हर मंच पर हरियाणा की मिट्टी की खुशबू और लोक धरोहर की झलक नजर आई। हर मंच से हरियाणवी बोली की मिठास और लोक धरोहर की झंकार सुनाई दी। युवा कलाकारों की ऊर्जा, लोक वाद्यों की थाप और गजलों की मिठास ने रत्नावली को हरियाणवी अस्मिता का जीवंत उत्सव बना दिया।
कलाकारों ने जहां हरियाणवी स्किट, गजल, शॉर्ट मूवी और ऑर्केस्ट्रा में प्रतिभा दिखाई। वहीं मीडिया चौपाल में हरियाणवी बोली और खान-पान पर रोचक चर्चा हुई। छात्र-छात्राओं ने रागनी, लोकगीत, स्किट और गजल जैसी विधाओं में अद्भुत प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। हरियाणवी वेशभूषा, बोली और संगीत की गूंज से पूरा परिसर लोक संस्कृति के रंग में रंग गया।
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मीडिया चौपाल में राज्य मानव अधिकार आयोग के चेयरमैन ललित बतरा ने हरियाणवी संस्कृति पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बोली सबसे मीठी है, यहां का खानपान सात्विक और निराला है। बाजरे की खिचड़ी, चूरमा, लस्सी हरियाणा की पहचान हैं। हरियाणवी भाषा में बात करने का अलग ही आनंद है और अब आईपीएल की हरियाणवी कमेंट्री ने इस बोली को नई पहचान दी है। बतरा ने लोहारू में अपनी तैनाती के समय के अनुभव साझा किए। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने हरियाणवी बोली को भाषा का दर्जा दिलाने का जो बीड़ा उठाया है, वह प्रशंसनीय है। रत्नावली ने हरियाणवी लोक संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया है।
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हरियाणवी स्किट में समाज की कुरीतियों पर प्रहार

ओपन एयर थिएटर में आयोजित हरियाणवी स्किट और चुटकुला प्रतियोगिता में 12 टीमों ने भाग लिया। युवा कलाकारों ने समाज में फैली बुराइयों, विसंगतियों और कुरीतियों पर व्यंग्य करते हुए लोक संस्कृति को जीवंत किया। सफीदों कॉलेज की टीम ने सामाजिक ताने-बाने को दिखाया, राजीव गांधी कॉलेज उचाना ने सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव पर प्रस्तुति दी। वहीं श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी पलवल की टीम ने भ्रष्टाचार पर तीखा व्यंग्य किया। यूटीडी कुरुक्षेत्र की टीम की प्रस्तुति ऑपरेशन सिंदूर को दर्शकों ने खूब सराहा।
शॉर्ट मूवी में दिखा हरियाणा का असली लोकजीवन
सीनेट हॉल में आयोजित शॉर्ट मूवी प्रतियोगिता में युवा फिल्मकारों ने हरियाणवी लोक जीवन को परदे पर उतारा। गवर्नमेंट कॉलेज गुरुग्राम की टीम ने हरियाणा की लोक संस्कृति दिखाई, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद ने हरियाणवी बोली को केंद्र में रखा, जबकि आरकेएसडी कॉलेज कैथल ने पारंपरिक खेलों पर ध्यान केंद्रित किया। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल की टीम ने कौशल और परिश्रम की परंपरा को बखूबी दिखाया।

ऑडिटोरियम में गूंजे लोक वाद्य वृंदों के स्वर

हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा प्रतियोगिता में आरकेएसडी कॉलेज कैथल नारायणगढ़ कॉलेज और डॉ. बीआर आंबेडकर कॉलेज कैथल की टीमों ने जबरदस्त प्रस्तुति दी। ढोलक, चिमटा, खड़ताल, डेरू, गबची, बीन और नगाड़े की थापों ने ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक झूम उठे। नारायणगढ़ कॉलेज की प्रस्तुति के दौरान कई दर्शक सीटों से उठकर नाचने लगे और ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। टीम के छात्र अमनदीप ने बताया कि हमने इस प्रस्तुति के लिए एक महीने तक अभ्यास किया था
हरियाणव क्विज ने जांचा युवाओं का ज्ञान

सीनेट हॉल में आयोजित हरियाणवी क्विज प्रतियोगिता में 21 कॉलेजों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रश्न हरियाणा के इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सामान्य ज्ञान से जुड़े थे। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना पैदा करना था। निर्णायक मंडल में डॉ. वीएम बेचैन शामिल रहे।

हरियाणवी गजल ने बांधा समा
हरियाणवी गजल प्रतियोगिता में विभिन्न कॉलेजों से आए कलाकारों ने अपनी सुरीली आवाज और भावनात्मक अभिव्यक्ति से दर्शकों का दिल जीत लिया। गुरुनानक खालसा कॉलेज, करनाल की प्रस्तुति हल्का हल्का खुमार दिखै सै, मनै तेरी आख्या मैं प्यार दिखै सै... को खूब सराहा गया। राजीव गांधी महिला महाविद्यालय जींद की प्रस्तुति में याद पिया जीम ने घणा रे सतावे सै और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद की तेरे प्यार के बिना या जिंदगी क्यूकर कटै सै...ने सभागार में भावनात्मक माहौल बना दिया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने भोली भोली शान तेरी मने बहुत याद आवे सै...प्रस्तुत की, नारायणगढ़ कॉलेज की प्रस्तुति जिंदगी मन्नै आज फेर सतावे सै पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
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