फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   The rain brought relief from the heat

बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत तो किसानों का बढ़ा दिया सिर दर्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 01:32 AM IST
सार

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। ऐसे में किसानों को चिंता सता रही है कि आखिर उनकी फसल कहीं बर्बाद न हो जाए।
किसान यही कामना भी कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बारिश न हो, जिससे किसानों के धान सुरक्षित रह सके।

विज्ञापन
The rain brought relief from the heat
बरसात - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

भले ही बारिश से तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी से राहत दी, मगर किसानों का सिर दर्द बढ़ा दिया है। जहां खेतों में फसल पककर तैयार है, वहीं अनाज मंडी में भी धान की हजारों क्विंटल आवक हो चुकी है। ऐसे में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विज्ञापन


बुधवार को हुई बारिश से धान कटाई का कार्य भी ठप रहा। हालांकि बारिश होने से पिछले तीन-चार दिन से पड़ रही गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं खेतों में धान पककर तो कुछ अध पकी खड़ी है। यदि मौसम की बेरुखी जारी रही तो किसानों को धान की फसल में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन


मंडी में धान आना शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी तीन दिन तक बारिश के आसार हैं। ऐसे में किसानों को चिंता सता रही है कि आखिर उनकी फसल कहीं बर्बाद न हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसान यही कामना भी कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बारिश न हो, जिससे किसानों के धान सुरक्षित रह सके। वहीं, बाबैन अनाज मंडी में पड़ी किसानों की हजारों क्विंटल धान के खराब होने का अंदेशा पैदा हो गया है। धनानी के किसान सुख श्याम, सोहन चकचानपुर, सुनील रामसरन माजरा, रामपाल ने कहा कि इस मौसम में वर्षा होना किसानों के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। उनका कहना है कि धान के पक जाने के कारण बारिश के साथ आई तेज हवाओं से धान खेतों में बिछ गई है। इस कारण धान में जमाव होने लगा है और जमाव हो गया तो धान का कोई खरीददार नहीं मिलेगा। किसान धान को नुकसान में बेचने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि बाबैन क्षेत्र में आलू बाहुल्य क्षेत्र है। इस कारण क्षेत्र के ज्यादातर किसान अगेती किस्म की धान लगाते है। मांग है कि धान की खरीद शीघ्र शुरू की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed