{"_id":"6600a0a526fc8a27a5006174","slug":"the-political-battle-of-kurukshetra-became-interesting-with-the-experts-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-115758-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: महारथियों संग रोचक हुआ कुरुक्षेत्र का सियासी रण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: महारथियों संग रोचक हुआ कुरुक्षेत्र का सियासी रण
Mon, 25 Mar 2024 03:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 25 Mar 2024 03:22 AM IST
विज्ञापन
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सियासी रण की तस्वीर रविवार देर शाम साफ हो गई है। भाजपा से चुनावी योद्धा के रूप में नवीन जिंदल को टिकट मिलने के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। यहां से इनेलो के अभय चौटाला और इंडिया गठबंधन से डॉ. सुशील गुप्ता पहले से ही मैदान में डटे हैं।
कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र पर सैनी समाज के साथ ही जिंदल परिवार का भी दबदबा रहा है। पहले पिता ओमप्रकाश जिंदल हविपा-भाजपा गठबंधन में हविपा के टिकट पर 1996 में सांसद रह चुके हैं। फिर स्वयं नवीन जिंदल वर्ष 2004 और 2009 में दो बार यहां से कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। अब उनके भाजपा में शामिल होने और यहां से प्रत्याशी घोषित किए जाने से दूसरे दलों के समीकरण गड़बड़ाते दिख रहे हैं। विदित हो कि नवीन जिंदल के भाजपा में शामिल होने और कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ने की अटकलें करीब एक पखवाड़े से चल रही थी, जो रविवार को सही साबित हुई।
अब कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में नवीन जिंदल को जहां अपना राजनीतिक वर्चस्व फिर से कायम करना होगा, वहीं इस क्षेत्र के सांसद और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए भी यह सीट जिताना प्रतिष्ठा का सवाल होगी।
विज्ञापन
उधर, अभय चौटाला को नवीन जिंदल द्वारा वर्ष 2004 के चुनाव में मिली करारी हार का बदला लेने का इस बार मौका होगा। इसी क्षेत्र से अभय चौटाला के पुत्र अर्जुन चौटाला को भी 2019 के चुनाव में शिकस्त मिली थी। ऐसे में अभय चौटाला यहां से जीत दर्ज कर पार्टी को संजीवनी प्रदान कर सकते हैं।
उधर, आम आदमी पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल होने के बाद प्रदेश में केवल यही सीट चुनाव लड़ने के लिए ले पाई है, ऐसे में प्रत्याशी डा. सुशील गुप्ता के साथ ही पार्टी का भी यहां पूरा फोकस होगा। यही नहीं कांग्रेस भी आप को जिताने के लिए यहां एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
बॉक्स
अभय चौटाला व अरोड़ा को हरा कर सांसद बने थे जिंदल
वर्ष 2004 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवीन जिंदल ने इनेलो के अभय चौटाला को मात दी थी। उन्होंने 3,62,054 वोट हासिल किए थे जबकि अभय चौटाला को 2,01,864 वोट मिल पाए थे।
वर्ष 2009 के चुनाव में फिर कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवीन जिंदल ने इनेलो के अशोक अरोड़ा को हराया था। जिंदल ने 3,97,204 वोट हासिल किए थे, जबकि अशोक अरोड़ा को 2,78,475 वोट मिले थे। ऐसे में इस सीट से नवीन लगातार दूसरी बार सांसद बने थे। वर्ष 2014 के चुनाव में जिंदल फिर मैदान में उतरे थे और इस दौरान वे तीसरे नंबर पर रहते हुए 2,87,722 वोट ले पाए थे। इस चुनाव में भाजपा के राजकुमार सैनी 418,112 वोट लेकर सांसद बने थे।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र के सियासी रण की तस्वीर रविवार देर शाम साफ हो गई है। भाजपा से चुनावी योद्धा के रूप में नवीन जिंदल को टिकट मिलने के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। यहां से इनेलो के अभय चौटाला और इंडिया गठबंधन से डॉ. सुशील गुप्ता पहले से ही मैदान में डटे हैं।
कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र पर सैनी समाज के साथ ही जिंदल परिवार का भी दबदबा रहा है। पहले पिता ओमप्रकाश जिंदल हविपा-भाजपा गठबंधन में हविपा के टिकट पर 1996 में सांसद रह चुके हैं। फिर स्वयं नवीन जिंदल वर्ष 2004 और 2009 में दो बार यहां से कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। अब उनके भाजपा में शामिल होने और यहां से प्रत्याशी घोषित किए जाने से दूसरे दलों के समीकरण गड़बड़ाते दिख रहे हैं। विदित हो कि नवीन जिंदल के भाजपा में शामिल होने और कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ने की अटकलें करीब एक पखवाड़े से चल रही थी, जो रविवार को सही साबित हुई।
विज्ञापन
अब कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में नवीन जिंदल को जहां अपना राजनीतिक वर्चस्व फिर से कायम करना होगा, वहीं इस क्षेत्र के सांसद और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए भी यह सीट जिताना प्रतिष्ठा का सवाल होगी।
विज्ञापन
उधर, अभय चौटाला को नवीन जिंदल द्वारा वर्ष 2004 के चुनाव में मिली करारी हार का बदला लेने का इस बार मौका होगा। इसी क्षेत्र से अभय चौटाला के पुत्र अर्जुन चौटाला को भी 2019 के चुनाव में शिकस्त मिली थी। ऐसे में अभय चौटाला यहां से जीत दर्ज कर पार्टी को संजीवनी प्रदान कर सकते हैं।
उधर, आम आदमी पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल होने के बाद प्रदेश में केवल यही सीट चुनाव लड़ने के लिए ले पाई है, ऐसे में प्रत्याशी डा. सुशील गुप्ता के साथ ही पार्टी का भी यहां पूरा फोकस होगा। यही नहीं कांग्रेस भी आप को जिताने के लिए यहां एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
बॉक्स
अभय चौटाला व अरोड़ा को हरा कर सांसद बने थे जिंदल
वर्ष 2004 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवीन जिंदल ने इनेलो के अभय चौटाला को मात दी थी। उन्होंने 3,62,054 वोट हासिल किए थे जबकि अभय चौटाला को 2,01,864 वोट मिल पाए थे।
वर्ष 2009 के चुनाव में फिर कांग्रेस प्रत्याशी रहे नवीन जिंदल ने इनेलो के अशोक अरोड़ा को हराया था। जिंदल ने 3,97,204 वोट हासिल किए थे, जबकि अशोक अरोड़ा को 2,78,475 वोट मिले थे। ऐसे में इस सीट से नवीन लगातार दूसरी बार सांसद बने थे। वर्ष 2014 के चुनाव में जिंदल फिर मैदान में उतरे थे और इस दौरान वे तीसरे नंबर पर रहते हुए 2,87,722 वोट ले पाए थे। इस चुनाव में भाजपा के राजकुमार सैनी 418,112 वोट लेकर सांसद बने थे।