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बहनें बनीं प्रेरणस्रोत और प्राची बन गई जिले की टॉपर
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 23 May 2016 12:43 AM IST
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जिला टाॉपर प्राची काे मिठाई खिलाते परिजन
- फोटो : amar ujala
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अपने से बड़ी दो बहनों के परीक्षा परिणाम से प्रेरणा मिली तो गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा प्राची ने 10वीं कक्षा में जिले की टॉपर में नाम दर्ज कराया। दो बहनों रशमी गर्ग व दिवांशी गर्ग ने अपने समय में बेहतर परिणाम देने को कहा तो प्राची ने उसी दिन से ही उन्हें टक्कर देने की ठान ली। जुनून ऐसा हुआ कि कड़ी मेहनत के बल पर वह जिले में अपनी बहनों से आगे निकल जिला की टॉपर साबित हुई। उसने 96.4 फीसदी अंक हासिल कर अपने स्कूल व माता-पिता का नाम भी रोशन किया। प्राची ने मैथ में 100, म्यूजिक में 100, साईंस में 92, एसएस में 93, अंग्रेजी में 97 व हिंदी में 91 अंक हासिल किए। जिले में टॉपर की सूचना मिलते ही प्राची व उसके परिवार के सदस्य खुशी से झूम उठे और स्कूल स्टाफ व अन्य लोगों ने उसको बधाई दी। प्राची ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने अध्यापकों व परिजनों को दिया।
प्राची का कहना है कि वे तीन बहनें हैं, जिनमें वह सबसे छोटी है। उसे बड़ी बहनें भी जहां हर कक्षा में मेरिट में रही तो उसने भी पढ़ाई को ही अपना ध्येय बना लिया। जिसके चलते उसने 9वीं कक्षा में भी 97 फीसदी अंक हासिल किए। उसके पिता शेयर ब्रॉकर का कार्य करते हैं तो मां गृहणी है। उन्होंने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक इसी स्कूल में पढ़ेगी तो आगे इंजीनियर बनने का अपना सपना पूरा करेगी। प्राची की मां वीना गर्ग व पिता कुलवंत गर्ग ने बताया कि उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को उनकी मर्जी के अनुसार पढ़ाने का निर्णय लिया है। जिसके चलते ही रशमी एम कॉम कर चुकी है तो दिवांशी बीएससी फाईनल ईयर में है। उन्हें अपनी तीनों बेटियों पर गर्व है, जो उनका व स्कूल तथा पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही है।
दिन में कई बार रिजल्ट देखती थी प्राची
जिस दिन से 12वीं कक्षा का परिणाम जारी किया गया, प्राची भी उसी दिन से ही अपना परिणाम जानने के लिए वेेबसाईट पर कई-कई बार जांच करती थी। कड़ी मेहनत के बाद अच्छी परीक्षा के चलते उसे परिणाम आने का बेसब्री से इंतजार था। 12वीं में टॉप रहे विद्यार्थियों के इंटरव्यू वह अखबारों में हर रोज पढ़ती रही, जिसके चलते उसे उम्मीद थी कि उसका भी इंटरव्यू अखबार में अवश्य छपेगा।
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प्राची का कहना है कि वे तीन बहनें हैं, जिनमें वह सबसे छोटी है। उसे बड़ी बहनें भी जहां हर कक्षा में मेरिट में रही तो उसने भी पढ़ाई को ही अपना ध्येय बना लिया। जिसके चलते उसने 9वीं कक्षा में भी 97 फीसदी अंक हासिल किए। उसके पिता शेयर ब्रॉकर का कार्य करते हैं तो मां गृहणी है। उन्होंने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक इसी स्कूल में पढ़ेगी तो आगे इंजीनियर बनने का अपना सपना पूरा करेगी। प्राची की मां वीना गर्ग व पिता कुलवंत गर्ग ने बताया कि उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को उनकी मर्जी के अनुसार पढ़ाने का निर्णय लिया है। जिसके चलते ही रशमी एम कॉम कर चुकी है तो दिवांशी बीएससी फाईनल ईयर में है। उन्हें अपनी तीनों बेटियों पर गर्व है, जो उनका व स्कूल तथा पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही है।
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दिन में कई बार रिजल्ट देखती थी प्राची
जिस दिन से 12वीं कक्षा का परिणाम जारी किया गया, प्राची भी उसी दिन से ही अपना परिणाम जानने के लिए वेेबसाईट पर कई-कई बार जांच करती थी। कड़ी मेहनत के बाद अच्छी परीक्षा के चलते उसे परिणाम आने का बेसब्री से इंतजार था। 12वीं में टॉप रहे विद्यार्थियों के इंटरव्यू वह अखबारों में हर रोज पढ़ती रही, जिसके चलते उसे उम्मीद थी कि उसका भी इंटरव्यू अखबार में अवश्य छपेगा।
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